अध्यात्म
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MS Delhi DeskOctober 20, 2021पानी में तैरने लगा जब रामसेतु का वह पत्थर, एक झलक पाने को लोगों का लगा तांता
कभी अक्षय कुमार की फिल्म रामसेतु तो कभी भगवान राम के बनाए रामसेतु की बात सोशल मीडिया पर चर्चा का…
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Media SwarajSeptember 17, 2021अमृत जीवन
लोग पैसा संग्रह करते हैं, तो अंदर की चीजें नहीं देख पाते। अंदर जितना आनंद है, वह नहीं पहचानते ।…
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Media SwarajSeptember 5, 2021प्रेम और करूणा की प्रतिमूर्ति मदर टेरेसा
प्रेम और करूणा की प्रतिमूर्ति मदर टेरेसा का मूल नाम एंग्नेस गोंजा बायोजिजू था. उनका जन्म २६ अगस्त १९१० को…
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Media SwarajSeptember 5, 2021भारत में अध्यात्म भी लोक मंगल का उपकरण है और यथार्थवादी
संसार प्रत्यक्ष है। इसी संसार में जीवन है। यह असार नहीं। संसार के कुछ अंश अल्पकालिक रूप में होते हैं।…
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Media SwarajAugust 30, 2021कृष्ण का राष्ट्र-नायक स्वरूप और राष्ट्र-निर्माण की रचना प्रक्रिया
कृष्ण के अनंत स्वरूप हैं। अपनी अपनी मूल प्रकृति के अनुसार भारत की हर भाषा, हर बोली, हर सांस्कृतिक-समूह, हर…
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Media SwarajAugust 25, 2021ओंकारस्वरूप गजानन गणेश
गणेश ओंकारस्वरूप हैं ,गणेश का सगुण रूप ओंकार का प्रतीक है गणेशोत्तरतापिन्युपनिषद में गणेश को ओंकारस्वरूप एकाक्षर ब्रह्म माना है…
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Media SwarajAugust 17, 2021उपनिषद काल का समाज कैसा था
आगे यही राजा कहता है- न मेरे राज्य में भगवान की भक्ति न करने वाला कोई भी नहीं है ।…
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Media SwarajJuly 31, 2021शिव क्या सर्वहारा के अधिक प्रिय हैं !
शिव क्या सर्वहारा के अधिक प्रिय हैं ! गांजा भांग जिसकाआहार हो, भूतप्रेत जिसके संगीसाथी हों, तन ढकने के पर्याप्त परिधान भी न हो। ऐसे व्यक्ति को कौनसरमायेदार कहेगा? राजमहल की जगह श्मशान, सिंहासन के बजाय बैल, सर पर न किरीट, न आभूषण। बसभभूत और सूखी लटे-जटायें। शिव गरीब नवाज है। बाबा भोलेनाथ की विशेषता पर वरिष्ठ पत्रकार के. विक्रम राव का लेख .
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Media SwarajJuly 26, 2021सावन में शिव की पूजा-अर्चना क्यों होती है !
शिवपूजन में जलाभिषेक का तात्पर्य है कि गर्मी जब बढ़े तो कृपया स्नान सिर पर से जल गिरा कर करें।…
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