समाज

  • तस्मै श्री गुरवे नमः

    डा चन्द्रविजय चतुर्वेदी ,प्रयागराज          अज्ञान तिमिरान्धस्य ज्ञानांजन शलाकया         चाक्षरुन्मीलितम येन तस्मै गुरवे नमः …

    Read More »
  • कोरोना महामारी

    महाराष्ट्र सरकार कोरोना मामले में उत्तर प्रदेश का अनुकरण करे – पूर्व राज्यपाल राम नाइक

     कोरोना पर उत्तर प्रदेश सरकार अभूतपूर्व विजय प्राप्त कर रही है, इसलिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तर प्रदेश…

    Read More »
  • फ़र्ज़ी ट्राम सेंटर

    फ़र्ज़ी ट्रामा सेंटर्स से लोगों की जान जोखिम में, सरकार स्वयं बनाये पर्याप्त इमरजेंसी हेल्थ केयर सिस्टम

    देश के विभिन्न शहरों में तमाम ऐसे नर्सिंग होम / इमर्जेंसी अस्पताल या ट्रामा सेंटर चल रहे हैं , जहां…

    Read More »
  • वाराणसी में “ऑक्सीजन फॉर इण्डिया” मुहिम के तहत अब तक 60 ऑक्सीजन कनसंट्रेटर का किया गया वितरण

    “ऑक्सीजन फॉर इण्डिया” मुहिम के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नरपतपुर, चिरईगांव,वाराणसी के अधीक्षक को दो ऑक्सीजन कनसंट्रेटर मानवाधिकार जननिगरानी समिति/जनमित्र…

    Read More »
  • घर में आयुर्वेदिक औषधीय पौधे लगाकर इलाज का खर्च बचायें

    घर के अन्दर बने गार्डेन में लगने वाले कुछ महत्वपुर्ण पौधें गुडूची, पाषाण भेद, भृंगराज, कुमारी, वासा, तुलसी, ब्राह्मी/ऐन्द्री, कालमेघ/हराचिरायता,…

    Read More »
  • Kalyan Singh Health unstable

    According to a health bulletin issued by the SGPGIMS Lucknow Firmer Chief minister of UP and Ex. Governor of Rajasthan,…

    Read More »
  • पंडित बालकृष्ण भट्ट : हिंदी के स्वाभिमानी पत्रकार और गद्य की विभिन्न विधाओं के प्रवर्तक

    आधुनिक काल के हिंदी साहित्य का संवर्धन करने वाले भट्ट जी का भाषा के सम्बन्ध में स्पष्ट मत था --बहुत…

    Read More »
  • Coexistence, a unifying factor for Indians

    Indians see religious tolerance as a central part of who they are as a nation. Across the major religious groups,…

    Read More »
  • THE IDEA OF INDIA

    A revisit to Gandhian approach to communication, politics, patriotism and nationalism is therefore necessary for a balance. Gandhi was known…

    Read More »
  • मधुमेह रोगियों में ब्लड शुगर नियंत्रित करने का एक नया तरीक़ा

    SGPGIMS के शोधकर्ताओं ने मधुमेह रोगियों में ब्लड शुगर  रक्त शर्करा के स्तरको नियंत्रित करने का एक नया तरीका खोजा भारत दुनिया की मधुमेह राजधानी बना हुआ है और लगभग 9% वयस्कभारतीय आबादी को मधुमेह है। टाइप 2 मधुमेह के रोगी न केवल बहुतकम इंसुलिन बल्कि बहुत अधिक ग्लूकागन का स्राव करते हैं, जिससे रक्तशर्करा नियंत्रण खराब हो जाता है।  ग्लूकागन, इंसुलिन की तरह, हमारेअग्न्याशय द्वारा स्रावित एक हार्मोन है। हालांकि, यह इंसुलिन के विपरीतकार्य करता है और मनुष्यों में रक्त शर्करा के स्तर को बढ़ाता है। भोजन केबाद, जिगर द्वारा ग्लूकोज के अत्यधिक उत्पादन को रोकने के लिएग्लूकागन का स्राव अवरुद्ध हो जाता है।  जब यह मधुमेह के रोगियों मेंविफल हो जाता है, तो बहुत अधिक ग्लूकागन ग्लूकोज उत्पादन में वृद्धि मेंयोगदान देता है जिससे मधुमेह रोगियों के रक्त शर्करा का स्तर बिगड़जाता है। ग्लूकागन के इस महत्वपूर्ण कार्य के बावजूद, इसके स्राव कोकैसे नियंत्रित किया जाता है, इसके बारे में अपेक्षाकृत कम जानकारी है। डॉ. रोहित ए. सिन्हा, एंडोक्रिनोलॉजी विभाग, एसजीपीजीआईएमएस केनेतृत्व में और वेलकम ट्रस्ट/डीबीटी द्वारा वित्त पोषित एक हालियाअध्ययन में, उनकी प्रयोगशाला ने ग्लूकागन रिलीज को कम करने के लिएएक नया तरीका खोजा।  सेल कल्चर और प्री-क्लिनिकल मॉडल काउपयोग करते हुए, डॉ सिन्हा की लैब ने दिखाया कि कैसे अग्न्याशय मेंmTORC1 नामक प्रोटीन की गतिविधि को रोककर ग्लूकागन रिलीज कोकम किया जा सकता है। एमटीओआरसी1 के अवरोध से लाइसोसोमनामक सेलुलर संरचनाओं द्वारा संग्रहित ग्लूकागन का क्षरण होता है औरग्लूकागन को रक्त शर्करा के स्तर को बढ़ाने से रोकता है।  इसलिए, इसअध्ययन से नई दवाओं का विकास हो सकता है जो मनुष्यों में ग्लूकागनके स्तर को नियंत्रित कर सकती हैं और मधुमेह रोगियों में रक्त शर्करा केस्तर को कम कर सकती हैं। यह काम हाल ही में एक अंतरराष्ट्रीय जर्नल”मॉलिक्यूलर मेटाबॉलिज्म” में प्रकाशित हुआ है। संदर्भ: Sangam Rajak, Sherwin Xie, Archana Tewari, Sana Raza, Wu Yajun, Boon-Huat Bay, Paul…

    Read More »
Back to top button