पर्यावरण
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काशी में गंगा के अस्तित्व पर ख़तरा
भारत की सांस्कृतिक राजधानी काशी – वाराणसी अथवा बनारस में पिछले एक साल से गंगा नदी में कई निर्माण चल…
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बिज़नेस के लिए गंगा और बनारस की तबाही
बनारस में गंगा नदी पर बॉध और दूसरी तरफ़ रेती में नहर बनाने से भयावह परिणाम हो सकते हैं .…
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पक्षियों पर मोबाइल टावरों का प्रतिकूल प्रभाव
संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा 5 जून 1974 को अमरीका की मेज़बानी में पहला विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया था, तब…
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बनारस में गंगा की अविरलता और निर्मलता के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल में याचिका
वाराणसी में मोक्षदायिनी गंगा की अविरलता को बरकरार रखनें व गंगाजल में गिर रहे सिवेज पर रोक लगानें के लिए…
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प्रकृति के बिना मानव जीवन संभव नहीं ,पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली आवश्यक
पारिस्थितिक असंतुलन का सबसे मुख्य कारण मानवीय क्रियाकलाप हैं जिसके कारण विभिन्न प्रकार के जीव-जंतु एवं पौधे विलुप्त हो रहे…
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जीवन का ताना बाना –the web of life
विश्व पर्यावऱण दिवस पर –लगभग डेढ़ सौ वर्ष पूर्व लिखी एक आदिवासी सरदार की कविता — जीवन का ताना बाना…
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बनारस में क्यों हरा हुआ गंगा का पानी!
बनारस के घाटों पर गंगा जी का पानी हरा हुआ देखकर लोगों में चिंता और भय व्याप्त हो रहा है…
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