प्रमुख खबरें

  • sundar Lal Bahuguna

    जोशीमठ त्रासदी पर सुंदर लाल बहुगुणा की याद

               विनोद कोचर  उत्तराखंड में चमोली जिले के जोशीमठ में  जमीनें फट रही हैं, पहाड़ खिसक रहे हैं,  जमीन से पानी के स्रोतफूट रहे हैं। ऐसे में पर्यावरणविद सुंदरलाल बहुगुणा की यादें फिर से ताजा हो गई हैं।  मत प्रकृति अंग पर कर प्रहार’ यह शत्रु नहीं, जननी उदार!!          आज नौ जनवरी को उनका जन्मदिवस है और जोशीमठ सहित पहाड़ों में विकास के नाम पर किए जा रहेनिर्माण कार्यों के खिलाफ फिर से बड़े आंदोलन की जरूरत महसूस होने लगी है क्योंकि विकास के नाम परजिस तरह से पहाड़ों का सीना चीरा जा रहा है,धरती के नीचे लंबी लंबी विशालकाय सुरंगें खोदी जा रही हैं, प्रकृति के साथ बलात्कारकिया जा रहा है, उसके खिलाफ समय समय पर बहुगुणाजी आंदोलन करते रहे।      आज उनकी जन्मतिथि पर एक बार फिर से उत्तराखंड के पर्यावरण को बचाने के लिए एक बड़े आंदोलन कीजरूरत महसूस की जा रही है।             …

    Read More »
  • kumbh Prayagraj 2013

    स तीर्थराजो जयति प्रयागः –एक 

    डा चन्द्रविजय चतुर्वेदी भारतीय संस्कृति की विशिष्टता प्रकृति के साथ तादात्म्य है |भारतीय मानस में गंगा -यामुना जैसी नदियों के…

    Read More »
  • जोशी मठ में दरारों से डेयर सहमे लोग

    क्यों डरे सहमें हैं जोशीमठ के लोग

    अखिलेश पाण्डेय जोशीमठ कस्बे के लोग किसी बड़ी अनहोनी की आशंका से डरे सहमे हुए हैं। लगभग 14 महीनों से…

    Read More »
  • गोवा में कल्पवास

    कई मित्रों ने यह जानने की उत्सुकता ज़ाहिर की है कि भला मैं गोवा में क्या कर रहा था ?  एक शब्द में कहूँ मैं गोवा में कल्पवास कर रहा था , यानी प्रकृति के बीच रहते हुए आहार और सेहत पर एक कार्यशाला अटेंड कर रहा था.  राम दत्त त्रिपाठी इसका आयोजन एक पत्रकार मित्र ने ही किया था  और प्रशिक्षक ग़ाज़ियाबाद दिल्ली से आयी थीं . सबसे जरूरी बात यह कि हम गोवा के मडकई गॉंव के जिस कैम्पस में टिकाये गये वह एक छोटे से गाँव में यह कैम्पस अद्भुत है . यहॉं तरह -तरह के पेड. पौधे वनस्पतियाँ हैं . आम , जामुन , नारियल , सुपारी , तेज पत्ता . इलायचीऔर काली मिर्च आदि आदि. इसलिए हवा में औषधियॉं . जैसे कभी लोग नैनीताल के भुवाली में स्वास्थ्य लाभके लिए जाते थे. इसलिए यहाँ रहना प्रयागराज के कल्पवास जैसा ही कहा…

    Read More »
  • 15th Century image of Lord Ram

    राम होने का मतलब : सबके राम

      राम दत्त त्रिपाठी , वरिष्ठ पत्रकार आज राम का नाम लेने वाले तो बहुत हो गये हैं लेकिन बहुतों को पता ही नहीं राम होने का मतलब क्या होता है? वरिष्ठ पत्रकार राम दत्त त्रिपाठी का लेख  हिन्दू या वैदिक धर्म की सबसे बड़ी खूबी है कि इंसान को अंतरात्मा की पूरी आज़ादी है . वह ईश्वर को माने ,या न माने जिस रूप में चाहे उस रूप में माने , कोई उसे धर्म से बाहर नहीं कर सकता . उसमें विचारों पर पहरा नहीं है . मुंडे मुंडे मतिर्भिन्ना .  उपनिषद भी सवाल जवाब को प्रोत्साहित करते हैं . यहॉं तक कि बालक नचिकेता को यमराज से सवाल करने में भी डर नहीं लगता . …

    Read More »
  • 19 दिसंबर, 2022: गोवा की आजादी के 61 साल

    18 दिसंबर 1961 को भारतीय सैन्यबलों का हस्तक्षेप हुआ, 19 दिसंबर को 451 साल बाद सालाझारशाही का अंत हुआ तथा…

    Read More »
  • नीतीश कुमार ने बिहार में शराब बंदी लागू कर रखी है

    बोली एक अमोल: जो ऐसी पिएगा, वह कैसे जियेगा!

    के. विक्रम राव नीतीश कुमार के दोनों बयानों की तारीफ होनी चाहिए। पहला ये कि  जो शराब पिएगा, वह तो…

    Read More »
  • केदारनाथ भूस्खलन

    पर्यावरण विनाश के मूल में कंपनी और सरकार का भ्रष्टाचार  

    राम दत्त त्रिपाठी , वरिष्ठ पत्रकार बड़ी कंपनियों और सरकारों का मिला जुला भ्रष्टाचार दुनिया के पर्यावरण को बर्बाद करने…

    Read More »
  • Chinese Tea Garden

    चाय का सफ़र कैसे शुरू हुआ!

    क़रीब साढ़े चार हज़ार साल पहले चाय का सफ़र कैसे शुरू हुआ? पढ़िए एक दिलचस्प कहानी डा अरविंद चतुर्वेदी की…

    Read More »
  • इलेक्ट्रॉनिक मीडिया

    आने वाले दिनों की डगर आसान नहीं है मिस्टर मीडिया

    राजेश बादल राजेश बदल इन दिनों सोशल मीडिया के बड़े प्लेटफ़ार्म्स पर इन दिनों संकट के बादल हैं, जिन्हें मालिकान…

    Read More »
Back to top button