आशा ज्योति वूमेन हेल्पलाइन के कर्मचारियों को ना निकालने का निर्देश 

(मीडिया स्वराज़ डेस्क) 

लखनऊ, 4 जुलाई 2020. अपर श्रमायुक्त ने सेवा प्रदाता कंपनी जीवीके रिसर्च इंस्टीट्यूट को 181 आशा ज्योति वूमेन हेल्पलाइन में कार्यरत 351 कर्मचारियों में से किसी को कार्य से ना हटाने का निर्देश दिया है. यह जानकारी यू पी वर्कर्स  फ़्रंट की एक विज्ञप्ति में दी गयी है. 

कंपनी द्वारा बकाए भुगतान के लिए समय मांगे जाने पर अपर श्रमायुक्त ने  अगली वार्ता की तिथि 10 जुलाई निर्धारित की है. वार्ता में सेवा प्रदाता कंपनी के मानव संसाधन के प्रबंधक व श्रमिक पक्ष से यूपी वर्कर्स फ्रंट के प्रदेश अध्यक्ष दिनकर कपूर, रुचि राठौर, दीप्ति आदि मौजूद थे.

अपर श्रमायुक्त ने वार्ता की मिनट्स में लिखते हुए सेवा प्रदाता कंपनी को निर्देशित किया कि उत्तर प्रदेश औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 की धारा 6e के तहत दौरान वार्ता कंपनी किसी भी कर्मचारी को उसकी सेवा से पृथक नहीं करेगी इसलिए कंपनी को सेवा से पृथक करने की कार्रवाई पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाना चाहिए.

वार्ता के दौरान कंपनी के प्रबंधन ने बकाए वेतन के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के महिला कल्याण विभाग से वार्ता कर वेतन भुगतान करने का अनुरोध किया. जिसे स्वीकार करते हुए अपर श्रमायुक्त ने उसे 1 सप्ताह का समय प्रदान किया है.

Leave a Reply

Your email address will not be published.

12 + sixteen =

Related Articles

Back to top button