
(मीडिया स्वराज डेस्क )
प्रयागराज, 30 मई। लेखपाल भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों को लेकर प्रयागराज में निकाले गए कैंडल मार्च के बाद प्रतियोगी छात्रों ने आंदोलन को प्रदेश व्यापी बनाने का फैसला किया है। छात्र संगठनों ने 12 जून को राजधानी लखनऊ में बड़े प्रदर्शन का आह्वान करते हुए कहा है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेश भर के अभ्यर्थी आंदोलन में शामिल होंगे।
‘संयुक्त प्रतियोगी छात्र हुंकार मंच’ के बैनर तले आयोजित बैठक में छात्र नेताओं ने कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, समयबद्धता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए अब राज्य स्तर पर दबाव बनाया जाएगा। उनका कहना है कि वर्षों से भर्ती परीक्षाओं को लेकर उठ रहे विवादों और देरी से प्रतियोगी युवाओं में व्यापक असंतोष है।
कैंडल मार्च से शुरू हुआ आंदोलन का नया चरण
गौरतलब है कि 29 मई को प्रयागराज में सैकड़ों प्रतियोगी छात्रों ने मनमोहन पार्क से चंद्रशेखर आजाद पार्क तक कैंडल मार्च निकाला । प्रदर्शनकारी छात्रों ने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, निष्पक्ष जांच और विवादित परीक्षाओं के संबंध में स्पष्ट कार्रवाई की मांग उठाई ।
मार्च के दौरान छात्रों ने “धांधली नहीं चलेगी”, “री-एग्जाम कराओ” और “स्कोरकार्ड जारी करो” जैसे नारे लगाए। बड़ी संख्या में प्रतियोगी छात्रों के साथ कुछ शिक्षक और छात्र संगठनों से जुड़े लोग भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए।
छात्र नेताओं का कहना है कि कैंडल मार्च केवल प्रतीकात्मक विरोध था। यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो अब आंदोलन को प्रदेश स्तर पर ले जाया जाएगा।
भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर छात्रों की चिंता
प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि विभिन्न भर्ती परीक्षाओं को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं, जिससे युवाओं का भरोसा प्रभावित हुआ है। उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रियाओं में देरी, परीक्षा विवाद, लंबी जांच और न्यायिक प्रक्रियाओं के कारण हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य अनिश्चितता में फंस जाता है।
छात्रों ने कहा कि ग्रामीण और साधारण परिवारों से आने वाले अभ्यर्थी वर्षों तक तैयारी में अपना समय, संसाधन और ऊर्जा लगाते हैं। ऐसे में भर्ती प्रक्रियाओं में होने वाली देरी और विवाद उनके लिए आर्थिक और मानसिक दबाव का कारण बनते हैं।
12 जून को ‘लखनऊ चलो’ अभियान
छात्र नेताओं ने घोषणा की है कि 12 जून को प्रदेश भर के प्रतियोगी छात्र राजधानी लखनऊ में जुटेंगे। उनका कहना है कि ‘लखनऊ चलो’ अभियान के तहत भर्ती बोर्डों और शासन के समक्ष अपनी मांगों को मजबूती से रखा जाएगा।
छात्र संगठनों का दावा है कि प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी इस कार्यक्रम में भाग लेंगे। उनका कहना है कि यह आंदोलन केवल एक भर्ती परीक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य से जुड़ा सवाल है।
हालांकि छात्रों के आरोपों और प्रस्तावित आंदोलन को लेकर संबंधित भर्ती संस्थाओं अथवा राज्य सरकार की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
प्रयागराज में लेखपाल वि अन्य प्रतियोगी परीक्षार्थियों का कैंडल मार्च



