Tag: राम दत्त त्रिपाठी
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Mark Tully: A Foreign Correspondent Who Became India’s Own
Mark Tully was never an armchair journalist. Long before digital reporting became dominant, he insisted on being physically present at the scene of events.
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भारत में सार्वभौमिक मताधिकार: आज़ादी के संघर्ष से जन्मा वोट का अधिकार और आज SIR पर उठते सवाल
राम दत्त त्रिपाठी भारत में आज नागरिकों के मताधिकार को लेकर गहरी बेचैनी है। SIR (Special Intensive Revision) के ज़रिए मतदाता सूचियों की सघन जाँच हो रही है और बड़ी संख्या में लोगों के नाम तकनीकी कारणों से वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं। कहीं काग़ज़ पूरे नहीं, कहीं पते पर आपत्ति, कहीं प्रवासी…
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जलवायु संकट और सत्ता: कैसे टूट रहा है धरती का ईको सिस्टम
राम दत्त त्रिपाठी आज दुनिया भर के वैज्ञानिक साफ़-साफ़ कह रहे हैं—धरती अब खतरे की हद के बहुत करीब पहुँच चुकी है। मौसम बिगड़ रहा है, गर्मी जानलेवा हो रही है, पानी और हवा ज़हर बनते जा रहे हैं और प्रकृति का ईको सिस्टम टूट रहा है। लेकिन सबसे बड़ी विडंबना यह है कि जिन…
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विश्वबैंक की चेतावनी: गंगा के मैदान जहरीली हवा में डूबे, हिमालय में बर्फ़ गायब
अगर अब भी ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले वर्षों में भारत और दक्षिण एशिया को सांस लेने लायक हवा और बहने लायक नदियों — दोनों के लिए संघर्ष करना पड़ेगा।
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Lucknow Traffic: Where Walking Is the Biggest Risk
In Lucknow, walking on foot or cycling is no less than a risky adventure. There is no certainty when a speeding vehicle may brush past you or hit you from behind or the side.
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गंगा–यमुना सहित भारतीय नदियों में सीवेज संकट और शहरी नीति की विफलता
भारतीय शहरी नियोजन की सबसे बड़ी विफलता यह रही है कि नदियों को शहरों के सीवेज ढोने वाली नालियाँ मान लिया गया। शहरों की सीवर लाइनों का ढलान जानबूझकर नदी की ओर रखा गया। नालों को सीधे नदी से जोड़ा गया। और जब सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) फेल हुए—जो अक्सर होता है—तो सीवेज बिना किसी…
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Karachi Congress Resolution 1931 : Gandhi’s vision for India’s Constitution
The Karachi Resolution of 1931, adopted by the Indian National Congress under Gandhi’s leadership, remains one of the most visionary political documents in modern Indian history.
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Anti-Defection Law in India: Undermining Parliamentary Oversight and Accountability
Ram Dutt Tripathi The Anti-Defection Law, introduced in 1985 through the Tenth Schedule of the Indian Constitution, was designed to prevent opportunistic floor-crossing and stabilise governments. While it largely achieved this goal, it has also weakened legislative independence, strengthened party control, and limited Parliament’s ability to hold the executive accountable. What the Anti-Defection Law Does…
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दिल्ली–एनसीआर प्रदूषण संकट: कारण, प्रभाव और भविष्य की नीति
राम दत्त त्रिपाठी दिल्ली–एनसीआर दुनिया के सबसे प्रदूषित महानगरीय क्षेत्रों में से एक बन चुका है। हर साल सर्दियों में वायु प्रदूषण सुर्खियाँ बटोरता है, पर वास्तविक संकट इससे कहीं बड़ा और बहुस्तरीय है—हवा, पानी, शोर, भू-जल, हरियाली, और भू-उपयोग—सभी मोर्चों पर लगातार गिरावट हो रही है। यह किसी एक मौसम या घटना का परिणाम…
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लोकपाल : संपूर्ण क्रांति का सपना और महंगी ख़ामोशी
रामदत्त त्रिपाठी साल 1974–75 में जब हमने जय प्रकाश नारायण (जेपी) के नेतृत्व में संपूर्ण क्रांति आंदोलन में भाग लिया था, तो हमारा उद्देश्य केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि एक ऐसी व्यवस्था की खोज था जहाँ शासन जनता के प्रति जवाबदेह और नैतिक हो। उस आंदोलन की एक प्रमुख मांग थी — लोकपाल की स्थापना,…