
अब तक AI के बारे में social media और दूसरे media पर बहुत कुछ आ चुका है। फिर भी ज्यादातर लोग यही समझते हैं कि यह भी हमारे computer जैसा कोई program है। एक उदाहरण से यह फर्क समझते हैं।
मान लीजिए एक robot को अमरूद खाना सिखाना है।
पुराना तरीका — Programming:
Programming में अमरूद उठाने से लेकर खाने तक हर एक काम को बारीकी से analyze करके उसका program तैयार किया जाता है। पहले अमरूद को देखना, फिर उसे उठाना, उंगलियों से पकड़ना, मुँह तक ले जाना, मुँह खोलना, दाँतों से टुकड़ा तोड़ना, चबाना — हर कदम का अलग program। उसी program के हिसाब से robot काम करेगा।
आपके mobile में जो apps हैं वे इसी तरह काम करती हैं। हर app का एक खास काम होता है। उस काम की सारी संभावनाओं का पहले से program तैयार होता है। वह app न कोई दूसरा काम करती है, न खुद को develop करती है।
नया तरीका — AI:
अब उसी robot को AI से अमरूद खाना सिखाना है। AI की बनावट को neural network कहते हैं। यह हमारे दिमाग की बनावट से inspired है। इस robot को अनेक फलों की जानकारी दी जाएगी। खाने के अलग-अलग तरीकों के बारे में बताया जाएगा। यहाँ जानकारी का मतलब है — data। Data feed किया जाएगा। फिर उसे आदेश दिया जाएगा — अमरूद खाइए।
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जैसे एक छोटा बच्चा पहले कुछ गलतियाँ करता है, अपनी माँ को देखकर सीखता है — बिल्कुल वैसे ही यह AI robot सीखता है। गलतियाँ करेगा, उनसे सीखेगा। हर कदम से नया data बनाता है। पूरी जानकारी पर process करके आगे बढ़ता है। और सबसे खास बात — वह खुद ही अपने आप को upgrade करता रहता है। बिना किसी इंसानी दखल के। यही AI की सबसे बड़ी खासियत है।
Technology के पूरे इतिहास में पहली बार “Intelligence” शब्द इस्तेमाल किया गया — और यही वजह है।
इस AI के neural network के पास पूरे internet का data उपलब्ध है। इस data से खुद को upgrade करते हुए यह कहाँ तक जाएगा, किस रफ्तार से जाएगा — इसका जवाब आज कोई भी पूरी जिम्मेदारी के साथ नहीं दे सकता।
Neural network के पितामह Geoffrey Hinton ने 2023 में Google से इस्तीफा देते वक्त कहा कि AI, climate change से भी ज्यादा खतरनाक है। उन्होंने आगे कहा कि AI इंसान से ज्यादा बुद्धिमान होकर पृथ्वी पर कब्जा कर सकता है। सत्ता पाने के लिए लोगों में दरार डालने के लिए इसका इस्तेमाल हो सकता है। और यह सब होने से पहले लोग अपनी नौकरियाँ गँवाएंगे।
मशहूर इतिहासकार Yuval Noah Harari ने AI पर अलग नज़रिया रखा। उन्होंने कहा कि जीवसृष्टि की शुरुआत एक कोशिका वाले जीव से हुई थी। आज का AI भी उतना ही प्राथमिक है। “It’s just a baby!” — लेकिन सच में यह नज़रिया और भी गंभीर और खतरनाक है।
2023 में दुनिया भर के AI experts ने एक पत्र जारी किया — AI की research 6 महीने के लिए रोकी जाए, ताकि इस पर नियंत्रण और कानून के बारे में सोचा जा सके। इस पत्र पर Bill Gates, Sam Altman और Elon Musk जैसे बड़े नाम शामिल थे।
मतलब साफ है — जिस बच्चे को research करके पैदा किया, वह आगे जाकर भस्मासुर बन सकता है, यह उन्हें खुद दिखने लगा। करोड़ों dollars की investment जब अपनी ही जान की दुश्मन बनने लगी — तब नियंत्रण, नियमन और नैतिकता की बात शुरू हुई।
अगले भाग में: AI और रोजगार — कौन बचेगा?
लेखक परिचय : विजय तांबे सामाजिक कार्यकर्ता और लेखक। मराठी में चार कथासंग्रह प्रकाशित। गोरा की किताब An Atheist with Gandhi का मराठी अनुवाद। चौथी औद्योगिक क्रांति और AI के सामाजिक परिणामों के अध्ययन में विशेष रुचि। वर्तमान में सेवाग्राम आश्रम, वर्धा के सचिव।
“AI का वर्तमान विमर्श देश की असली समस्याओं और उनके कारणों से आपको दूर ले जाना है। इसे कभी तो रोकना होगा। यह लेख श्रृंखला उसे रोकने की शुरुआत है — और आपके सोचने की भी।”
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