अध्यात्म
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अखंड दर्शन से मोह-शोक नहीं होता
आज का वेद चिंतन विचार प्रस्तुति : रमेश भैया संत विनोबा ईशावास्य उपनिषद के 7वें मंत्र पर कहते हैं कि…
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ज्ञानी सभी को आत्मस्वरूप देखता है
प्रस्तुति : रमेश भैया संत विनोबा ईशावास्य उपनिषद का मंत्र 7 पढ़ते हुए कहते हैं – *यस्मिन सर्वानि भूतानि आतमैवआभ्रद्…
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कर्म वही, परंतु भावना-भेद से आता है अँतर
संत विनोबा गीता प्रवचन करते हुए कहते हैं कि कर्म वही, परंतु भावना-भेद से उसमें अंतर पड़ जाता है। परमार्थी…
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आत्मज्ञानी को होता है अखंड दर्शन
आज का वेद चिंतन प्रस्तुति : रमेश भैया संत विनोबा आत्मज्ञानी के बारे में बताते हुए ईशावास्य उपनिषद अंश का…
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चार धाम कपाट बंद करने की तिथि तय
हरिद्वार। प्रथा के हिसाब से आज विजय दशमी के दिन बद्रीनाथ , केदारनाथ , गंगोत्री और यमनोत्री धाम के कपाट…
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आत्मतत्व : अज्ञानी के लिए दूर, ज्ञानी के लिए पास
प्रस्तुति : रमेश भैया आत्मतत्व के बारे में बताते हुए संत विनोबा ईशावास्य उपनिषद का पांचवा मंत्र पढ़ते हैं –…
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फलत्याग को मिलता है अनंत फल
संत विनोबा कर्मयोग पर कहते हैं कि फलत्याग को अनंत फल मिलता है। भाइयो, गीता के दूसरे अध्याय में हमने…
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प्राण का आधार कभी खंडित नहीं होता
संत विनोबा बताते हैं कि ईशावास्य उपनिषद के अनुसार प्राण का आधार कभी खंडित नहीं होता। इसलिए प्राण तो रहता…
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अष्टशक्तियों की अवधारणा का निहितार्थ
डॉ. चन्द्रविजय चतुर्वेदी शास्त्रों में अष्टशक्तियों का उल्लेख आता है जो अपने वाहनों से शक्ति का संचरण ,सम्प्रेषण करती हैं।…
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प्रकाश से अधिक गति मन की, ईश्वर सबसे गतिवान
आज का वेद चिंतन प्रस्तुति : रमेश भैया विनोबा भावे ईशावास्य उपनिषद काचौथा मंत्र पढ़ते हैं – अनेजदेकं मनसो जवीयः…
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