एक ख़तरनाक मुठभेड़ की रोंगटे खड़ी करने वाली कहानी और कानपुर में क्या चूक हुई?

क्या उत्तर में एक पूर्णकालिक गृहमंत्री की ज़रूरत है?

ग्यारह साल पहले बाँदा के जमौली गाँव में घनश्याम केवट गैंग से लाइव मुठभेड़ में चार पुलिस कर्मचारी शहीद हुए और दो अफ़सर घायल, इसके बाद तत्कालीन एडीजी लॉ ऐंड ऑर्डर ने हेलिकोपटर से पहुँच कर स्वयं पुलिस बल की अगुआई की और घनश्याम केवट को मारा जा सका. इसको देखते हुए क्या कानपुर में हाल की घटना में पुलिस से कोई चूक हुई? क्या उत्तर प्रदेश को एक पूर्णकालिक गृहमंत्री की ज़रूरत है. बृजलाल से बीबीसी के पूर्व संवाददाता राम दत्त त्रिपाठी की बातचीत.

मुठभेड़ का लाइव वीडियो यहाँ https://mediaswaraj.com/police_live_encounter_brijlal/

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