kumar swami das
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साहित्य

कविता: नारी
कवि स्वामी दास’ नारी जीवन की जननी है कुदरत का अभिमान है कहलाए नारी वो ईश्वर भी करता उसका सम्मान…
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कवि स्वामी दास’ नारी जीवन की जननी है कुदरत का अभिमान है कहलाए नारी वो ईश्वर भी करता उसका सम्मान…
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कवि स्वामी दास’ आकाश को आज भी नौकरी नहीं मिली। एमटेक करने के बाद भी वो बेरोजगारी से जूझ रहा…
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