आज की राजनीति के लिए कर्पूरी ठाकुर की 5 बड़ी सीखें

आज जब भारतीय राजनीति व्यक्तित्व, प्रचार और सत्ता प्रबंधन के इर्द-गिर्द घूमती दिखाई देती है, तब कर्पूरी ठाकुर का जीवन एक वैकल्पिक राजनीति का खाका पेश करता है।

वे केवल दो बार बिहार के मुख्यमंत्री नहीं थे—वे सामाजिक न्याय की राजनीति के प्रयोगकर्ता थे।

यहाँ हैं आज की राजनीति के लिए कर्पूरी ठाकुर की 5 बड़ी सीखें:

1️⃣ सत्ता नहीं, सिद्धांत केंद्र में हों

कर्पूरी ठाकुर ने पद को लक्ष्य नहीं, साधन माना।

मुख्यमंत्री बने, लेकिन सादगी नहीं छोड़ी।

आज जब राजनीति में दल-बदल और अवसरवाद आम है, उनकी राजनीति याद दिलाती है—

विचारधारा के बिना सत्ता टिकाऊ नहीं होती।

2️⃣ सामाजिक न्याय भाषण नहीं, नीति से आता है

उन्होंने पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण लागू किया।

यह कदम केवल प्रशासनिक आदेश नहीं था, बल्कि सामाजिक शक्ति-संतुलन को बदलने की कोशिश थी।

आज जब जाति जनगणना और प्रतिनिधित्व पर बहस हो रही है, कर्पूरी मॉडल हमें बताता है—

समान अवसर बिना नीतिगत हस्तक्षेप के संभव नहीं।

3️⃣ आंदोलन और प्रशासन का संतुलन

1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में जेल गए, 28 दिन अनशन किया।

बाद में सत्ता में आकर उसी ऊर्जा को नीति में बदला।

उनका संपर्क जयप्रकाश नारायण और राममनोहर लोहिया जैसे समाजवादी नेताओं से रहा।

उन्होंने आंदोलन की भाषा को शासन की भाषा में बदला।

आज के नेताओं के लिए यह बड़ी सीख है—

सड़क और सदन के बीच पुल बनाना ही असली नेतृत्व है।

4️⃣ सादगी भी राजनीतिक ताकत होती है

वे निजी वैभव से दूर रहे।

न कोई दिखावा, न संपत्ति का प्रदर्शन।

आज जब राजनीति में वैभव शक्ति का प्रतीक बन गया है, कर्पूरी ठाकुर साबित करते हैं—

नैतिक पूंजी भी राजनीतिक पूंजी हो सकती है।

5️⃣ संगठन को व्यक्ति से ऊपर रखना

उन्होंने कई बार व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से समझौता कर संगठनात्मक एकता को प्राथमिकता दी।

1960 के दशक में समाजवादी एकीकरण में उनकी भूमिका निर्णायक रही।

यह आज के दलों के लिए महत्वपूर्ण है—

व्यक्ति नहीं, विचार और संगठन स्थायी होते हैं।

क्यों आज फिर प्रासंगिक हैं कर्पूरी ठाकुर?

• जब राजनीति में वैचारिक संकट दिखता है

• जब सामाजिक न्याय पर बहस तीखी होती है

• जब सादगी दुर्लभ लगती है

कर्पूरी ठाकुर की राजनीति हमें याद दिलाती है—

लोकतंत्र केवल चुनाव नहीं, चरित्र की भी परीक्षा है।

नोट : कर्पूरी ठाकुर की पुण्य तिथि पर विशेष

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