“अटे हैं पांव में छाले उन्हीं से पूछ लो बेहतर, सफर की हम गिनाएंगे दुश्वारियां कब तक”

भारतीय सांस्कृतिक प्रबुद्ध संस्थान, प्रयागराज के तत्वावधान में बही आनलाइन काव्य धारा

 

प्रयागराज। भारतीय सांस्कृतिक प्रबुद्ध संस्थान, के तत्वावधान में आनलाइन कवि सम्मेलन का आयोजन आज 27 जून को किया गया। कार्यक्रम प्रसिद्ध वरिष्ठ गजलकार तलब जौनपुरी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। कवि सम्मेलन में नगर की नामचीन हस्ताक्षरों ने काव्यपाठ से माहौल को खुशनुमा बनाया।

कार्यक्रम का आरम्भ कवियित्री रेनू मिश्रा के सरस्वती वंदना से हुई। अध्यक्षता कर रहे तलब जौनपुरी ने खूबसूरत गज़ल प्रस्तुत कर माहौल को शायराना बनाया। उन्होंने सुनाया “अटे हैं पांव में छाले उन्हीं से पूछ लो बेहतर, सफर की हम गिनाएंगे दुश्वारियां कब तक”।

डा पीयूष मिश्र’ पीयूष ‘ने सागर जैसा रूप समाए, बूंद बूँद घन बरस रहा है ‘सुना कर वाहवाही लूटी तो वहीं संचालन कर रही है मशहूर गज़लकार अनामिका पाण्डेय ‘अना इलाहाबादी’ ने ” रहे ख़ुशहाल अपना शह्र यह आबाद माँगा है, सुपुर्द-ए-ख़ाक जब होऊँ इलाहाबाद माँगा है” सुनाकर मौजूदा व्यवस्था पर प्रहार किया.

उर्वशी उपाध्याय’ प्रेरणा’ ने ‘बहुत विद्रूप चेहरा है जाने क्यों जमाने का, बड़ी हसरत से देखा था बहुत तौहीन पाई है” सुनाकर समाज पर प्रश्न छोड़े। पुष्पलता लक्ष्मी ने “प्रेम नदिया नीर सी मैं बह रही हूं” सुनाकर वाहवाही बटोरी।

वर्तमान परिस्थितियों पर कविताएं खूब सराही गईं। कवि गोष्ठी में वरिष्ठ कवि वीरेन्द्र कुमार तिवारी, गज़लकार डाॅ नीलिमा मिश्रा, महक जौनपुरी, पंकज द्विवेदी, के पी गिरी, ललिता पाठक नारायणी , डा. अर्चना पांडेय और पंकज द्विवेदी ने भी अपनी खूबसूरत रचनाओं से माहौल को कवितामय बनाया। आनलाइन श्रोताओं ने भी बड़े ही उत्साह के कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

कार्यक्रम का संचालन अना इलाहाबादी ने किया।कार्यक्रम के आयोजक एवम् संस्था के अध्यक्ष श्री विनोद कुमार पांडेय जी ने धन्यवाद के साथ आभार प्रकट किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles