किसान आधे दाम में फसल बेचने को मजबूर

लखनऊ। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) – माकपा उत्तर प्रदेश राज्य सचिव मण्डल ने एक प्रेस बयान में कहा है कि प्रदेश का किसान अपना धान सरकार द्वारा तय न्यूनतम समर्थन मूल्य के आधे दाम पर बेचने के लिए मजबूर हो रहा है और सरकार किसान हितैषी होने का गाल बजा रही है।

किसानों का धान बाजार में हजार रूपये एवं ग्यारह सौ रूपये कुंतल बिक रहा है। सरकारी क्रय केन्द्रों का अता-पता नहीं है।

उप्र सरकार पराली जलाने वाले किसानों को दंडित करने के लिए बेहद सतर्क है, इसके लिए सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं, किन्तु किसानों के धान बिक्री के लिए क्रय केन्द्रों को खोलने की बिल्कुल चिंता सरकार को नहीं है।

माकपा सचिव मण्डल ने कहा है कि एम.एस.पी. के अस्तित्व में रहने के बावजूद जब यह स्थिति है तो एम.एस.पी. को खत्म करने वाली मोदी सरकार द्वारा पास कराये गये काले कानूनों के लागू होने के बाद किसानों की क्या स्थिति होगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।

माकपा सचिव मण्डल ने तत्काल सभी जनपदों में क्रय केन्द्र खोलने और एम.एस.पी. के अनुसार धान खरीद सुनिश्चित करने की मांग की है।

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