समाज

  • Photo of आयुर्वेद  में 80 प्रकार के वात रोग

    आयुर्वेद में 80 प्रकार के वात रोग

    आयुर्वेद के चिकित्सा शास्त्रों में 80 प्रकार के वात संबंधी रोगों का उल्लेख किया गया है। जिनमें स्वाद नाश, बहरापन,…

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  • Photo of कोविड टीके के लिए इंटरनेट पर पंजीकरण की अनिवार्यता अव्यावहारिक

    कोविड टीके के लिए इंटरनेट पर पंजीकरण की अनिवार्यता अव्यावहारिक

    न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने पूछा "आप निश्चित रूप से रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, लेकिन आप डिजिटल डिवाइड का जवाब कैसे देंगे?…

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  • Photo of भारतीय चिकित्सा पद्धतियों के विकास में बाधक हैं ये काले कानून!!

    भारतीय चिकित्सा पद्धतियों के विकास में बाधक हैं ये काले कानून!!

    ​​ध्यान देने योग्य यह है कि उक्त परिभाषा के अनुसार, आयुर्वेद,यूनानी और सिद्ध चिकित्सा पद्धतियां ‘चिकित्सा’ के अंतर्गत नहीं आतीं।इतना…

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  • Photo of कैसे पहचानें कि शरीर में वात असंतुलित हो रहा है!!

    कैसे पहचानें कि शरीर में वात असंतुलित हो रहा है!!

    ​आयुर्वेद के शास्त्रीय ग्रन्थों के अनुसार, वायु का मूल गुण रूक्ष, शीत,लघु, संकुचन एवं चर है। इसलिए जब हमें शरीर…

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  • Photo of वात दोष को संतुलित रख कर मिलता है सौ वर्ष से अधिक निरोगी जीवन

    वात दोष को संतुलित रख कर मिलता है सौ वर्ष से अधिक निरोगी जीवन

    चूंकि स्वस्थ नागरिकों से ही स्वस्थ समाज का निर्माण होता है, इसलिए, मीडिया स्वराज ने इस व्यापक विषय को आमजन…

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  • Photo of बनारस विश्वनाथ मंदिर काॅरिडोर : हड़प्पा के भाई पक्काप्पा का इतिहास

    बनारस विश्वनाथ मंदिर काॅरिडोर : हड़प्पा के भाई पक्काप्पा का इतिहास

    सुरेश प्रताप सिंह, वरिष्ठ पत्रकार बनारस मंदिर व गलियों का शहर है. यहां गंगा किनारे अनेक ऐसे घर मिलेंगे जिसके…

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  • Photo of नेत्रहीन निरक्षर लोगों की अनूठी पहल; कर रहे पौधारोपण

    नेत्रहीन निरक्षर लोगों की अनूठी पहल; कर रहे पौधारोपण

    चार दशक पहले तीन  मित्रों ने लिया था पौधरोपण का संकल्प। उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति के चलतेआज दर्जनों पौधे विशाल वृक्ष का रूप ले लिए हैं इन तीनों साथियों में एक जन्मजात दृष्टिहीन भी हैं। समग्र विकास इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष ब्रज भूषण दुबे सहित मित्रों ने लगाए गए वृक्षों की छांव में बैठकरउनका अभिनंदन किया। नेत्रहीन नगीना ने किया था प्रस्ताव- गाजीपुर जनपद के मनिहारी विकासखंड अंतर्गत बुजुर्गा गांव के जन्मजात नेत्रहीन नगीना यादव ने अपने मित्रबदरू यादव एवं शिवकुमार राम से मन की बात कहते हुए प्रस्ताव रखा कि हम तीनों निरक्षर एवं गरीब परिवारसे हैं।  किसी तीर्थ स्थल पर जा नहीं सकते ऐसे में क्यों ना हम सभी लोग पौधरोपण करें। प्रस्ताव पास हुआ किंतु पौधों को लगाया कहा जाए, फिर तय किया गया कि गांव के पास वाली नहर केकिनारे हम लोग पौधरोपण करेंगे। फिर क्या था गड्ढा खुदा।  कुछ लोगों ने विरोध किया किंतु तीनों की दृढ़ इच्छा शक्ति के आगे कोई रुकावट नहीं आई पहली हरिशंकरीयानि पीपल पाकर बरगद ताड़ के वृक्ष से खोदकर उन लोगों ने लगाया जो आज काफी विशाल रूप ले लियाहै। इसी प्रकार नहर के किनारे एवं खाली जमीन पर उन लोगों ने दर्जनों की संख्या में जामुन आम पीपल बरगदपाकड़ इत्यादि लगाया और उनकी सुरक्षा भी किया अब वे सभी वृक्ष हो गए हैं। समग्र विकास इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष ब्रज भूषण दुबे अपने सहयोगी शोभनाथ यादव अनिल शर्मा, सोन्हूंसिंह यादव उर्फ सुभाष चंद्र बोस, व्याख्याता गुल्लू सिंह यादव एवं साद शेख के साथ तीनों पर्यावरण प्रेमियोंका अंगवस्त्रम देकर सम्मान किया। ब्रज भूषण दुबे ने कहा कि जिन लोगों ने पौधरोपण कर उन्हें हरा भरा किया है हम उनके यहां पहुंच कर  साथियों के साथ सम्मान करेंगे। अब ऐसे लोगों को महिमामंडित करने की जरूरत है जिन लोगों ने कहा नहींबल्कि करके दिखा दिया। इसके पूर्व सामाजिक संगठन द्वारा दर्जनों प्रकृति प्रेमियों को सम्मानित किया जा चुका है तथा जन्मदिन सेलेकर शादी विवाह एवं त्रयोदशाह तक पौधरोपण कराने की परंपरा को जमीनी स्तर पर कायम किया जा रहाहै। समान का कार्यक्रम बुजुर्गा गांव में नहर के किनारे तीनों पर्यावरण प्रेमियों द्वारा रोपित किए गए वृक्षों के नीचेकिया गया।  ब्रज भूषण दुबे , राष्ट्रीय अध्यक्ष- समग्र विकास इंडिया, ग्राम व पोस्ट यूसुफपुर क्षेत्र मनिहारी जनपद गाजीपुर उत्तर प्रदेश। 

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  • Photo of बनारस में कोरोना वैक्सीन लगवाने पहुंचे 125 साल के बुजुर्ग

    बनारस में कोरोना वैक्सीन लगवाने पहुंचे 125 साल के बुजुर्ग

    आधार कार्ड से मिली जानकारी के अनुसार स्वामी शिवानंद नामक ये बुजुर्ग 8 अगस्त 1896 में जन्में हैं और फिलहाल…

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  • Photo of कोविड-19 की चिकित्सा : बार बार क्यों बदल रहा प्रोटोकॉल?

    कोविड-19 की चिकित्सा : बार बार क्यों बदल रहा प्रोटोकॉल?

    एक ओर तो यह कहा जा रहा है रोगियों को केवल वही दवाएं दी जानी चाहिए जो इविडेंस-बेस्ड प्रमाणित हों,…

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  • Photo of समझिए वात दोष को, इसी से होती हैं सबसे अधिक बीमारियाँ!!

    समझिए वात दोष को, इसी से होती हैं सबसे अधिक बीमारियाँ!!

    जब शरीर में वात अधिक असंतुलित होता है तो शरीर में वात से संबन्धित रोग होते हैं, जब पित्त अधिक…

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