लोकतंत्र सेनानी पूर्व मंत्री जमुना प्रसाद बोस का निधन

लोकतंत्र सेनानी पूर्व मंत्री जमुना प्रसाद बोस का आज शाम  निधन हो गया है.

आजादी की जंग का विजेता, लोकतंत्र की रक्षा का सेनानी आखिरकार जिंदगी की जंग हार गया।

कोरोना का संक्रमण और सरकार की उदासीनता ने आज स्वतंत्रता संग्राम सेनानी को दिवंगत का तमगा दे दिया।

बाँदा के रहने वाले बुजुर्ग राजनेता, दिग्गज समाजवादी योद्धा, पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री जमुना प्रसाद बोस का  निधन हो गया।

वे 95 साल के थे। अपने पीछे दो पुत्र, पुत्री सहित भरा पूरा परिवार छोड़ गए।

कोरोना से मौत के बाद कल मंगलवार को सुबह 11 बजे श्री बोस जी का पार्थिव शरीर डॉ राममनोहर लोहिया के कोविड सेंटर से नगर महापालिका के शव वाहन से लखनऊ के बैकुंठ धाम लाया जाएगा।

 राजकीय सम्मान के साथ वहां के विद्युत शवदाह गृह में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

बांदा से 4 बार विधायक, तीन बार कैबिनेट मंत्री रहे 95 वर्षीय जमुना प्रसाद बोस आज भी समाजवाद के सिद्धान्तों पर जीने वाले खांटी समाजवादी थे।

त्याग, सादगी, जनसेवा, राष्ट्रभक्ति, लोकप्रियता, राजनेता, सच्चे पत्रकार थे जमुना प्रसाद बोस।

श्री बोस नेशनल हेराल्ड  अख़बार के पत्रकार  थे.  वह Indian Federation  of Working Journalists IFWJ के मेम्बर भी थे. 

25 अक्टूबर 1925 को बांदा में जन्मे

श्री जमुना प्रसाद बोस (जेपी बोस) का ताल्लुक कायस्थ बिरादरी से था।

ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ नेताजी सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद फौज में शामिल होने के बाद वह बुंदेलखंड़ में नेताजी के अति विश्वसनीय फौजी भी थे।

नेताजी से नजदीकियों की वजह से लोगों ने उन्हें ‘बोस’ के नाम से संबोधित करने लगे।

देश जब गुलामी की जंजीरों में जकड़ा था, तब जमुना प्रसाद बोस जी ने आजादी की लड़ाई लड़ी।

अंग्रेजी हुकूमत की दमनकारी नीतियों का विरोध करते हुए कोड़े खाए और यातना सही।

आज़ादी के बाद लोकतंत्र को बचाने के लिए संघर्ष किया और जेल की सजा काटी।

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी से प्रभावित होकर श्री जमुना प्रसाद बोस ने भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लिया और जेल गए।

इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।

ब्रिटिश हुकूमत से उनका लुकाछिपी का खेल चलता रहा।

जेल से छूटने के बाद बोस जी आजादी के लिए संघर्ष करते रहे।

आजादी के बाद आपातकाल का विरोध किया और एक बार फिर उन्हें जेल जाना पड़ा। पूरे 18 माह उन्होंने जेल में यातनाएं झेली।

बोस जी के निधन पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते है।

कृतज्ञ राष्ट्र बोस जी के योगदान को हमेशा स्मरण करता रहेगा।

मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि वह दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे और शोक संतृप्त परिवार को यह वियोग सहन करने की शक्ति दे।

!!ॐ शांति!!

राजनाथ शर्मा
लोकतंत्र सेनानी

प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव 

शिव पाल यादव
शिव पाल यादव

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles