राजनीति
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मोहनदास को इंग्लैंड जाने के लिए कितने पापड़ बेलने पड़े!
मोहनदास को बम्बई में जो कठिनाइयां झेलनी पड़ी, वे अवर्णनीय हैं. उनकी जाति के लोगों ने उन्हें रोकने की भरसक…
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लखीमपुर में हिंसा के बाद यूपी में राजनीतिक तूफ़ान,इमर्जेंसी जैसे हालात
प्रदेश के लखीमपुर खीरी ज़िले में रविवार को सरकार के दो मंत्रियों के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन में कई लोगों की…
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‘कोरोना काल कथा – स्वर्ग में सेमीनार’ उपन्यास में महात्मा गांधी
आज हमारी वर्तमान पीढ़ियों को मेरा जागरण एक बड़ा झूठ लगता है इसलिए वे बार-बार मेरी हत्या का अभिनय करते…
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लखीमपुर खीरी में किसानों पर कार चढ़ायी, हिंसा में कई मरे
राम दत्त त्रिपाठी उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी ज़िले में किसानों का कहना है कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय…
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गांधीजी को याद करना…
भारतीय चेतना में गांधी जी बसे हुए हैं- उनकी अधनंगे फकीर वाली छवि भारतीय मन में आज भी सबसे ऊँचे…
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धर्म के प्रति गांधी का दृष्टिकोण
गांधी के लिए धर्म का अर्थ वह है, जो मुस्लिम-सिख-ईसाई, सबसे आगे निकल जाता है. यह इन्हें दबाता नहीं बल्कि…
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“मोहन से महात्मा” पुतुलनाट्य के पन्द्रह वर्ष
महात्मा गांधी को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए कठपुतली मंचन का जो तरीका निकाला गया, यकीनन आज भी उसका…
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खादी, गांधी और मैं
खादी पहने जब भी मैं लोगों के बीच निकलता, खादी का मेरा कुर्ता पायजामा और मैं लोगों की नजरों और…
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गांधी, उनकी दत्तक पुत्री और अस्पृश्यता के प्रसंग
जाति-पाति और छुआछूत को दूर करने के प्रयास गांधी ने अपने दौर में शुरू कर दिया था. वे चाहते थे…
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आज क्यों प्रासंगिक हैं गांधी और क्यों व्यक्त की जा रही है उनसे असहमति?
गांधी जी के ट्रस्टीशिप जैसे अत्यंत शक्तिशाली आर्थिक विचार का जितना अधिक दुरुपयोग भारत में हुआ और हो रहा है,…
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