बच्‍चे की तबीयत बिगड़ी तो रेलवे ने इलाज के लिए 10 मिनट तक स्‍टेशन पर रोका ट्रेन…

कोरोना वायरस को लेकर सावधानी से स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ी है। बच्‍चे की तबीयत बिगड़ी तो रेलवे ने मानवता दिखाई। सिकंदराबाद-रक्सौल एक्सप्रेस में सफर कर रहे एक परिवार के एक वर्षीय बच्चे की अचानक तबीयत खराब हो गई। स्वजनों ने तत्काल सूचना ट्रेन में एस्कॉर्ट कर रही रेल पुलिस के जवानों को दी। इसके बाद दानापुर कंट्रोल की पहल पर ट्रेन को बक्सर में 10 मिनट का ठहराव देकर रेल चिकित्सक द्वारा बच्चे का इलाज कराया गया। बाद में दवा और मार्गदर्शन के साथ बच्चे के साथ परिवार को आगे की यात्रा की अनुमति दे दी गई।

सिकंदराबाद से सीतामढ़ी जा रहे मोहम्मद हुसैन के एक वर्षीय पुत्र मोहम्मद अफरान की अचानक मुगलसराय से ट्रेन खुलने के बाद तबीयत खराब हो गई। बच्चे को पहले से बुखार था और परिवार आवश्यक दवाओं के साथ था। यात्रा के दौरान दवा समाप्त होने के बाद बच्चे की परेशानी बढ़ते देख परिवारवालों ने इसकी सूचना ट्रेन में मौजूद एस्कॉर्ट पार्टी को दी। इस पर एस्कॉर्ट पार्टी द्वारा तत्काल दानापुर कंट्रोल के साथ बक्सर कंट्रोल को इसकी जानकारी दी गई।

इलाज कर रहे चिकित्सक डॉ. कमलेश कुमार ने बताया कि बालक को पहले से ही सर्दी जुकाम था। इसके लिए परिवार अपने साथ जरूरी दवा लेकर सफर कर रहा था, लेकिन बीच सफर में ही दवा खत्म होने के बाद बच्चे की तबीयत और बिगडऩे लगी थी। बच्चे का उचित इलाज कर आवश्यक दवा दे दी गई। इस दौरान करीब 10 मिनट तक ट्रेन बक्सर के प्लेटफॉर्म पर ही रुकी रही।

बता दें कि कोरोना वायरस को लेकर पूरे बिहार में अलर्ट है। स्‍कूल-कॉलेजों से लेकर तमाम कोचिंग संस्‍थानों को बंद कर दिया गया है। बिहार के तमाम मॉल को भी बंद कर दिया गया है। एक दर्जन से अधिक ट्रेनों को भी रद्द कर दिया गया है। यहां तक कि लगभग 50 रेलवे स्‍टेशनों पर प्‍लेटफॉर्म टिकटों का दाम पांच गुना बढ़ा दिया गया है। 10 रुपये की जगह 50 रुपये कर दिया गया है।

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