उन्नाव रेप पीड़िता की मां चुनाव मैदान में

जब तक मेरी सांस रहेगी, तब तक मैं लड़ाई जारी रखुंगी

उन्नाव रेप कांड की पीड़िता एक बार फिर सुर्खियों में है. इस बार ​पीड़िता कांग्रेस के टिकट पर अपनी मां आशा सिंह माखी को चुनाव जिताना चाहती हैं. उन्नाव रेप कांड की पीड़िता ने एक ताजा वीडियो जारी कर सभी पार्टियों का आभार व्यक्त किया है कि उन्होंने कुलदीप सिंह सेंगर के परिवार को टिकट नहीं दिया. पीड़िता ने योगी आदित्यनाथ, अखिलेश यादव और मायावती का नाम लेकर उन्हें उनका साथ देने के लिये धन्यवाद कहा, हालांकि इससे कुछ ही दिन पूर्व पीड़िता ने एक वीडियो जारी किया था, जिसमें बीजेपी सरकार पर निशाना साधा था.

मीडिया स्वराज डेस्क

उन्नाव रेप कांड की पीड़िता एक बार फिर सुर्खियों में है. इस बार ​पीड़िता कांग्रेस के टिकट पर अपनी मां आशा सिंह माखी को चुनाव जिताना चाहती हैं. वहीं, दूसरी ओर कुलदीप सिंह सेंगर की बेटी ऐश्वर्या सेंगर अपने पिता को निर्दोष साबित करने के लिये आवाज बुलंद कर रही हैं. रेप पीड़िता का कहना है कि दबाव तो हमेशा ही आता रहता है, लेकिन हम पीछे नहीं हटते. जब तक मेरी सांस रहेगी, तब तक मैं लड़ाई जारी रखुंगी.

पीड़िता ने ताजा वीडियो जारी कर सभी पार्टियों का आभार व्यक्त किया है, जिसमें बीजेपी भी शामिल है, हालांकि अभी कुछ ही दिन पहले पीड़िता ने वीडियो जारी कर भाजपा पर निशाना साधा था. पीड़िता ने कहा था कि, ‘मेरी मां को कांग्रेस ने 2022 विधानसभा चुनाव के लिए उन्नाव सदर से प्रत्याशी बनाया पर ये बात भाजपा को अच्छी नहीं लगी. इस वजह से गलत तरीके से वीडियो वायरल किए जा रहे हैं, जिसका कोई अर्थ नहीं है.’

पीड़िता ने कहा था, ‘मैं बताना चाहती हूं कि कुलदीप सिंह सेंगर और उसके सहयोगियों से सांठ-गांठ कर बीजेपी सरकार में हमारे चाचा और हम लोगों पर फर्जी मुकदमे लगवा दिये गये, जबकि कुलदीप सेंगर और उसके भाइयों पर 28 मुकदमे पंजीकृत हैं. उनको भाजपा छिपा रही है.’

आशा सिंह माखी

मां को चुनाव जिताना मेरा उद्देश्य

पीड़िता ने उस वीडियो में ये भी कहा था, ‘मेरा अब सिर्फ एक ही उद्देश्य है, माता जी को चुनाव जिताना. इसके जरिये मैं गरीब तबके के लोगों की मदद करना चाहती हूं. साथ ही चाहती हूं कि हमारे क्षेत्र का विकास हो.

भाजपा पर हमला बोलते हुए पीड़िता ने कुछ सवाल भी खड़े किये थे. उसने कहा था, कुलदीप सिंह सेंगर ने जब मेरे साथ रेप किया था तब भाजपा कहां थी? जब मेरे पापा को कुलदीप सिंह सेंगर ने अपने भाई अतुल सिंह सेंगर से जान से मरवा दिया, उस समय भाजपा कहां थी. जब कुलदीप सिंह सेंगर ने मेरा एक्सीडेंट करवा दिया था, उस समय भाजपा कहां सो गई थी. मुझे भाजपा सरकार में न्याय नहीं मिला. मेरे साथ अत्याचार हुआ. मेरे चाचा के साथ अत्याचार हुआ.’

बीजेपी की सरकार को लेकर पीड़िता ने पहले कहा था कि इस सरकार में तो अन्याय ही होता है, न्याय नहीं. बीजेपी सरकार दोषियों का समर्थन करती है. ऐसे में जब मैंने सुना कि कांग्रेस महिलाओं को 40 प्रतिशत टिकट दे रही है तो मेरे मन में आया कि मैं भी लड़ूंगी. तब प्रियंका गांधी जी ने कहा कि बिल्कुल लड़िये. मैं लड़ाऊंगी आपको. तब उन्होंने मुझसे पूछा कि आप कितने साल के हो तो मैंने कहा, 19 की. तब प्रियंका गांधी ने कहा कि तब मैं आपकी मां को खड़ी कर देती हूं.

जीत को लेकर आश्वस्त पीड़िता

अपनी जीत को लेकर आश्वस्त पीड़िता ने आगे कहा, मुझे अपनी जीत इसलिये भी पक्की लग रही है क्योंकि मैं पीड़ित हूं. अगर कुलदीप सिंह सेंगर के पास पैसा है तो मेरे पास जनता है, सच्चाई है और प्रियंका दीदी का हाथ है.

पीड़िता ने कहा कि मेरे साथ रेप के बाद मेरे पिता को मार दिया गया. उसके बाद मेरे परिवार के एक एक सदस्य को मार दिया गया. बस, इसलिये मुझे ये लड़ाई लड़नी है. आर पार करना है इस लड़ाई को. अकेले अपनी ही नहीं, मैं तमाम रेप विक्टिम्स की लड़ाई लड़ना चाहती हूं. मेरे पिता चले गये लेकिन मुझे अपनी लड़ाई लड़नी है.

पीड़िता की मां आशा सिंह माखी मैदान पर हैं

उत्तर प्रदेश चुनाव में उन्नाव रेप पीड़िता की मां आशा सिंह माखी उन्नाव विधानसभा क्षेत्र से इस बार चुनाव में खड़ी हैं. स्त्रियों पर दमन करने वाली राजनीतिक सत्ता को चुनौती देने के लिए कांग्रेस के टिकट पर आशा सिंह माखी ने अपनी उम्मीदवारी घोषित की है. समाजवादी पार्टी ने उनके खिलाफ उन्नाव से अपना कोई उम्मीदवार नहीं उतारने की घोषणा की है. वहीं, जनमुक्ति संघर्ष वाहिनी ने अपनी ओर से उनके प्रचार में मदद करने का निर्णय लिया है.

संघर्ष वाहिनी की अपील

संघर्ष वाहिनी ने जनता से अपील की है कि हम किसी भी तानाशाही के सामने नहीं झुकेंगे. हमारी कोशिश होगी कि उन्हें समाज में ज्यादा से ज्यादा समर्थन मिले ताकि स्त्री सम्मान, स्त्रियों की सामाजिक सुरक्षा, लोकतंत्र द्वारा दिये गये अधिकारों की रक्षा हो सके. हमने समानता के तत्वों के प्रचार और प्रबोधन के लिए उन्नाव जाने का निर्णय लिया है. कौन-कौन शामिल होंगे, सूचित करें.

टिकट मिलने के बाद कुलदीप की बेटी ने किया था पलटवार

आपको बता दें कि उन्नाव रेप कांड के मुख्य आरोपी कुलदीप सिंह सेंगर की बेटी ऐश्वर्या सेंगर ने रेप पीड़िता की मां को कांग्रेस का टिकट दिए जाने पर कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी पर सवाल उठाया था. ऐश्वर्या ने कहा था, ‘लड़की हूं, सच सबके सामने लाने के लिए मैं भी लड़ सकती हूं’. प्रियंका गांधी राजनीति के दृष्टिकोण से आपको अपना उठाया गया कदम एकदम सही लग रहा होगा. मैं राजनीति तो नहीं जानती पर समाज और नैतिकता का धर्म आपको इसके लिए कभी माफ नहीं करेगा.

पीड़िता के राजनीति में आने को लेकर ऐश्वर्या ने कहा कि हम जो लड़ाई लड़ रहे हैं, वो चुनाव और राजनीति से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है. ये तो उन्नाव के लोगों का प्यार और आशीर्वाद है मेरे पिता के प्रति और मेरे पिता ने भी जब तक यहां रहे, अपना 24 घंटे उन्नाव को दिया है. वो हमसे भी आगे उन्नाव को रखते थे. उन्नाव हमेशा उनके परिवार जैसा था. लेकिन किसी व्यक्ति विशेष को टारगेट करके अपने कैंपेन में उनका इस्तेमाल करना प्रियंका गांधी की बहुत ही घटिया किस्म की राजनीति को प्र​दर्शित करता है. इसके बावजूद कि उनकी भी दो बेटियां हैं. वैसे, आने वाले 10 मार्च को इसका परिणाम तो प्रियंका जी को मिलेगा ही.

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इनका मकसद ही राजनीति था

ऐश्वर्या ने आगे कहा, ये लोग जिस तरह से राजनीति में उतरे हैं, उससे साफ हो जाता है कि इनका मकसद ही राजनीति था, और ये अब सबके सामने आ चुका है. प्रियंका जी को भी पता था. उन्हें इनकी पूरी साजिश पता है. और अगर नहीं पता है तो यह बहुत ही दुख की बात है क्योंकि प्रियंका जी जिस लेवल पर बैठी हैं, उनको सच जानना चाहिए.

मेरे पिता आयेंगे. उन्नाव सिर्फ कुलदीप सिंह सेंगर को चाहता है. उन्नाव के लोगों के लिये तो वे जननायक हैं. बता दें कि कुलदीप सिंह सेंगर उन्नाव सीट से बीएसपी, एसपी और बीजेपी, तीनों ही पार्टियों से विधानसभा चुनाव में उतर चुके हैं और हर बार उन्नाव सीट से उन्होंने जीत हासिल भी की है.

ऐश्वर्या ने खुद को राजनीति में लाने के बात पर कहा कि हमलोग राजनीति से बहुत ही दूर हैं. जैसा कि मैंने पहले भी कहा कि हमारी लड़ाई राजनीति की है ही नहीं. और वैसे भी ये राजनैतिक लड़ाई नहीं है. ये लड़ाई सच्चाई की है.

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