विनोबा
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अध्यात्म

संकुचित देह-बुद्धि स्वधर्म में बाधक
स्वधर्म हमें इतना सहज प्राप्त है कि हमसे अपने-आप उसका पालन होना चाहिए। परंतु अनेक प्रकार के मोहों के कारण…
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अध्यात्म

ॠजु-बुद्धि का अधिकारी
गीता प्रवचन – विनोबा – पहला अध्याय विनोबा के गीता प्रवचन कीप्रस्तुति : रमेश भैया आगे की सारी गीता समझने…
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अध्यात्म

आज का वेद चिंतन : वेद और बुद्ध
बुद्ध भगवान ने स्पष्ट शब्दों में कहा था : भाइयों *न हि वेरेन वेरानि सम्मन्तीध कुदाचंन। अवेरेन च सम्मन्ति एस…
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अध्यात्म

आज का वेद चिंतन विचार – वेद और ईसाई
ईसाई धर्म के भारत में आने से पहले हिन्दुस्तान में अनेकविध दर्शन विकसित हो गये थे। वेद, उपनिषद, भागवत धर्म,…
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अध्यात्म

आज का वेद चिंतन विचार
नम इडुग्रं नम आ विवासे नमो दाधारं पृथ्वीमुत् द्याम। नमो ने पृथ्वी और स्वर्ग को धारण किया है। नम्रता ही…
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अध्यात्म

आज का वेद चिंतन विचार
ऋग्वेद में कवि की व्याख्या बहुत सुंदर की है। ब्रह्मा देवानाम पदवी:कवीनाम ऋषिविप्राणाम महिशो मृगा नाम श्येनो गृध्रानाम स्वधिती…
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अध्यात्म

आज का वेद चिंतन विचार
ओ शु स्वसार: कारवे श्र्णोत् ययौ वो दुरादनसा सफेद रथेन नि शू नमध्व भवता सुपारा: अधो अक्षा: सिंधव: स्रोत्याभि: 3.3.11…
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अध्यात्म

आज का वेद चिंतन विचार
*वस्त्रा पुत्राय मातरो वयन्ति (5.3.13)* लड़के के लिए माताएं वस्त्र बुन रही हैं। बहने घर में रसोई बनाती हैं, उससे…
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अध्यात्म

ऋषि परंपरा के आधुनिक प्रतिनिधि थे विनोबा : उषा बहन
डॉ पुष्पेन्द्र दुबे, लखनऊ (विनोबा भवन) 12 सितम्बर। भारत अरण्य संस्कृति का देश है। यहां के ऋषि-मुनि संस्कृति के उद्गाता…
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