जनकपुर धाम के महंत ने राम मंदिर निर्माण में दिये चांदी के पांच ईंट

महंत के दावे से ओली की नेपाल में अयोध्या की तलाश पर ब्रेक

यशोदा श्रीवास्तव

काठमांडू. एक ओर पीएम ओली नेपाल में अयोध्या की तलाश कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर नेपाल के जनकपुर धाम के महंत रामतपेश्वर दास वैष्णव का दावा है की माता सीता का विवाह भारत के यूपी में स्थित अयोध्या के राजा दशरथ के पुत्र राम से ही हुआ था. यह दावा कर जानकपुर धाम के महंत रामतपेश्वर दास ने ओली के नेपाल में अयोध्या के तलाश पर विराम लगा दिया.

जनकपुरधाम(नेपाल)के महंत चार अगस्त की शाम को अयोध्या पहुंचे थे. वे 14 अगस्त को वापस नेपाल आए.उन्होंने जनकपुर धाम से अयोध्या पहुंचने का वर्णन सुनाते हुए नेपाल मीडिया को बताया कि वे अयोध्या भगवान राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महंत नृत्य गोपाल दास के औपचारिक निमंत्रण पर राम मंदिर भूमिपूजन के मौके पर अयोध्या गए थे.उन्हें चार अगस्त को शाम चार बजे पहुंचना था.गोरखपुर में उन्हें पुलिस अफसरों ने रोक लिया. कोरोना वायरस के चलते जगह-जगह तेज जांच पड़ताल चल रही थी.यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात होने के बाद यूपी पुलिस चीफ के निर्देश पर मुझे जाने दिया गया.जनकपुर धाम के महंत ने राम मंदिर निर्माण हेतु चांदी के पांच ईंट भी भेंट किए.

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उन्होंने बताया कि अयोध्या नेपाली छोरी (सीता)का ससुराल है. हिंदू धर्म और शास्त्र की मान्यता है कि बेटी के घर का पानी तक नहीं पीना चाहिए. इसी के दृष्टिगत जनकपुर धाम के पूर्व ब्रम्हलीन महंत ने अयोध्या में जमीन खरीदकर तीन मंजिला आश्रम का निर्माण करवाया. अयोध्या में करीब दस दिन के प्रवास में वे स्वयं अपने आश्रम में रहे. इस आश्रम का स्वामित्व जनकपुर के जानकी मंदिर के नाम है. जनकपुर धाम के महंत रामतपेश्वर दास के इस कथ्य से ओली के नेपाल में अयोध्या तलाशने की कसरत औचित्य हीन साबित हो रही है.

अयोध्या में राममंदिर निर्माण में नेपाली कांग्रेस नेता विमलेंद्र निधि,निर्मला देवी,गोपालगंज बिहार के तीन राम भक्तों ने भी जनकपुर धाम के महंत के मार्फत गुप्त दान का योगदान किया.जनकपुर धाम के महंत ने कहा कि अयोध्या में बन रहे राम मंदिर में माता सीता की प्रतिमा लगाने का अनुरोध मुख्यमंत्री योगी से किया है. यूपी के मुख्यमंत्री ने कहा आपका विचार स्वागत योग्य व विचारणीय है.

यशोदा श्रीवास्तव, नेपाल मामलों के विशेषज्ञ

(यशोदा श्रीवास्तव वरिष्ठ पत्रकार और नेपाल मामलों के विशेषज्ञ हैं) 

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