LIVE देखें, रेल मंत्री का प्रेस कांफ्रेंस, यूपी-बिहार में छात्रों का प्रदर्शन, गया में फूंकी ट्रेन

बिहार के गया जंक्शन पर आक्रोशित छात्रों ने ट्रेन में आग लगा दी

नौकरी को लेकर उत्तर प्रदेश और बिहार में छात्रों का उग्र प्रदर्शन और रेल में आग लगाने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। बुधवार को भी RRB-NTPC के रिजल्ट में धांधली के विरोध में छात्रों का उग्र प्रदर्शन जारी रहा। उत्तर प्रदेश के प्रयाग स्टेशन पर छात्रों की कोशिश को पुलिस ने रोक लिया लेकिन बिहार के गया जंक्शन पर आक्रोशित छात्रों ने ट्रेन में आग लगा दी। हालात को काबू करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े।

बता दें कि बिहार के जहानाबाद, समस्तीपुर, रोहतास समेत कई इलाकों में छात्र रेलवे ट्रैक पर उतर गए और नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शन कर रहे छात्रों की वजह से कई जगहों पर ट्रेन खड़ी करनी पड़ी। छात्रों के हिंसक प्रदर्शन को देखते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पत्रकारों से इस बारे में बातचीत की और उनके सवालों के जवाब भी दिये।

सवाल— लेवल वन में टू स्टेज एग्जाम क्यों?

रेलमंत्री के जवाब—

एक करोड़ 25 लाख के आसपास छात्रों ने आवेदन किया है। इतनी बड़ी संख्या में अगर देशभर में भर्ती करनी है तो एक लेवल के एग्जाम से, सिंगल लेवल के एग्जाम से करना बहुत मुश्किल है। फिर भी, हम इसको रीएग्जा​मीन करेंगे।
इतनी बड़ी संख्या में अगर परीक्षार्थी हों तो कैसे एक ही बार में एक जैसे सवालों के साथ ये परीक्षा ली जा सके, आप खुद भी समझ सकते हैं कि ये सब करना बेहद मुश्किल है।
यही वजह थी कि पहले प्रीलिम एग्जाम और टेस्ट टू करके, दो एग्जाम रखा गया था। और इस बारे में नोटिस में जानकारी भी दी गयी थी। कि अगर जरूरत पड़ी तो उसके दो लेवल किये जायेंगे।

सवाल— 10+2 में ग्रेजुएट्स को कैसे अलाउ करें?

जवाब — किसी भी एग्जाम में मिनिमम क्वालीफिकेशन का स्टैंडर होता है मैक्सिमम का नहीं। संविधान में जो लिखा गया है, हम उसी हिसाब से काम कर सकते हैं और कर रहे हैं। तो 10+2 के स्केल में अगर कोई ग्रेजुएट बैठे तो उसे रोकने का हमें कोई अधिकार नहीं है। किसी को कोई अधिकार नहीं है। अगर न्यायपालिका की ओर से इस बारे में कोई चीज आती है तो अलग बात है लेकिन हमारे पास कोई अधिकार नहीं है।

सवाल— तीसरा सवाल है समय का कि इतना समय क्यों लग गया?

जवाब— शुरू में इस एग्जाम के लिये एक करोड़ से ज्यादा आवेदन हमारे पास आये। तो इतने बड़े स्तर पर जब आवेदन आये तो एग्जामिनेशन कंडक्ट करने के लिये हमें जिस एजेंसी को हायर करना था, उसे हायर करने में हमें छह महीने से ज्यादा का समय लग गया। नैचुरली इतने बड़े स्तर पर अगर हमें एग्जाम लेना है तो बेशक यह बहुत बड़ा चैलेंज है, जिसे कोई भी करने से पहले सोचेगा। यह बहुत बड़ी जिम्मेदारी थी। तो एजेंसी को सेलेक्ट किया गया, सेलेक्ट करते करते कोरोना आ गया, कोरोना के समय में देरी हुई लेकिन फिर भी कोरोना के बावजूद दिसंबर 2020 में एग्जाम की प्रोसेस चालू हुई और कोरोना का दूसरा दौर होने के बावजूद सभी जरूरी सावधानियां बरतते हुये यह एग्जाम करवाया गया।

ग्रुप बी के एग्जाम में बच्चे कैट में चले गये थे। इसमें 5 लाख के करीब आवेदन ऐसे थे, जिनकी फोटो उनसे मैच नहीं हो रही थी। तो जब फोटो मैच न हो तो उन्हें आप एग्जाम में कैसे लोगे? इस वजह से वे आवेदन कैट में गये थे। प्रशासनिक ट्रिब्यूनल ने जैसे ही उस प्रॉब्लम को सॉल्व किया, हमने फौरन उनका एग्जाम ले लिया। उसमें बिल्कुल भी देरी नहीं की गयी।

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1.26 करोड़ छात्रों ने किया था आवेदन

बता दें कि NTPC रिजल्ट को लेकर उत्तर प्रदेश और बिहार में अभ्यर्थियों के व्यापक विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए रेलवे बोर्ड ने बड़ा फैसला किया है। रेल मंत्रालय ने NTPC और लेवल वन परीक्षा पर फिलहाल रोक लगा दी है। इसके अलावा रेल मिनिस्ट्री ने एक हाई पावर कमेटी का गठन कर दिया है।

यह कमेटी परीक्षा में पास और फेल हुए अभ्यर्थियों की शिकायत को सुनेगी और इसकी रिपोर्ट रेल मिनिस्ट्री को सौंपेगी। इसके बाद रेल मंत्रालय आगे का निर्णय लेगा। फिलहाल रेलवे की परीक्षा पर रेल मंत्रालय ने रोक लगा दी है। बता दें कि देशभर में 1.26 करोड़ छात्रों ने परीक्षा के लिए आवेदन किया था।

हालात काबू करने के लिए हाईलेवल मीटिंग

ADG निर्मल कुमार आजाद के अनुसार रेल पुलिस, RPF के साथ ही वहां जिला पुलिस की टीम मौजूद है। खुद गया के SSP भी मौजूद हैं। हालात को काबू करने में लगे हैं। रेलवे में लॉ एंड ऑर्डर की समस्या बन गई है। इस पर काबू पाने के लिए रेलवे के आला अधिकारियों से बात की जा रही है। साथ ही सभी रेल जिला पुलिस को अलर्ट पर रखा गया है। क्योंकि, छात्र कभी भी कहीं भी रेलवे ट्रैक पर पहुंच जा रहे हैं और हंगामा करने लग रहे हैं।

रेलवे ट्रैक पर ही पीएम का फूंका पुतला

जहानाबाद में लगातार 5 घंटे से छात्र रेलवे ट्रैक पर प्रदर्शन कर रहे है। रेलवे ट्रैक पर ही प्रधानमंत्री और रेल मंत्री का पुतला फूंका गया। उन्होंने सरकार विरोधी नारे भी लगाए। छात्रों का कहना है कि जब तक हमारी मांग पूरी नहीं होगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
जहानाबाद रेलवे स्टेशन के पास बुधवार की सुबह भारी संख्या में छात्रों ने गया-पटना रेलखंड पर ट्रेन का परिचालन बाधित कर दिया। सुबह से ही मेमू गाड़ी पैसेंजर को छात्रों ने रोककर सरकार विरोधी नारे लगाए। छात्र रेलवे पटरी पर बैठकर प्रदर्शन कर रहे हैं और ट्रैक ठप पड़ा है। रेल थाने की पुलिस छात्रों को समझाने बुझाने में लगा हुआ है लेकिन छात्र अपनी मांगों पूरी करने की मांग कर रहे हैं।

मंगलवार की शाम आक्रोशित छात्रों ने भोजपुर में आरा-सासाराम पैंसेंजर की रेल इंजन में आग लगा दी थी। इस दौरान छात्रों का झुंड पूरी तरह बेकाबू हो गया और स्टेशन परिसर में जमकर बवाल काटा। हावड़ा-दिल्ली मेन रूट आरा पश्चिमी ओवरब्रिज के समीप रेलवे ट्रैक पर आवागमन बाधित कर दिया। छात्रों ने कई ट्रेनों पर पत्थरबाजी भी की थी। माल गाड़ी के इंजन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।

ट्रैक पर उतरे छात्र, 4 लोग गिरफ्तार

समस्तीपुर में रेल ट्रैक बाधित रहने से वैशाली सुपरफास्ट, टाटा छपरा, ग्वालियर-बरौनी ट्रेन बछवाड़ा सहित अन्य जगहों पर है खड़ी रही। आक्रोशित छात्रों को अधिकारी और सुरक्षाकर्मी समझाने-बुझाने में जुटे हैं लेकिन वह किसी की नहीं सुन रहे और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबारी कर रहे हैं। नवादा में रेलवे प्लेटफार्म पर हंगामा करने के मामले में चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। वहीं 28 लोगों को पीआर बांड भरा कर छोड़ दिया गया है। 32 लोगों को हंगामा करने के करने के आरोप में पुलिस ने हिरासत में लिए थे। निर्धारित समय पर सभी गाड़ी सुबह से चालू हो गई।

उधर रेल मंत्रालय ने छात्रों को चेतावनी दी है कि मत करिए हंगामा वरना जीवनभर सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी।

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