संस्कृति
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भारतरूपी यज्ञशाला के चार वेद-द्वार हैं चतुष्पीठ
जब किसी यज्ञशाला का निर्माण होता है तो उसकी चारों दिशाओं में चार वेदों की स्थापना की जाती है। भगवान्…
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कोरोना से मौतों के गवाह बने पीपल के पेड़
मगर सरकार को समझना चाहिए कि यह समय सचाई को नकारने का नहीं बल्कि उसे स्वीकार कर कोरोना वायरस से…
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प्रकृति में सब बराबर हैं और उससे छेड़छाड़ करने का परिणाम हम सब भुगतेंगे
मंजुल भारद्वाज ने साल 1992 में द एक्सपेरिमेंटल थियेटर फाउंडेशन की स्थापना की थी जो थिएटर आफ रेलेवेंस के सिद्धांत पर आधारित है।उसके…
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उखड़ती साँसों के बीच ऑक्सीजन की तलाश
, व्यवस्था से इस देश का कद कहीं बड़ा है. सोनू सूद, श्रीनिवास, दिलीप पांडे, कुमार विश्वास, ममता भयाना जैसे…
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महाकाल की महाशक्ति –महाकाली की वैज्ञानिकता
डा चन्द्रविजय चतुर्वेदी ,प्रयागराज महाकाल की महाशक्ति महाकाली के सम्बन्ध में कालीतंत्र में कहा गया है — शवारुढा महाभीमा घोरदृष्टां…
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मेरे प्यारे गाँव तुम मेरी रूह में धंसी हुई कील हो…!!
गाँव की पुरानी गढ़ी के अंदर वाली बेरियों के बेरों का स्वाद अब भी जबान पर है और वहां उड़ते…
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गंगा स्वच्छता पखवाड़ा : उत्तरकाशी में देवदार के पौधों का वृक्षारोपण
देशभर में नमामि गंगे, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन, जलशक्ति मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा 16 मार्च से 31 मार्च तक…
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हरिद्वार कुम्भपर्व — अमृतत्व का सांस्कृतिक महोत्सव
कुम्भपर्व का गूढ़ार्थ वह मूल चेतना है जो युगयुगीन राजनैतिक झंझावातों के बाद भी विकृत नहीं हो सका। सांस्कृतिक एकता…
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मर्यादापुरुषोत्तम श्रीराम और रामराज्य
"राम” शब्द की अनुभूति, विचार और स्मृति से हृदय और मस्तिष्क की शुद्धता का मार्ग प्रशस्त होता है; धर्म पालन…
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महाशिवरात्रि पर्व –रूद्र और शिव के समन्वित स्वरूप हैं देवाधिदेव महादेव
लोकजीवन में शिव भोलेशंकर अवढर दानी के रूप में पूजित हैं। शिव के भोलेपन का दुरपयोग करके लोकजीवन में गंजेड़ी…
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