बलिया गोलीकांड का मुख्य आरोपी धीरेंद्र सिंह गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के बलिया में हाल ही में गोली कांड यानी राशन की दुकान के आवंटन को लेकर पंचायत के दौरान रेवती थाना क्षेत्र के दुर्जनपुर गांव में फायरिंग के दौरान एक शक्स की मौत हो गई थी.  वहीं एक ही शक्स की मौत के साथ कई लोगों के घायल होने के मामले में मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है.

बता दे कि वह पिछले तीन दिनों से फरार चल रहा था. मिली जानकारी के मुताबिक एसटीएफ की टीमों ने बलिया कांड के मुख्य आरोपी धीरेंद्र सिंह को लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क के पास से आज सुबह पकड़ा हैं.

धीरेंद्र प्रताप को बनाया मुख्य आरोपित

बलिया के दुर्जनपुर गांव में 15 अक्टूबर को सरकारी कोटे के तहत दुकानों के आवंटन के लिए पंचायत के दौरान एसडीएम व सीओ की मौजूदगी में फायरिंग में जयप्रकाश पाल की मौत के मामले में भाजपा कार्यकर्ता धीरेंद्र प्रताप सिंह को मुख्य आरोपित बनाया गया है. वह बीते चार दिन से फरार चल रहा था. इस कांड में बैरिया से भारतीय जनता पार्टी के विधायक सुरेंद्र सिंह के खुलकर धीरेंद्र प्रताप सिंह के पक्ष में आ जाने से मामला काफी सुर्खियों में है. अब सपा व बसपा के प्रतिनिधिमंडल के पीड़ित परिवार से मिलकर साथ देने का वादा करने के बाद से राजनीति चरम पर है.

इससे पहले, बलिया गोलीकांड का मुख्य आरोपी धीरेंद्र सिंह को लेकर घोषित इनाम को यूपी पुलिस ने बढ़ाकर 50-50 हजार रुपये कर दिया था. अब तक 8 नामजद और करीब 25 अज्ञात आरोपियों में सिर्फ 7 की गिरफ्तारी हुई थी. इनमें भी सिर्फ दो ही नामजद हैं.

भाजपा को घेरने में जुटे सपा, कांग्रेस व बसपा

फरार मुख्य आरोपित के सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी से जुड़ाव की बात सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी भाजपा को घेरने में जुटे हैं. सपा नेता और पूर्व विधायक जय प्रकाश अंचल और कांग्रेस नेता सीबी मिश्रा ने मृतक के परिजनों से मुलाकात की थी. इसके बाद भाजपा जिलाध्यक्ष को सफाई देनी पड़ी कि धीरेंद्र पार्टी में किसी पद पर नहीं है.

सुरेंद्र सिंह को भाजपा अध्यक्ष ने किया तलब 

भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह ने बलिया गोली कांड के मामले में लगातार धीरेंद्र प्रताप सिंह के पक्ष में बयान दे रहे बैरिया के विधायक सुरेंद्र सिंह को तलब किया है. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह की बयानबाजी से बेहद खफा हैं. 

गैंगस्टर एक्ट के तहत होगी कार्रवाई

पुलिस के मुताबिक आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून और गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई होगी. आरोपियों की तलाश में पुलिस की 10 टीमें जुटी हुई थीं. धीरेंद्र सिंह से पहले सिर्फ दो नामजद आरोपियों देवेंद्र प्रताप सिंह और नरेंद्र प्रताप सिंह को गिरफ्तार किया जा सका था. ये दोनों मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह के भाई हैं. बताया जा रहा है कि फरार मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह सेना का रिटायर्ड जवान है. वह भूतपूर्व सैनिक संगठन की बैरिया तहसील इकाई का अध्यक्ष भी है.

बलिया कांड: बेटी बचाओ या अपराधी बचाओ?- राहुल-प्रियंका

उत्तर प्रदेश सरकार बिगड़ी कानून-व्यवस्था को लेकर योगी सरकार लगातार सवालों के घेरे में है. चाहे वो हाथरस कांड हो या बलिया गोली कांड, पुलिस की नाकामी और प्रशासन के रवैये को लेकर यूपी में विपक्षी दल हमलावर हैं. अब तो बीजेपी विधायकों के रवैये को लेकर यूपी सरकार और पार्टी पर सवाल उठाए जाने लगे हैं. 

बता दे कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी केंद्र सरकार पर लगातार हमला बोलते रहते हैं. वहीं उत्तर प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध के बढ़ते मामले को लेकर उन्होंने रविवार को उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने बेटी बचाओ को लेकर कटाक्ष किया है. 

कैसे शुरू हुआ- बेटी बचाओ- राहुल                         
राहुल ने ट्वीट कर कहा, ‘कैसे शुरू हुआ- बेटी बचाओ, अब यह कैसा चल रहा है- अपराधी बचाओ.’ राहुल के अलावा उनकी बहन और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी सरकार को आड़े हाथ लिया है. उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘क्या यूपी के सीएम बताएंगे कि यह किस ‘मिशन’ के तहत हो रहा है? बेटी बचाओ या अपराधी बचाओ?’

“यूपी सरकार से पूछा है कि प्रदेश में क्या हो रहा”

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी ने फिर से यूपी की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं. राहुल और प्रियंका गांधी ने एक खबर को शेयर करते हुए यूपी सरकार से पूछा है कि प्रदेश में क्या हो रहा है? साथ ही उसमें बताया गया है कि कैसे भाजपा विधायक और उनके बेटे शनिवार को पुलिस हिरासत से अभद्रता के आरोपी व्यक्ति को कथित तौर पर छुड़ाकर ले गए. भाजपा विधायक और उनके बेटे और समर्थकों द्वारा किए गए हंगामे का एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. यह घटना लखीमपुर खीरी के मोहम्मदी थाना की है.

अधिकारी घटना को लेकर साधे हुए चुप्पी

स्थानीय पुलिस अधिकारी जहां घटना को लेकर चुप्पी साधे हुए हैं. वहीं भाजपा विधायक लोकेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि घटनास्थल पर कोई हंगामा नहीं हुआ और ऐसा उनकी छवि खराब करने के लिए गलत तरीके से प्रचारित किया जा रहा है. बता दें कि हाथरस सामूहिक दुष्कर्म की घटना सामने आने के बाद से यूपी सरकार सवालों के घेरे में है.


क्या है पूरा मामला

कोतवाली क्षेत्र में महिला सिपाही से अभद्रता को लेकर शुक्रवार रात एक भाजपा कार्यकर्ता और पुलिस कर्मियों में विवाद हो गया. बाद में पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया, जिस पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने कोतवाली में हंगामा किया.

जानकारी पर संगठन के पदाधिकारियों के साथ विधायक लोकेंद्र प्रताप सिंह भी कोतवाली पहुंचे. बातचीत के बाद आरोपी कार्यकर्ता को छुड़ाया गया. इस संबंध में कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि हुड़दंग करने पर कार्यकर्ता को हिरासत में लिया था जिसे बाद में नगर अध्यक्ष के कहने पर छोड़ दिया गया.

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