संस्कृति
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तस्मै श्री गुरवे नमः।गुरु परंपरा ही हमारे समाज की संजीविनी शक्ति रही
—डा चन्द्रविजय चतुर्वेदी ,प्रयागराज आषाढ़ पूर्णिमा ,गुरु पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है जिसका इस देश में बहुत महत्त्व…
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और भारत खोजी चोमा पहुंच गये लद्दाख
त्रिलोक दीप अलेक्जांडर चोमा द कोरोश के बारे में कुछ विद्वानों से भी बातचीत हुई थी। सांसद हीरेन्द्र नाथ मुखर्जी…
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भारतविद चोमा: कुल देवता की खोज में हंगरी से लद्दाख
त्रिलोक दीप सन् 1969 में पहली बार लद्दाख गया था फौजियों के साथ। रास्ते में मुझे दो ऐसी जानकारियां मिलीं…
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उत्तरकाशी : अब चार महीने रौद्र रूप में निर्मल बहेंगी गंगा
लोकेंद्र सिंह बिष्ट, उत्तरकाशी गंगा अपने मायके से विस्तार लेने लगी है। तापमान बढ़ने के साथ ही गंगा का स्रोत…
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अब लुप्त सी होती जा रही है “कोहरी”
दीपक गौतम, स्वतंत्र पत्रकार, सतना गांव को महसूस करना, समझना, उसको जीना जितना सरल है। कभी-कभी लगता है उसे लिखना…
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बुंदेली सावन गीत – जया मोहन प्रयागराज
जया मोहन, प्रयागराज आ गाओ को मास मोरी गुइयाँ आ गाओ सावन को मास तपन लू से मिल गयी…
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इस्लामाबाद में सरकारी खर्चे पर पहले मंदिर की बुनियाद रखी गयी
(मीडिया स्वराज डेस्क) पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में सरकारी खर्चे से भगवान श्री कृष्ण के पहले मंदिर की आधारशिला रखी…
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