लखनऊ PGI में Apex ट्रामा सेंटर शुरू

लखनऊ PGI में Apex ट्रामा सेंटर शुरू

प्रतिवर्ष संपूर्ण विश्व में लगभग साठ लाख लोग चोट व दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवा देते हैं। ऐसा अनुमान लगाया गया है कि केवल भारत में ही प्रतिवर्ष लगभग दस लाख लोगों की चोट अथवा दुर्घटनाओं में मृत्यु हो जाती हैं और लगभग दो करोड़ लोगों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ता है। इस पृष्ठभूमि में समय की यही मांग रही है कि अधिक से अधिक ट्रॉमा केंद्र की स्थापना व उनका शीघ्र क्रियान्वयन किया जाए।

संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान भारत का एक उत्कृष्ट आयुर्विज्ञान संस्थान रहा है। चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में चिकित्सा सेवा, शिक्षा व शोध संबंधी सुविधाओं के रूप में इसका योगदान सदैव अभूतपूर्व रहा है। समय की मांग को देखते हुए 31 जुलाई 2018 को संस्थान में एपेक्स ट्रामा सेंटर की स्थापना की गई थी।

कोविड महामारी से निपटने के लिए एपेक्स ट्रामा सेण्टर को राजधानी कोविड अस्पताल में परिवर्तित किया गया था, जहाँ सभी कर्मठ चिकित्सकों और कर्मचारियों द्वारा अथक सेवा भाव के कारण ही हम कोरोना की दोनों लहरों से उबर पाये।
आज लगभग डेढ़ वर्ष पश्चात कोरोना महामारी की स्थिति में सुधार व नियंत्रण के फलस्वरूप संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान द्वारा संचालित एपेक्स ट्रामा सेण्टर को फिर से अपने पुराने स्वरुप में जनसामान्य के लिए तैयार किया जा चुका है।

अपने नाम के अर्थ को सार्थक करते हुए एपेक्स ट्रामा सेण्टर किसी भी ट्रामा इमरजेंसी को सँभालने के लिए प्रतिबद्ध है। 8 नवंबर 2021 को न्यूरो सर्जरी विभाग के अध्यक्ष एवं एपेक्स ट्रामा सेंटर के प्रभारी प्रोफेसर राजकुमार के कुशल मार्गदर्शन में संस्थान के निदेशक प्रोफेसर आर के धीमन द्वारा एपेक्स ट्रामा सेण्टर का विधिवत शुभारंभ किया गया। यह जानकारी डॉ० आर० हर्षवर्धन, प्रो० राज कुमार और डॉ० आर० के० धीमन ने दी।

अभी शुरुआती स्थिति में एपेक्स ट्रामा सेंटर की 36 शैय्याओ को ही क्रियाशील किया जा रहा है, जिसका चरणबद्ध तरीके से विस्तार किया जायेगा।

अभी शुरुआती स्थिति में एपेक्स ट्रामा सेंटर की 36 शैय्याओ को ही क्रियाशील किया जा रहा है, जिसका चरणबद्ध तरीके से विस्तार किया जायेगा। डाक्टर आर हर्षवर्धन, विभागाध्यक्ष, अस्पताल प्रशासन व उप चिकित्सा अधीक्षक, एपेक्स ट्रामा सेंटर द्वारा आरंभिक भाषण के उपरांत संस्थान के निदेशक, प्रोफेसर आर० के० धीमन, न्यूरोसर्जरी विभाग के अध्यक्ष एवं एपेक्स ट्रामा सेंटर के प्रभारी प्रोफेसर राजकुमार, संकाय अध्यक्ष प्रोफेसर अनीश श्रीवास्तव व मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर गौरव अग्रवाल द्वारा दीपप्रज्वलन किया गया।

तत्पश्चात संस्थान के सभी चिकित्सकों व वहाँ मौजूद सभी कर्मचारियों को सम्बोधित करते हुए निदेशक प्रो आर के धीमन ने बधाई दी और उन्हें सेवा भाव व अपने कर्तव्यों का पूरी निष्ठा और लगन से पालन करने के लिए प्रोत्साहित किया व किसी भी आपदा की स्थिति को सँभालने के लिए तत्पर रहने के लिए कहा।

ट्रामा सेंटर के प्रभारी, प्रोफ़ेसर राज कुमार ने अपने अमूल्य अनुभवों को साझा करते हुए उन्होंने वहां उपस्थित सभी अतिथियों को सड़क दुर्घटनाओ में होने वाले जीवन के हानि के संबंध ट्रामा सेंटर की उपयोगिता व आवश्यकता के विषय में अवगत कराया।

ट्रामा सेंटर के प्रभारी, प्रोफ़ेसर राज कुमार ने अपने अमूल्य अनुभवों को साझा करते हुए उन्होंने वहां उपस्थित सभी अतिथियों को सड़क दुर्घटनाओ में होने वाले जीवन के हानि के संबंध ट्रामा सेंटर की उपयोगिता व आवश्यकता के विषय में अवगत कराया। उन्होंने कहा कि हमारे देश में तीन “C”अर्थात कोरोनरी (ह्रदय), कार एवं कैंसर ही अधिकांशत: मृत्यु के कारण है।

मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रोफसर गौरव अग्रवाल ने ट्रामा सेंटर के क्रियान्वयन में आने वाली हर चुनौती का मुकाबला करने के लिए पूर्ण नैतिक सहयोग देने का आश्वासन दिया। संकाय अध्यक्ष प्रोफेसर अनीश श्रीवास्तव ने एपेक्स ट्रामा सेंटर में होने वाले शिक्षण कार्यक्रमों के विषय में अपने विचार रखे। प्रोफेसर आर हर्षवर्धन विभागाध्यक्ष, अस्पताल प्रशासन व उप चिकित्सा अधीक्षक एपेक्स ट्रॉमा सेंटर द्वारा धन्यवाद ज्ञापित करने के साथ ही कार्यक्रम का समापन हुआ।

उद्घाटन समारोह अस्पताल प्रशासन विभाग के रेजिडेंट चिकित्सकों द्वारा आयोजित किया गया था, जिसे संस्थान के निदेशक प्रोफेसर आर के धीमन एवं न्यूरो सर्जरी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर राजकुमार का संपूर्ण समर्थन और सहयोग मिला।

उद्घाटन समारोह अस्पताल प्रशासन विभाग के रेजिडेंट चिकित्सकों द्वारा आयोजित किया गया था, जिसे संस्थान के निदेशक प्रोफेसर आर के धीमन एवं न्यूरो सर्जरी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर राजकुमार का संपूर्ण समर्थन और सहयोग मिला।

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