प्रमुख खबरें
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Transformational Leadership; Need of the hour
Abstract Dr.R.D.Mishra Director,Greater Noida ProductivityCouncilFrm Director & Head,National Productivity Council, GOI Transformational Leadership is the need of hour to accept…
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नेपाल में प्रदेश नंबर पांच हुआ लुंबिनी, राजधानी हुआ दांग
प्रदेशों के राजधानी मुख्यालय चयन में सत्ता पक्ष की राजनीतिक दृष्टि काठमांडू। नेपाल में प्रदेशों की राजधानी और उसके नामकरण…
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डॉ. सूर्यकांत और टीम ने तैयार किया आइवरमेक्टिन श्वेतपत्र
विश्व स्वास्थ्य संगठन की वेबसाइट पर किया गया प्रदर्शित डॉ. सूर्यकांत, रेस्पाइरेटरी मेडिसिन, केजीएमयू आइवरमेक्टिन 40 वर्ष से भी अधिक…
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अथर्ववेद में लोकतंत्र की व्याख्या
डॉ. चन्द्रविजय चतुर्वेदी वैदिक काल में राजा का बेटा ही राजा होगा, ऐसा नहीं था। यह अथर्ववेद के एक मन्त्र…
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कई बड़े नाम शामिल हैं असम के प्रश्नपत्र घोटाले में
प्रभाकर मणि तिवारी असम में पुलिस अफसरों की नियुक्ति की परीक्षा के पेपर लीक होने के मुद्दे पर घमासान तेज…
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THE RDT SHOW : हाथरस कांड सुप्रीम कोर्ट कैसे पहुँचा?
इस शो में बीबीसी के पूर्व संवाददाता राम दत्त त्रिपाठी सम सामयिक विषयों पर चर्चा करते हैं. उनसे बात करते…
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हाथरस कांड : सबूत मिटाने और धमकाने पर मुक़दमा कब होगा?
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आशंका है कि हाथरस कमंडल के पीछे कोई अंतरराष्ट्रीय साज़िश है . इस…
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किसानों से अरबों रूपये की लूट बंद हो -डॉ सुनीलम
किसंस ने किया केंद्र सरकार का पर्दाफाश किसान संघर्ष समिति के कार्यकारी अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक डॉ सुनीलम ने बताया…
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बाबरी विध्वंस : सुप्रीम कोर्ट, लिब्रहान और सेशंस कोर्ट के निष्कर्ष में अंतर क्यों?
बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में सेशंस कोर्ट ने पिछले हफ़्ते सभी अभियुक्तों को बाइज़्ज़त बरी कर दिया . अदालत ने कहा यह घटना सुनियोजित नहीं थी . अदालत ने इस कांड के लिए अराजक तत्वों को ज़िम्मेदार बताया. लाल कृष्ण आडवाणी के बारे में अदालत ने कहा कि वह मस्जिद को बचाने की कोशिश कर रहे थे जबकि वह बाबरी मस्जिद के ख़िलाफ़ आंदोलन के अगुआ थे . इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में इसे आपराधिक कृत्य बताया था और जस्टिस लिब्रहान जॉंच आयोग ने सुनियोजित षड्यंत्र. पढ़िये वरिष्ठ पत्रकार राम दत्त त्रिपाठी का विश्लेषण. छह दिसम्बर बानवे को अयोध्या में बाबरी मस्जिद विध्वंस कुछ अराजक तत्वों द्वारा अचानक हुई घटना थी अथवा यह की सालों के सुनियोजित और संगठित प्रयास का परिणाम था? इतिहास में यह सवाल हमेशा पूछा जाएगा. हमारे वेदों में कहा है कि सत्य का मुख सोने के पात्र से ढका हुआ होता है. सत्य की खोज श्रमसाध्य एवं अनवरत चलने वाली प्रक्रिया है. सत्य अलग अलग कोण से अलग दिखता और देखने वाले की नज़र से भी. बाबरी मस्जिद बनाम राम जन्मभूमि प्रकरण में मैं एक दर्शक रहा हूँ. चालीस साल से प्रत्यक्ष और उसके पहले का फ़ाइलों और पुस्तकों के ज़रिए. वास्तव में यह कहानी दिसम्बर उनचास से शुरू होती है, जब रात में पुलिस के पहरे में मस्जिद में भगवान राम की मूर्तियाँ प्रकट हुईं. अथवा जैसा कि पुलिस रपट में है कि चोरी से रखकर मस्जिद को अपवित्र कर दिया गया. विवादित बाबरी मस्जिद अयोध्या एक धर्म के लोगों द्वारा जबरन दूसरे धर्म के प्रार्थना गृह में क़ब्ज़ा. लेकिन सी बी आई उतना पीछे नहीं गयी. सी बी आई की कहानी पिछले शिलान्यास के आसपास शुरू होती है. चार्जशीट में उल्लेख किया गया कि हाईकोर्ट ने …
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‘स्टेंडर्ड औपरेटिंग प्रोसीजर’
यदि बी. पी. आर. ऐंड डी. (ब्यूरो औफ़ पुलिस रिसर्च ऐंड डेवलपमेंट) देश में शांति-व्यवस्था भंग होने के विभिन्न प्रकरणों मेंं की गई कार्यवाही…
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