यूपी में दल-बदल, कौन आया-कहां गया?

यूपी में दल-बदल

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में मंत्री रहे स्वामी प्रसाद मौर्य के भाजपा छोड़ने के बाद से ही यूपी की सियासत गरमा गई है। डैमेज कंट्रोल में लगी बीजेपी अब रायबरेली के ऊंचाहार से सपा विधायक और अखिलेश सरकार में मंत्री रहे मनोज पांडेय को पार्टी में लाने के लिये जुट गई है। आइए, जानते हैं कि प्रदेश में दल बदल कर कौन कहां आ जा रहा है…

खबर है कि सपा विधायक मनोज पांडेय स्वामी प्रसाद मौर्य के सपा में आने से नाराज हैं, क्योंकि स्वामी प्रसाद मौर्य के बेटे उत्कृष्ट मौर्य को मनोज ने पिछले चुनाव में हराया था। मनोज की इसी नाराजगी का फायदा उठाकर बीजेपी उन पर डोरे डाल रही है। वहीं मनोज पांडेय के पार्टी छोड़ने की चर्चाओं के बीच अखिलेश ने उन्हें मिलने के लिए बुलाया है। अखिलेश के बुलावे पर वह जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट में उनसे मिलने पहुंचे हैं।

मूल रूप से सुल्तानपुर के रहने वाले हैं मनोज पांडेय

बता दें कि मनोज पांडेय ने रायबरेली के राजनीतिक गलियारे में भले ही पैठ बनाई हो, लेकिन वो मूल रूप से सुल्तानपुर के कोतवाली देहात थाना अंतर्गत कटकौली गांव के निवासी हैं। पिता स्व. रमाकांत पांडेय रायबरेली में वैद्य थे तो परिवार वहीं बस गया। उनके भाई राकेश पांडेय कांग्रेस के सक्रिय नेता हुआ करते थे। साथ ही वो ठेकेदारी करते थे। 1990 के दशक में जब भाई की हत्या हो गई तो भाई की राजनीतिक विरासत को संभाल कर मनोज मैदान में कूद गए। नगर पालिका रायबरेली के अध्यक्ष का चुनाव लड़ा और जीते। बता दें कि उनके भाई की हत्या का आरोप अदिति सिंह के पिता स्व. अखिलेश सिंह पर लगा था।

पहली बार चांदा विधानसभा से लड़ा चुनाव

वर्ष 2007 में मनोज पांडेय ने सुल्तानपुर के चांदा विधानसभा, जो परिसीमन के बाद लंभुआ के नाम से जानी जाती है, यहां से सपा के सिंबल पर चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें बीएसपी के विनोद सिंह ने शिकस्त दे दी। मनोज पांडेय के साथ सुल्तानपुर के सपाइयों ने विश्वासघात किया। हालांकि इसके बाद धीरे-धीरे उनका रायबरेली में वर्चस्व बढ़ता गया।

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दो बार स्वामी प्रसाद मौर्य के बेटे को हराया

वो ऊंचाहार सीट से दो बार 2012 और 2017 में सपा के विधायक चुने गए। दोनों बार यहां से मनोज पांडेय के मुकाबले पर स्वामी प्रसाद मौर्य के बेटे उत्कृष्ट मौर्य लड़े और मामूली वोटों से दो बार से हारे हैं। इस विधानसभा सीट पर सबसे अधिक दलित मतदाता हैं। उसके अलावा यादव, मौर्या, ब्राह्मण, राजपूत और अन्य ओबीसी वोटर्स भी बड़ी संख्या में हैं।

कांग्रेस विधायक भाजपा में शामिल

बेहट से कांग्रेस विधायक नरेश सैनी भाजपा में शामिल हो चुके हैं। उन्होंने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और दोनों उपमुख्यमंत्रियों की मौजूदगी में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।

सहारनपुर की मुजफ्फराबाद सीट से कांग्रेस के विधायक इमरान मसूद ने सपा जॉइन करने का ऐलान किया था। अब इसी जिले की सदर सीट के विधायक मसूद अख्तर ने भी समाजवादी पार्टी में जाने का फैसला लिया है। मसूद अख्तर ने पार्टी छोड़ने के फैसले के बारे में जानकारी देते हुए इसकी वजह भी बताई है। मसूद अख्तर ने कहा, ‘हमने समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन करने की मांग की थी। सपा और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला होने जा रहा है। इसलिए इमरान मसूद और मैंने समाजवादी पार्टी में जाने का फैसला लिया है। हमने आज अखिलेश यादव से पार्टी जॉइन करने के लिए समय मांगा है।’

दो विधायकों की एंट्री से एक तरफ सपा मुस्लिम समुदाय के बीच बेहद मजबूत होकर उभर सकती है। इसके अलावा कांग्रेस पश्चिम यूपी में चुनाव से पहले ही फेसलेस होती नजर आ रही है। पश्चिम यूपी में कांग्रेस के पास ये दो ही विधायक थे और दोनों के सपा में जाने से उसका आंकड़ा शून्य पर आ गया है। इसके अलावा इस क्षेत्र में कांग्रेस के पास कोई चेहरा भी नहीं है और अब इनकी भी विदाई होने से वह बेहद कमजोर हो सकती है। खासतौर पर मुस्लिम समाज में यह परसेप्शन बन सकता है कि भाजपा को हराने की स्थिति में सिर्फ सपा ही है। इससे कांग्रेस को मिलने वाले मुस्लिम वोट की भी संख्या बेहद कम हो सकती है।

स्वामी प्रसाद मौर्य के समर्थकों के इस्तीफे का सिलसिला जारी

जसवंत नगर सीट से भाजपा के पूर्व प्रत्याशी मनीष यादव पत्रा ने भी बीजेपी से इस्तीफा देकर समाजवादी पार्टी ज्वाइन कर लिया है। उन्होंने भाजपा पर समाज के लोगों को अपमानित, तिरस्कृत और उचित सम्मान न देने का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि जहां स्वामी प्रसाद मौर्य जाएंगे, वहीं हम भी उनके साथ कंधे से कंधा मिला साथ खड़े रहेंगे। बता दें कि मनीष पत्रा की गिनती जनपद इटावा के जनाधार वाले युवा नेताओं में होती है।

भदोही-विधायक रविंद्रनाथ त्रिपाठी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस का अयोजन कर कहा कि हमारे शरीर की एक-एक बूंद भाजपा के लिए समर्पित है। हमारी अंतिम सांस निकल़े तब कमल का फूल ही हमारे बदन पर रहे। मौत के बाद कमल का झंडा कफन के रूप में हमारे शरीर पर लगा देना। बता दें कि भाजपा विधायक रविंद्र नाथ त्रिपाठी के इस्तीफे का फर्जी लेटर पैड वायरल हुआ था। उसके बाद से ही फर्जी लेटर पैड वायरल करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।

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भाजपा के एक और विधायक ने पार्टी छोड़ी

भाजपा विधायक अवतार भड़ाना रालोद में शामिल हो गये हैं। चार बार के सांसद रहे भड़ाना योगी कैबिनेट में गुर्जरों को तवज्जो न मिलने से नाराज थे।

सपा विधायक हरिओम भाजपा में शामिल

भाजपा अचानक आई पार्टी में हलचल से हुए नुकसान को गंभीरता से लेते हुए उसकी भरपाई में जुट गई है। इसी कड़ी में उसने सपा के विधायक हरिओम को आज भाजपा में शामिल करा लिया है।

रिटायर्ड जिला पंचायत राज अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी मुख्यालय, लखनऊ में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली है। उन्होंने 281, अकबरपुर, अंबेडकरनगर से चुनाव लड़ने का ऐलान भी कर दिया है।

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