अध्यात्म
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स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानन्द ने ज्योतिर्मठ का संचालन संभाला
उत्तराखंड का जोशीमठ कोई सामान्य नगर नहीं अपितु देश की चार दिशाओं में आद्य शंकराचार्य जी द्वारा घोषित सनातनधर्म की…
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कर्म सिद्धान्त को समझकर भीतर से समृद्ध बनें : अविमुक्तेश्वरानन्द
कर्म का सिद्धान्त एक ऐसा सिद्धान्त है जो सनातन धर्म की सर्वांगीण व्याख्या करता है। लेकिन इस कर्म सिद्धान्त के…
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संतों की शरण में जीवन ग्रंथ पढ़ने का अवसर
संत विनोबा गीता पर प्रवचन करते हुए कहते हैं कि अंग्रेजी में हर साल कोई दस हजार नयी किताबें तैयार…
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निज-पर के भेद को मिटाना ईश्वर के ज्ञान का फल
संत विनोबा वेद प्रवचन करते हुए कहते हैं कि ईशावास्य – बोध* मंत्र 4 और 5 का एक स्वतंत्र परिच्छेद…
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गोवर्द्धन पर्व का देवत्व
डॉ. चंद्रविजय चतुर्वेदी गोवर्द्धन पर्व का एक महत्वपूर्ण पहलू –गोधन का देवत्व है। वैदिक काल से ही गोधन सात्विक समृद्धि…
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पठान संत रज्जब – रज्जब तै गज्जब किया
डॉ. चंद्रविजय चतुर्वेदी राजस्थान के आमेर राजा के सेनानायक का पुत्र रज्जब घोड़े पर बैठ ब्याहने जा रहा था…
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इस तारीख को है अहोई अष्टमी, जानिए शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
अहोई अष्टमी हर साल आती है और इस अष्टमी का व्रत संतान की लंबी आयु और उसकी समृद्धि के लिए…
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स्वधर्म पालन अत्यंत आवश्यक
संत विनोबा गीता प्रवचन में कहते हैं कि भाइयो, पिछले अध्याय में हमने निष्काम कर्मयोग का विवेचन किया। स्वधर्म को…
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