कानून
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बोली एक अमोल: जो ऐसी पिएगा, वह कैसे जियेगा!
के. विक्रम राव नीतीश कुमार के दोनों बयानों की तारीफ होनी चाहिए। पहला ये कि जो शराब पिएगा, वह तो…
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आरक्षण की डुगडुगी और समस्या गरीबी व पिछड़ेपन की
कल्याण कुमार सिन्हा कल्याण कुमार सिन्हा गरीब सवर्णों को आरक्षण देने पर सुप्रीम कोर्ट ने न केवल मुहर लगाई है.…
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चुनाव खर्च की सीमा और चंदे की पारदर्शिता के बिना कैसा लोकतंत्र
राम दत्त त्रिपाठी , वरिष्ठ पत्रकार चुनाव खर्च की सीमा और चंदे की पारदर्शिता दो अहम मुद्दे हैं जिन पर…
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बिजली इंजीनियर दिल्ली में प्रदर्शन और हड़ताल करेंगे
इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2022 और निजीकरण के विरोध में देशभर के लाखों बिजली कर्मचारी और इंजीनियर 23 नवंबर को राजधानी…
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संविधान पर शोध का अनूठा काम
राष्ट्रीय जन संगठन विकास संवाद ने लोकतंत्र में संसार का सबसे बड़ा संविधान किस तरह धड़क रहा है ,यह अध्ययन…
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इलेक्ट्रीसिटी(अमेण्डमेंट) बिल के विरोध में बिजली कर्मचारी और इंजीनियर सड़कों पर उतरे
नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रीसिटी इम्प्लॉइज एण्ड इंजीनियर्स के आह्वान पर देश भर में लाखों कर्मचारियों और इंजीनियरों ने सोमवार…
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राज्य के दमन से नागरिकों की रक्षा कैसे हो!
राम दत्त त्रिपाठी हाल ही में अनेक मामलों से एक बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है कि राज्य के दमन…
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भंवरलाल और कन्हैयालाल एक ही इंसान के दो नाम हैं !
-श्रवण गर्ग श्रवण गर्ग वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक भंवरलाल और कन्हैयालाल दो अलग-अलग इंसान नहीं हैं। दोनों एक जैसे…
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कठघरे में तीस्ता सीतलवाड
सुप्रीम कोर्ट देश में क़ानून के शासन और नागरिकों के अधिकारों का संरक्षक है . लेकिन तीस्ता मामले में फ़ैसले…
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ज़ाकिया जाफ़री को अब क्या करना चाहिए ?
अब तो क़ानूनी लड़ाई में ज़ाकिया का साथ देने वाली तीस्ता भी गुजरात पुलिस की हिरासत में में हैं।आपका क्या…
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