पर्यावरण
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हिमालय देवता बार- बार क्यों कुपित हो रहा है !
विगत कई वर्षों से लगातार उत्तराखंड विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन नहीं हो रहा है. विकास के नाम पर…
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चमोली में एवलांच से तबाही : चिपको आंदोलन की जन्मस्थली से प्रकृति का उग्र संदेश
चिपको आन्दोलन की जन्मस्थली में प्रकृति ने रविवार की सुबह एवलांच टूटने के बाद ऋषिगंगा और फिर धौली गंगा में…
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शंकाराचार्य स्वरूपानंद ने चमोली आपदा पीड़ितों के लिए ज्योतिर्मठ के द्वार खोले
हिमस्खलन के बाद आयी बाढ़ से चमोली जोशीमठ के अनेक गाँव भी प्रभावित हैं. आपदा पीड़ितों के लिए भोजन, कपड़ा…
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उत्तराखंड चमोली में तबाही : हिमखंड ग्लेशियर टूटते क्यों हैं?
उत्तराखंड के चमोली में सात फ़रवरी को आयी तबाही ग्लेशियरटूटने से बतायी जाती है. लेकिन ग्लेशियर टूटते क्यों हैं ?…
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“वेटलैंड – समृद्ध जैव-विविधता का परिचायक”
वेटलैंड – समृद्ध जैव-विविधता का परिचायक: पृथ्वी पर जीवों के विकास की एक लंबी कहानी है और इस कहानी का…
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संतरे का शहर सिटांग…
संतरे का शहर सिटांग: संतरा एक फल है। संतरे को हाथ से छीलने के बाद पेशीयोँ को अलग कर के चूसकर खाया जा…
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उत्तराखंड डायरी : बाघ – बाघिन की मौत और हाथियों का तांडव
उत्तराखंड के कार्बेट नेशनल पार्क से जुड़े फतेहपुर रेंज में इनोवा कार की टक्कर से एक बाघ की मौत हो…
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भारत में खेती किसानी की सांस्कृतिक वैज्ञानिकता बनाम व्यापारिक वैज्ञानिकता
भारत में खेती किसानी के क्षेत्र में सैकड़ों वर्ष से एक संघर्ष छिड़ा हुआ है खेती किसानी की सांस्कृतिक वैज्ञानिकता…
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