समाज

  • नेत्रहीन निरक्षर लोगों की अनूठी पहल; कर रहे पौधारोपण

    चार दशक पहले तीन  मित्रों ने लिया था पौधरोपण का संकल्प। उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति के चलतेआज दर्जनों पौधे विशाल वृक्ष का रूप ले लिए हैं इन तीनों साथियों में एक जन्मजात दृष्टिहीन भी हैं। समग्र विकास इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष ब्रज भूषण दुबे सहित मित्रों ने लगाए गए वृक्षों की छांव में बैठकरउनका अभिनंदन किया। नेत्रहीन नगीना ने किया था प्रस्ताव- गाजीपुर जनपद के मनिहारी विकासखंड अंतर्गत बुजुर्गा गांव के जन्मजात नेत्रहीन नगीना यादव ने अपने मित्रबदरू यादव एवं शिवकुमार राम से मन की बात कहते हुए प्रस्ताव रखा कि हम तीनों निरक्षर एवं गरीब परिवारसे हैं।  किसी तीर्थ स्थल पर जा नहीं सकते ऐसे में क्यों ना हम सभी लोग पौधरोपण करें। प्रस्ताव पास हुआ किंतु पौधों को लगाया कहा जाए, फिर तय किया गया कि गांव के पास वाली नहर केकिनारे हम लोग पौधरोपण करेंगे। फिर क्या था गड्ढा खुदा।  कुछ लोगों ने विरोध किया किंतु तीनों की दृढ़ इच्छा शक्ति के आगे कोई रुकावट नहीं आई पहली हरिशंकरीयानि पीपल पाकर बरगद ताड़ के वृक्ष से खोदकर उन लोगों ने लगाया जो आज काफी विशाल रूप ले लियाहै। इसी प्रकार नहर के किनारे एवं खाली जमीन पर उन लोगों ने दर्जनों की संख्या में जामुन आम पीपल बरगदपाकड़ इत्यादि लगाया और उनकी सुरक्षा भी किया अब वे सभी वृक्ष हो गए हैं। समग्र विकास इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष ब्रज भूषण दुबे अपने सहयोगी शोभनाथ यादव अनिल शर्मा, सोन्हूंसिंह यादव उर्फ सुभाष चंद्र बोस, व्याख्याता गुल्लू सिंह यादव एवं साद शेख के साथ तीनों पर्यावरण प्रेमियोंका अंगवस्त्रम देकर सम्मान किया। ब्रज भूषण दुबे ने कहा कि जिन लोगों ने पौधरोपण कर उन्हें हरा भरा किया है हम उनके यहां पहुंच कर  साथियों के साथ सम्मान करेंगे। अब ऐसे लोगों को महिमामंडित करने की जरूरत है जिन लोगों ने कहा नहींबल्कि करके दिखा दिया। इसके पूर्व सामाजिक संगठन द्वारा दर्जनों प्रकृति प्रेमियों को सम्मानित किया जा चुका है तथा जन्मदिन सेलेकर शादी विवाह एवं त्रयोदशाह तक पौधरोपण कराने की परंपरा को जमीनी स्तर पर कायम किया जा रहाहै। समान का कार्यक्रम बुजुर्गा गांव में नहर के किनारे तीनों पर्यावरण प्रेमियों द्वारा रोपित किए गए वृक्षों के नीचेकिया गया।  ब्रज भूषण दुबे , राष्ट्रीय अध्यक्ष- समग्र विकास इंडिया, ग्राम व पोस्ट यूसुफपुर क्षेत्र मनिहारी जनपद गाजीपुर उत्तर प्रदेश। 

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  • बनारस में कोरोना वैक्सीन लगवाने पहुंचे 125 साल के बुजुर्ग

    आधार कार्ड से मिली जानकारी के अनुसार स्वामी शिवानंद नामक ये बुजुर्ग 8 अगस्त 1896 में जन्में हैं और फिलहाल…

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  • कोविड चिकित्सा प्रोटोकोल

    कोविड-19 की चिकित्सा : बार बार क्यों बदल रहा प्रोटोकॉल?

    एक ओर तो यह कहा जा रहा है रोगियों को केवल वही दवाएं दी जानी चाहिए जो इविडेंस-बेस्ड प्रमाणित हों,…

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  • वात रोग

    समझिए वात दोष को, इसी से होती हैं सबसे अधिक बीमारियाँ!!

    जब शरीर में वात अधिक असंतुलित होता है तो शरीर में वात से संबन्धित रोग होते हैं, जब पित्त अधिक…

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  • HCQ

    स्वास्थ्य के बाजार पर एकाधिकार और बदलता प्रोटोकाल

    कोरोना कोविड महामारी की चिकित्सा में उपयोग की जा रही औषधियों का प्रोटोकाल कल फिर बदल गया।जो चिकित्सकों से पहले…

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  • mulethi sehat ka bhajana

    मुलेठी मेँ छिपा है सेहत का खजाना

    मुलेठी एक सर्वसुलभ एवं सुपरिचित वनस्पति है जिसे संस्कृत भाषा में यष्टिमधु के नाम से जाना जाता है। जिसकी जड़…

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  • नीम है मणि, इसका हर अंग है औषधि

    निम्ब: शीतो लघुर्ग्राही कटुपाकोsग्निवातनुगत। अहृद्य: श्रमत्रिट्कासज्वरारुचिकृमिप्रणुत। व्रणपित्तकफ़चछर्दिकुष्ठहृल्लासमेहनुत॥ निम्बपत्रम स्मृतम नेत्रयम कृमिपित्तविषप्रणुत। निम्बफलम रसे तिक्तम पाके तु कटुभेदनम। स्निग्धम लघूग्णम कुष्ठघ्नम गुलमार्श:कृमिमेहनुत॥ ​अर्थात, नीम शीतवीर्य, लघु, ग्राही, पाक…

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  • बनारस में गंगा जी का जल हरा हो गया

    गंगा में निर्माण से बनारस और गंगा का भविष्य डराने वाला है

    बनारस गंगा जल प्रदूषण

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  • श्रमिक अपनी बारी के इंतज़ार में

    कोरोना त्रासदी : समूचे तंत्र की सर्जरी की आवश्यकता

    देश के अत्यंत कमजोर शासकीय स्वास्थ ढांचे पर प्रथम बार इतनी तीव्रता के साथ ध्यान आकर्षित हुआ है. रोजगार ,आय…

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  • बनारस में सूना पड़ा आयुर्वेद संकाय

    भारत में आयुर्वेद का शोर और सच

    एक दवा बनाने वाली कम्पनी कोरोना जैसे संवेदनशील महामारी की दवा बनाती है,उसे मंत्रियों की उपस्थिति में सीधे पब्लिक के…

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