विनोबा
-
अध्यात्म

हमें खुद कर्म करना चाहिए
आज का वेद चिंतन प्रस्तुति : रमेश भैया विनोबा भावे ईशावास्य उपनिषद का तीसरा मंत्र पढ़ते हैं – असुर्या नाम…
Read More » -
प्रमुख खबरें

निर्मला देशपाण्डे ग्राम स्वराज्य की जीती-जागती प्रतिबिम्ब थीं
समाज में व्याप्त समस्याओं के निराकरण के लिए अपना जीवन समर्पित करना कठिन कार्य होता है दूसरों के लिए जीना…
Read More » -
Uncategorized

‘स्थितप्रज्ञ’ गीता की आदर्शमूर्ति
गीता प्रवचन दूसरा अध्याय संत विनोबा कहते हैं कि शास्त्र भी बतला दिया, कला भी बतला दी, किंतु इतने से…
Read More » -
अध्यात्म

कर्म करने वाला ही जीने का अधिकारी
संत विनोबा ईशावास्य उपनिषद मंत्र पढ़ते हैं कि कुर्वनेवेह कर्माणि जिजीविषेत् शतम समा: एवं त्वयि नान्यथेतोअस्ति न कर्म लिप्यते नरे*…
Read More » -
अध्यात्म

जीवन दो भाग त्याग और एक भाग भोग
विनोबा का आज का वेद चिंतन विचार प्रस्तुति : रमेश भैया ईशावास्य उपनिषद अंश तेन त्यकतेन भुनजीथा, यह धर्मसूत्र है…
Read More » -
अध्यात्म

त्याग जीवन का मूल तत्व
आज का वेद चिंतन विचार प्रस्तुति : रमेश भैया संत विनोबा ईशावास्य उपनिषद अंश पढ़ते हुए कहते हैं कि ईशावास्यम…
Read More » -
अध्यात्म

सत्य – दर्शन कब होगा
आज का वेद चिंतन विचार प्रस्तुति : रमेश भैया संत विनोबा कहते हैं कि ईशावास्य उपनिषद ने कहा है कि…
Read More » -
अध्यात्म

फल की बजाय प्रत्यक्ष कर्म में आनंद
गीता प्रवचन दूसरा अध्याय प्रस्तुति : रमेश भैया संत विनोबा गीता प्रवचन में कहते हैं कि यदि निष्काम कर्म की…
Read More » -
अध्यात्म

विज्ञान और आत्मज्ञान का समन्वय जरूरी
विनोबा का आज का वेद चिंतन प्रस्तुति : रमेश भैया ईशावास्य उपनिषद बताता है कि पश्चिम में व्यूह और भारत…
Read More » -
अध्यात्म

एकाग्रता और समग्रता
विनोबा का आज का वेद चिंतन विचार प्रस्तुति : रमेश भैया मैं अक्सर कहता हूं कि चित्त की एकाग्रता कौन…
Read More »




