चर्चा में है कानपुर पुलिस कमिश्नर असीम अरुण का वर्दी में वीडियो संदेश

असीम अरुण का वर्दी में वीडियो संदेश

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी असीम अरुण सेवा से त्यागपत्र देकर बीजेपी ज्वाइन करने वाले हैं। त्यागपत्र देने के बाद उन्होंने वीडियो संदेश जारी किया हैं, जिसे लेकर सवाल उठाये जा रहे हैं। उन्होंने कानपुर कमिश्नरी के पुलिसकर्मियों को वीडियो संदेश जारी करके कई बातों पर सबका ध्यान दिलाया। साथ ही यह भी कहा कि इस वीडियो संदेश को ही वे उनका विदाई संदेश समझ लें।

कानपुर के पुलिस कमिश्नर (Kanpur Police Commissioner) असीम कुमार अरुण (Asim Kumar Arun) VRS लेकर 15 जनवरी को पुलिस सेवा को अ​लविदा कर रहे हैं। उन्होंने पुलिस सेवा में रहते हुये राजनीति में जाने का मन बना लिया और एक तरह से बीजेपी ज्वाइन करने को लेकर घोषणा भी कर दी है। लेकिन ​वर्दी में उनका एक वीडियो इन दिनों विवाद का विषय बन गया है।

अभी उनकी जगह किसी की नियुक्ति नहीं हुई है। इसके बाद पुलिस की वर्दी में वे वीडियो संदेश भी जारी किया हैं, जिसे लेकर सवाल उठाये जा रहे हैं। बता दें कि उन्होंने कानपुर कमिश्नरी के पुलिसकर्मियों को वीडियो संदेश जारी करके कई बातों पर सबका ध्यान दिलाया। साथ ही यह भी कहा कि इस वीडियो संदेश को ही वे उनका विदाई संदेश समझ लें।

वैसे वीडियो संदेश की विषय वस्तु में अपने आप में कोई आपत्तिजनक बात नहीं है, लेकिन त्यागपत्र देकर भाजपा में जाने का संकेत देने के बाद वर्दी में संदेश देना लोगों को अटपटा लग रहा है, इसीलिए चर्चा का विषय बना हुआ है।

बता दें कि असीम अरुण ने बीते 8 जनवरी को वीआरएस के लिए आवेदन किया था। उसी दिन अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर संदेश जारी करते हुये उन्होंने राजनीति में जाने का पैगाम भी दे दिया था। उसके बाद से ही असीम अरुण का बीजेपी नेताओं से मिलने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। ऐसे में असीम अरुण को लेकर चुनाव आयोग पर की भूमिका पर प्रश्न जा रहे हैं।

https://zeenews.india.com/hindi/india/up-uttarakhand/video/ips-asim-arun-released-video-message-for-kanpur-municipal-commissionerate-after-taking-vrs-uppm/1067607

सबसे ज्यादा चर्चा का विषय है असीम अरुण का इस्तीफा और वर्दी में जारी किया गया उनका वीडियो संदेश। अपने इस वीडियो संदेश में उन्होंने कहा है…

कानपुर नगर पुलिस कमिश्नरेट को मेरा जय हिंद… जैसा कि आप सब जनते हैं मैंने वीआरएस (स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति) का आवेदन दिया है और सरकार ने 15 जनवरी से इसे स्वीकृति दी है। यानी सप्ताह के अंत में मैं आपसे और इस सेवा से विदा लूंगा।

मैं वर्तमान हालात को देखते हुए साथियों से विदाई समारोह न करने की अपील करता हूं…। मेरे इस संदेश को ही विदाई समारोह मानें। सोमवार रात कुछ इसी तरह के संदेश के साथ असीम अरुण ने कमिश्नरी पुलिस के लिए एक वीडियो जारी किया।

उन्होंने कहा, कानपुर पुलिस कमिश्नरी के गठन के बाद से सभी ने बहुत मेहनत की। नई संस्था विकसित की। हम लोगों को सुपर कॉप नहीं, सुपर सिस्टम बनने की दिशा में आगे बढ़ते रहना है। उन्होंने पुलिसकर्मियों से नागरिकों की सुरक्षा और सेवा के लिए सभी प्रणालियों को विकसित करने की अपील की।

कहा, मैंने खुद अपने जीवन में हमेशा तीन महापुरुषों के चित्र अपने कार्यालय में रखे हैं। धर्म और नैतिकता के प्रतीक महात्मा गांधी जी, दूसरे विधि के प्रतीक बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर और तीसरे शक्ति के प्रतीक सरदार वल्लभ भाई पटेल। यानी हम जो कार्य करें, वो धर्म संगत हो, विधि के अनुसार और पूरी शक्ति के साथ किया गया हो। मैं ईश्वर से सभी साथियों में अंतरात्मा की आवाज सुनकर ही काम करने की शक्ति देने की प्रार्थना करता हूं।

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खबर है कि सीनियर पुलिस अफ़सर और कानपुर के पुलिस कमिश्नर असीम अरुण कन्नौज से चुनाव लड़ सकते हैं . 

जानिये, कौन हैं असीम अरुण

कानपुर के पहले पुलिस कमिश्नर और 1994 बैच के आईपीएस ऑफिसर असीम अरुण वीआरएस लेकर अपने करियर की दूसरी पारी एक राजनेता के रूप में शुरू करने जा रहे हैं। असीम अरुण बीजेपी (BJP) के टिकट पर आगामी विधानसभा का चुनाव (UP Assembly Election) लड़ेंगे। असीम अरुण अपने गृह जनपद कानपुर मंडल के कन्नौज सदर से चुनावी मैदान में उतर सकते हैं।

एक आईपीएस अधिकारी के तौर पर असीम अरुण का करियर शानदार रहा है। 3 अक्टूबर 1970 को बदायूं जिले में जन्मे असीम अरुण के पिता श्री राम अरुण भी जाने में आईपीएस अफसर रहे हैं। वे प्रदेश के डीजीपी भी रहे। उनकी मां शशि अरुण एक जानी मानी लेखिका है।

असीम अरुण की प्राम्भिक शिक्षा लखनऊ से हुई, उसके बाद उन्होंने दिल्ली से ग्रेजुएशन किया. इसके बाद सिविल सर्विसेज की तैयारी की और सेलेक्ट हो गए। पिता की तरह उन्होंने भी आईपीएस बनने का फैसला लिया। अपने करियर के दौरान असीम अरुण अपनी तेज तर्रार कार्यशैली की वजह से यूपी पुलिस की रीढ़ बन गए।

आईएसआईएस आतंकी को ढेर कर चर्चा में आए

आईपीएस बनने के बाद असीम अरुण यूपी के कई जिलों के पुलिस कप्तान और लिस उपमहानिरीक्षक भी रहे। इसके बाद वह यूपी एटीएस के चीफ बने। असीम अरुण उस वक्त चर्चा में आये जब उन्होंने लखनऊ में छिपे आईएसआईएस के आतंकी को ढेर किया। असीम अरुण को जानकारी मिली थी कि कानपुर के जाजमऊ केडीए कॉलोनी निवासी आईएसआईएस का आतंकी सैफुल्लाह किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में लखनऊ में छिपा हुआ है। तब उन्होंने एटीएस कमांडो के साथ ठाकुरगंज इलाके में आतंकी को घेर कर ढेर किया था।

एसपीजी और सीबीआई तक में दी सेवाएं

असीम अरुण की निर्भीक छवि और शानदार करियर की वजह से उन्हें देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सिक्यूरिटी में भी शामिल किया गया था। उसमें वे एसपीजी के क्लोज प्रोटेक्शन टीम के हेड थे. इसके अलावा वे एसपीजी, एनएसजी और सीबीआई में भी सेवाएं दे चुके हैं।

यूपी में स्वॉट टीम गठन की शुरुआत

2009 में अलीगढ़ में तैनाती के दौरान असीम अरुण ने प्रदेश में जिलेवार स्वॉट टीम के गठन की शुरुआत की। इसके बाद आगरा में डीआईजी रहते हुए इन्होंने वहां भी इस टीम की शुरुआत की। स्वॉट टीम आतंकी वारदातों से निपटने और खतरनाक मिशन को पूरा करने के लिए गठित की जाती है. इसमें प्रत्येक कमांडो बड़े और आधुनिक हथियारों से लैस होते हैं।

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