अध्यात्म
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आज का वेद चिंतन विचार
नम इडुग्रं नम आ विवासे नमो दाधारं पृथ्वीमुत् द्याम। नमो ने पृथ्वी और स्वर्ग को धारण किया है। नम्रता ही…
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आज का वेद चिंतन विचार
ऋग्वेद में कवि की व्याख्या बहुत सुंदर की है। ब्रह्मा देवानाम पदवी:कवीनाम ऋषिविप्राणाम महिशो मृगा नाम श्येनो गृध्रानाम स्वधिती…
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श्रद्धा रखो
संत विनोबा का संदेश है – श्रद्धा रखो। इस संबंध में विनोबा का एक किस्सा प्रचलित है। “हमारा ईश्वर के…
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आज का वेद चिंतन विचार
ओ शु स्वसार: कारवे श्र्णोत् ययौ वो दुरादनसा सफेद रथेन नि शू नमध्व भवता सुपारा: अधो अक्षा: सिंधव: स्रोत्याभि: 3.3.11…
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आज का वेद चिंतन विचार
*उर्वश्यामभयं ज्योतिरिंद्र मा नो दीर्घा अभि नशन्तमिस्राः (2.5.3)* ये दीर्घ तमिस्राएं हमें तकलीफ न दें। तमिस्रा यानी रात्रि। इस पर…
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केनोपनिषद : कौन है ब्रह्म
डॉ. चन्द्रविजय चतुर्वेदी। केनोपनिषद का पांचवां मन्त्र है — यन्मनसा न मनुते एनाहुर्मनो मतम। तदेव ब्रह्म त्वं विद्धि नेदं यदिदमुपासते।…
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आज का वेद चिंतन विचार
*वस्त्रा पुत्राय मातरो वयन्ति (5.3.13)* लड़के के लिए माताएं वस्त्र बुन रही हैं। बहने घर में रसोई बनाती हैं, उससे…
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आज का वेद चिंतन विचार
*प्र पर्वतानामुशती उपस्थादश्वे इव विषिते हासमाने* *गावेव शुभे मातरा रिहाणे विपाट्कुतुद्री पयसा जवेते (3.3.9)* ये मेरी दो माताएं पर्वतों की…
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