अध्यात्म
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हमें खुद कर्म करना चाहिए
आज का वेद चिंतन प्रस्तुति : रमेश भैया विनोबा भावे ईशावास्य उपनिषद का तीसरा मंत्र पढ़ते हैं – असुर्या नाम…
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नाना रूप धरा देवी ने
नवरात्रि आ गयी है यानी कि 9 दिनों तक शक्ति की उपासना के लिए देवी के अलग-अलग रूपों की पूजा…
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मुक्ति के लिए कर्म छोड़ने की जरूरत नहीं
आज का वेद चिंतन विचार प्रस्तुति : रमेश भैया ईशावास्य उपनिषद जिजीविषेत् शतं समाः – जिजीविषा यानी जीने की इच्छा।…
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भक्ति प्राप्त करने को मिलता है जन्म
संत विनोबा कहते हैं कि पुंडलीक के उदाहरणसे यह मालूम हो जाता है कि फल-त्याग किस मंजिल तक पहुँचने वाला…
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कर्म करने वाला ही जीने का अधिकारी
संत विनोबा ईशावास्य उपनिषद मंत्र पढ़ते हैं कि कुर्वनेवेह कर्माणि जिजीविषेत् शतम समा: एवं त्वयि नान्यथेतोअस्ति न कर्म लिप्यते नरे*…
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भक्ति ही भक्त का स्वधर्म है
गीता प्रवचन दूसरा अध्याय* 32 फल-त्यागके दो उदाहरणसंतजनों ने अपने जीवनके द्वारा यह बात सिद्ध कर दी है। तुकाराम के…
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जीवन दो भाग त्याग और एक भाग भोग
विनोबा का आज का वेद चिंतन विचार प्रस्तुति : रमेश भैया ईशावास्य उपनिषद अंश तेन त्यकतेन भुनजीथा, यह धर्मसूत्र है…
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त्याग जीवन का मूल तत्व
आज का वेद चिंतन विचार प्रस्तुति : रमेश भैया संत विनोबा ईशावास्य उपनिषद अंश पढ़ते हुए कहते हैं कि ईशावास्यम…
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पूर्ण से पूर्ण की ओर आत्मविकास का सनातन सूत्र
संत विनोबा का आज का वेद चिंतन विचार प्रस्तुति : रमेश भैया ईशावास्य उपनिषद – शांति मंत्र – पूर्णमद: पूर्णमिदम्…
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सत्य – दर्शन कब होगा
आज का वेद चिंतन विचार प्रस्तुति : रमेश भैया संत विनोबा कहते हैं कि ईशावास्य उपनिषद ने कहा है कि…
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