प्रमुख खबरें
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AI और रोजगार का संकट: क्या भारतीय मजदूर खुद ही अपनी कब्र खोद रहे हैं?
राम दत्त त्रिपाठी हमने सुना था कि दो ढाई सौ साल पहले ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के व्यापारियों ने भारत…
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AI और सोचना: क्या हमारा दिमाग जंग खा रहा है? | ChatGPT और रचनाशीलता पर प्रभाव
विजय तांबे, सेवाग्राम, वर्धा आपके मन में कोई सवाल उठता है। आप उसे एक ही नज़रिए से नहीं, अलग-अलग दृष्टिकोणों…
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस AI और विषमता: अमीर-गरीब की बढ़ती खाई
विजय तांबे, सेवाग्राम, वर्धा किसी भी देश में अमीर, कम अमीर, मध्यमवर्गीय, गरीब और बहुत गरीब — सब रहते हैं।…
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सत्याग्रह का आधुनिक महत्व: गांधी के अहिंसात्मक संघर्ष की प्रासंगिकता
महात्मा गांधी द्वारा प्रतिपादित सत्याग्रह यानी अहिंसात्मक प्रतिरोध और सत्य की शक्ति आज भी उतनी ही प्रासंगिक है। इसका मूल…
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भूजल का संकट: हम भविष्य की पीढ़ियों से ‘जल उधार’ ले रहे हैं
प्रसिद्ध भूवैज्ञानिक Dr. V. M. Tiwari ने चेतावनी दी है कि उत्तर भारत हर वर्ष 30 घन किलोमीटर भूजल खो…
Read More » How to Contribute to Media Swaraj मीडिया स्वराज को कैसे सहयोग करें
Please help Media Swaraj financially to sustain independent public service journalism. Thanks स्वतंत्र और जनहित पत्रकारिता के लिए कृपया मीडिया…
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Sevagram Ashram: Gandhi’s Laboratory of Non-Violence That Shaped India’s Freedom
In a significant paradigm shift, Gandhi resigned from the Congress in 1934 to focus solely on the upliftment of Indian…
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बनारसीदास चतुर्वेदी: गिरमिटिया मजदूरों की आवाज और हिंदी पत्रकारिता के पुरोधा
स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद बनारसीदास जी शहीदों की स्मृति रक्षा के लिए लगातार सक्रिय रहे. उन्होंने शहीदों की स्मृति रक्षा…
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धर्म की राजनीति और चुनाव आयोग: क्या संविधान को बचाने की इच्छाशक्ति है?
आज देश एक वैचारिक संघर्ष के दौर में है — एक तरफ ‘हिंदू राष्ट्र’ की विचारधारा, दूसरी तरफ ‘धर्मनिरपेक्ष संवैधानिक…
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