मुलायम-भागवत मुलाक़ात पर सोशल मीडिया में चखचख

इस पर सपा की ओर से भी उनके ट्विटर हैंडल पर प्रतिक्रिया आई। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, राजनीतिक ​शिष्टाचार भूल चुकी है कांग्रेस! जिस कार्यक्रम की तस्वीर लगा रही कांग्रेस उसी कार्यक्रम में कांग्रेस की सहयोगी एनसीपी के नेताओं ने भी लिया नेताजी का आशीर्वाद। इस पर क्या कहेगी कांग्रेस?

उपराष्ट्रपति के पारिवारिक कार्यक्रम में ये दोनों नेता एक ही सोफे पर बैठे नजर आए। यूं तो कई बड़ी हस्तियों की मुलाक़ात यादगार बन जाती है, लेकिन मोहन भागवत और मुलायम सिंह यादव की इस मुलाक़ात ने भी सुर्खियां बटोर लीं। केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल ने इस फोटो को ट्वीट किया। हालांकि, उन्होंने ट्वीट में अपने जन्मदिन का जिक्र करते हुए लिखा कि आज उनका जन्मदिन है और वे संघ प्रमुख से आशीर्वाद ले रहे हैं। हालांकि, इस मुलाकात की तस्वीर जैसे ही सोशल मीडिया तक पहुंची, कांग्रेस और सपा के बीच चखचख शुरू हो गई। देखिये, कैसी रही उनकी यह सोशल मीडिया जंग…

दो राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों की गर्मजोशी से मुलाकात

उत्तर प्रदेश में चुनावी दौर अपने उफान पर है। ऐसे में दो प्रतिद्वंद्वियों की गर्मजोशी से मुलाकात अक्सर सुर्खियों में आ जाती है। ऐसा ही कुछ इस बार भी देखने को मिला, जब राजधानी दिल्ली में उपराष्ट्रपति के एक निजी समारोह में संघ प्रमुख मोहन भागवत और समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव बड़ी ही गर्मजोशी से मिले। फिर, एक साथ एक ही सोफे पर बैठकर खूब बातें भी कीं।

मौका था दिल्ली में उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू के घर उनकी नातिन के रिसेप्शन का, जब देश की इन दोनों हस्तियों के बीच मुलाकात हुई। खास बात यह है कि इस वक्त यूपी चुनाव में जो माहौल बना हुआ है, उसमें बीजेपी के लिये सबसे बड़ा सिरदर्द समाजवादी पार्टी के प्रमुख और मुलायम सिंह यादव के बेटे अखिलेश यादव ही बने हुये हैं। ऐसे में इन दोनों हस्तियों का इस कदर गर्मजोशी से एक समारोह में मिलना हर किसी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने के लिये काफी था।

यूं तो राजनीतिक धुरविरोधियों की मुलाकात हमेशा से ही चर्चा का विषय बनी रहती है, लेकिन इस बार बीजेपी खुद चाहती है कि यह तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो। उत्तर प्रदेश के हालात बीजेपी के गले से नीचे नहीं उतर रही। उसे समझ ही नहीं आ रहा कि आखिर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव के प्रति जनता के आकर्षण की वजह है क्या? ऐसे में वह जीत के लिये हर दांव चल लेना चाहती है। इसी क्रम में इस तस्वीर को वायरल बनाने के पीछे बीजेपी की मंशा यह है कि उत्तर प्रदेश के मुसलमान अखिलेश से यह सवाल करें कि आखिर उनके पिता और सपा के संरक्षक मुलायम सिंह यादव संघ प्रमुख मोहन भागवत के साथ कर क्या रहे हैं? बीजेपी चाहती है कि इसी बहाने प्रदेश के मुसलमान अखिलेश यादव और उनकी पार्टी से दूरी बना लें ताकि उन्हें इसका फायदा मिल सके।

हालांकि, बीजेपी यह समझ नहीं पा रही कि अखिलेश के हनुमान मंदिर जाने और हनुमान जी का आशीर्वाद लेने से भी प्रदेश के मुसलमान उनसे दूरी क्यों नहीं बना रहे? हालांकि, कांग्रेस इस तस्वीर को अपने फायदे के लिये इस्तेमाल करना चाह रही है। यही वजह है कि उसने सोशल मीडिया पर इस तस्वीर को पोस्ट करके सपा से यह सवाल दाग दिया कि आजकल सपा के स का मतलब संघ तो नहीं?

बहरहाल, इतना तो तय है कि यूपी चुनाव में इस तस्वीर की चर्चा अभी देर तक होने वाली है। जिन्ना की तरह अब यह तस्वीर भी सपा के विरोधियों के लिये तुरूप के इक्के की तरह हो चुका है, जिसे लेकर बीजेपी और कांग्रेस, दोनों ही अपना फायदा करना चाह रही हैं। पर, यह तो यूपी की जनता के मन पर ही निर्भर करता है कि वह इसका कितना असर खुद पर डालती है?

यकीनन संघ प्रमुख मोहन भागवत और सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव दोनों ही हस्तियां, अपने-अपने क्षेत्रों के बड़े नाम हैं। इन दोनों की विचारधारा भी अलग-अलग है। बावजूद इसके वेंकैया नायडू के नातिन के रिसेप्शन समारोह में संघ प्रमुख मोहन भागवत और सपा नेता मुलायम सिंह यादव साथ नजर आये। हालांकि, इस समारोह में शिरकत करने कई बड़े नेता पहुचे थे, लेकिन सबकी नजरें मोहन भागवत और मुलायम सिंह यादव की गर्मजोशी के साथ हुई मुलाकात पर ही टिकी रही।

उपराष्ट्रपति के पारिवारिक कार्यक्रम में ये दोनों नेता एक ही सोफे पर बैठे नजर आए। यूं तो कई बड़ी हस्तियों की मुलाक़ात यादगार बन जाती है, लेकिन मोहन भागवत और मुलायम सिंह यादव की इस मुलाक़ात ने भी सुर्खियां बटोर लीं। केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल ने इस फोटो को ट्वीट किया। हालांकि, उन्होंने ट्वीट में अपने जन्मदिन का जिक्र करते हुए लिखा कि आज उनका जन्मदिन है और वे संघ प्रमुख से आशीर्वाद ले रहे हैं।

उन्होंने ट्वीट किया, ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के परम पूज्य सरसंघचालक माननीय मोहन भागवत जी से आज जन्मदिवस के अवसर पर आत्मीय भेंट करके आशीर्वाद लिया। आपका स्नेह, सहयोग, मार्गदर्शन, सदैव कर्तव्य पथ पर चलते हुए माँ भारती की निरंतर सेवा करने की प्रेरणा देता है।’

हालांकि, इस फोटो को शेयर करने पर कांग्रेस और सपा के बीच चखचख का दौर भी चल पड़ा है। इस फोटो को शेयर करने पर कांग्रेस ने चुटकी ली और अपने ट्विटर हैंडल के जरिये सपा से सवाल किया कि “नई सपा” में ‘स’ का मतलब ‘संघवाद’ है?

इस पर सपा की ओर से भी उनके ट्विटर हैंडल पर प्रतिक्रिया आई। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, राजनीतिक ​शिष्टाचार भूल चुकी है कांग्रेस! जिस कार्यक्रम की तस्वीर लगा रही कांग्रेस उसी कार्यक्रम में कांग्रेस की सहयोगी एनसीपी के नेताओं ने भी लिया नेताजी का आशीर्वाद। इस पर क्या कहेगी कांग्रेस?

दरअसल, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू की नातिन के विवाह समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देश के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना भी पहुंचे थे। यह रिसेप्शन उपराष्ट्रपति के निवास पर आयोजित किया गया था। यह रिसेप्शन नायडू और उनकी पत्नी ऊषा नायडू ने अपनी नातिन निहारिका की शादी के उपलक्ष्य में दिया था।

बहरहाल, अब तो सोशल मीडिया पर भी दोनों पार्टियों के इस चखचख पर जमकर चुटकी ली जा रही है।

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