डॉ कोहली की पुस्तक “विज्ञान की नई दिशाएं” को “अमृतलाल नागर पुरस्कार”

मनुष्य की विभिन्न जिज्ञासाओं को विज्ञान का ज्ञान ही शांत करता है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नित नए प्रयोग एवं अनुसंधान हो रहे हैं। वैज्ञानिकों तथा अनुसंधानकर्ताओं द्वारा निरंतर किए जा रहे अनुसंधान मानव के कल्याण हेतु अत्यंत आवश्यक हैं।

 आज के युग में नैनो टेक्नोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बायोनिक्स, बायोमैट्रिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, फॉरेंसिक साइंस, वेब डिजाइनिंग, क्लाइमेट चेंज आदि क्षेत्रों में महत्वपूर्ण अनुसंधान हुए हैं।पुस्तक “विज्ञान की नई दिशाएं” के माध्यम से  डॉ दीपक कोहली ने विगत तीन दशकों से विज्ञान- प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण विषय पर  लिखे गए लेखों का संग्रह प्रस्तुत किया  है। 

लेखक की विज्ञान लेखन यात्रा ने कई पड़ाव पार किए हैं। बचपन से ही इनकी रुचि विज्ञान लेखन में रही। मधु मुस्कान जैसी बाल पत्रिका से लेखन का सफर आरंभ हुआ। कालांतर में वनस्पति विज्ञान से एम.एससी. एवं पीएचडी की डिग्री प्राप्त करते- करते इनका रुझान विज्ञान एवं पर्यावरण विषयों पर लेखन में बढ़ता ही गया एवं विज्ञान की लोकप्रिय पत्रिकाओं जैसे- विज्ञान प्रगति, आविष्कार , विज्ञान गरिमा सिंधु, विज्ञान, विज्ञान गंगा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, विज्ञान परिचर्चा, प्रतियोगिता दर्पण, अनुसंधान, चाणक्य वार्ता,  सामान्य ज्ञान दर्पण, अपरिहार्य, स्रोत, संदर्भ, नंदन, बाल भारती , बाल वाणी आदि पत्रिकाओं में  1000 से अधिक हिंदी में विज्ञान एवं पर्यावरणीय लेख प्रकाशित हुए। 

आकाशवाणी, लखनऊ से 50 से अधिक विज्ञान वार्ताएं भी प्रसारित हो चुकी हैं। डॉ दीपक कोहली द्वारा पुस्तक “विज्ञान की नई दिशाएं” के माध्यम से विज्ञान, प्रौद्योगिकी, पर्यावरण  एवं पारिस्थितिकी जैसे गूढ़ विषय को रोचक एवं सरल भाषा में जन सामान्य के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। 

पुस्तक में प्रस्तुत लेख जहां एक और शोधकर्ताओं एवं वैज्ञानिकों के लिए उपयोगी हैं वहीं दूसरी ओर विद्यार्थियों एवं जन सामान्य के लिए भी अत्यंत सार्थक एवं ज्ञानवर्धक हैं। लेखक की विज्ञान- प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण जैसे विषयों पर लेखन एवं संप्रेषण की यात्रा आज भी अनवरत जारी है। 

लेखक डॉ दीपक कोहली वर्तमान में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में संयुक्त सचिव के पद पर कार्यरत हैं।

डॉ  कोहली की पुस्तक “विज्ञान की नई दिशाएं” को राज्य कर्मचारी साहित्य संस्थान, उत्तर प्रदेश द्वारा प्रतिष्ठित “अमृतलाल नागर पुरस्कार” से सम्मानित किए जाने का निर्णय लिया गया है।

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