शंकराचार्य
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अध्यात्म

एकं सद् विप्रा बहुधा वदन्ति
उपाध्याय जी ने बताया है “महर्षि बादरायण के काल में वैदिक धर्मावलम्बियों में तीन तत्वज्ञान मुख्यतया प्रचलित थे, कणाद का…
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अध्यात्म

स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानन्द ने ज्योतिर्मठ का संचालन संभाला
उत्तराखंड का जोशीमठ कोई सामान्य नगर नहीं अपितु देश की चार दिशाओं में आद्य शंकराचार्य जी द्वारा घोषित सनातनधर्म की…
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अध्यात्म

आत्मतत्व : अज्ञानी के लिए दूर, ज्ञानी के लिए पास
प्रस्तुति : रमेश भैया आत्मतत्व के बारे में बताते हुए संत विनोबा ईशावास्य उपनिषद का पांचवा मंत्र पढ़ते हैं –…
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