प्रियंका गांधी ने किया अमिताभ बच्चन को याद, फिर कहा- मेरे पास बहन है…

निस्संदेह ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ के अपने नारे के बल पर प्रियंका गांधी ने यूपी की राजनीति की दशा और दिशा, दोनों ही बदलकर रख दी है. यूपी में सबसे कमजोर मानी जाने वाली कांग्रेस पार्टी इस चुनाव में चाहे जैसा भी प्रदर्शन करे, पर इतना अवश्य है कि सदियों तक प्रियंका के इस नारे और प्रयास की सराहना की जाती रहेगी.

यूपी चुनावों के दौरान प्रियंका को क्यों आई अमिताभ की याद

सुषमाश्री

उत्तर प्रदेश के चुनाव में हर रोज नये रंग देखने को मिल रहे हैं. हर रोज यहां की हवा में कुछ बदलाव भी देखने को मिल रही है. हमेशा से ही यूपी में चुनाव ​जीतने के लिये केवल धर्म और जातिगत जनगणना को ही गंभीरता से लिया जाता रहा है. लेकिन इस बार आधी आबादी यानि महिलाओं का पलड़ा भी भारी दिख रहा है. अगर ऐसा न होता तो मंगलवार को प्रयागराज में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं के लिये अलग से एक कार्यक्रम का आयोजन न करते.

यकीनन यह दर्शाता है कि यूपी चुनाव में महिलाएं भी अपना अलग अस्तित्व रखती हैं. वे चाहें तो चुनाव परिणामों का रुख बदलकर रख सकती हैं. और यह एहसास इस बार यूपी की महिलाओं में डालने वाली खुद भी एक महिला हैं. जी हां, वही महिला, जिन्होंने यूपी की ​महिलाओं में ही हिम्मत पैदा नहीं की, बल्कि खुद अपनी पार्टी की डूबती नैया को भी सहारा देकर उसे पार लगाने की कोशिश में जुटी हुई हैं. हम बात कर रहे हैं कांग्रेस पार्टी की महासचिव और यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा की. जिन्होंने 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में अपनी कांग्रेस पार्टी के साथ साथ महिलाओं को भी मजबूती प्रदान की है.

निस्संदेह ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ के अपने नारे के बल पर प्रियंका गांधी ने यूपी की राजनीति की दशा और दिशा, दोनों ही बदलकर रख दी है. यूपी में सबसे कमजोर मानी जाने वाली कांग्रेस पार्टी इस चुनाव में चाहे जैसा भी प्रदर्शन करे, पर इतना अवश्य है कि सदियों तक प्रियंका के इस नारे और प्रयास की सराहना की जाती रहेगी.

इसी मुद्दे पर जब न्यूज 18 के एक रिपोर्टर ने प्रियंका गांधी से सवाल किया कि यूपी में सभी ने कहा कि यूपी में ज्यादातर जाति और धर्म के नाम पर ही चुनाव होते हैं. यूपी में कांग्रेस का कोई बेस नहीं है, इसलिये प्रियंका ने महिलाओं की बात की, तो इस पर आप क्या कहेंगी? तब प्रियंका ने अमिताभ बच्चन की बहुचर्चित फिल्म दीवार का वह डायलॉग सुना दिया… मेरे पास बहन है. वीडियो में सुनिये, प्रियंका ने इस सवाल का क्या और कैसे जवाब दिया.

आपको बता दें कि एक वक्त था, जब महानायक अमिताभ बच्चन और प्रियंका गांधी के पिता राजीव गांधी बेहद करीबी मित्र रहे थे. राजीव गांधी से दोस्ती के कारण ही अमिताभ राजनीति में आये थे. 1984 में वे इलाहाबाद संसदीय क्षेत्र से लोकसभा सदस्य का चुनाव जीते थे. उन दिनों गांधी परिवार से उनकी करीबी को देखते हुये उन्हें गांधी परिवार का तीसरा बेटा कहा जाने लगा था, लेकिन फिर बोफोर्स घोटाले में नाम आने के बाद अमिताभ का राजनीति से मोहभंग हो गया और उन्होंने राजनीति को हमेशा के लिये अलविदा कह दिया. साथ ही, गांधी परिवार से उनकी दूरियां भी लंबे समय तक उसके बाद से चर्चा में बनी रहीं.

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