दशरथ के पुत्र नहीं थे राम, संजय निषाद के बयान पर ओवैसी बोले, संघ प्रमुख DNA टेस्ट क्यों नहीं करवा लेते?

ओवैसी ने संघ प्रमुख को DNA टेस्ट की दी सलाह

जैसे जैसे उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव पास आ रहे हैं, प्रदेश में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. खासतौर पर बीजेपी इस बार अपने नेताओं के बयानों को लेकर लगातार उलझती जा रही है. ताजा बयान बीजेपी की सहयोगी निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद (Sanjay Nishad) का भगवान राम पर दिया है, जो विवादों में छा गया है. अब संजय निषाद के इस बयान ने विपक्षी दलों के लिए आरोप प्रत्यारोप, चुटकियों और बयानबाजियों का मौका दे दिया है.

मीडिया स्वराज डेस्क

प्रयागराज में निषाद नेता संजय निषाद एक दिन पहले दिये गये अपने बयान से पलट गए और कहा कि मीडिया ने उनके बयान को तोड मरोडकर पेश किया है.

उन्होंने आगे कहा कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पहले अपना परिवार संभाल लें, फिर प्रदेश संभालने की सोचें. भाजपा से उनकी पार्टी का गठबंधन है और विधानसभा चुनाव में पार्टी गठबंधन धर्म निभाएगी. अपनी पार्टी के सिंबल पर चुनाव लडेगी. गठबंधन में मिलने जा रही सीटों में से पार्टी दो सीटें फतेहपुर की मांगेगी. जिले में जहानाबाद और अयाह शाह विधानसभा सीटें निषाद बाहुल्य हैं. मछुआ समाज वर्तमान आरक्षण व्यवस्था में पिछडी जाति में शामिल है, लेकिन अब वह दिन दूर नहीं जब मझवार निषाद, केवट, मल्लाह आदि जातियां अनुसूचित जाति का आरक्षण पाएंगी.

संजय निषाद ने विवादित बयान देते हुए यह भी कहा कि राम दशरथ के नहीं, बल्कि पुत्र प्राप्ति के लिए यज्ञ कराने वाले श्रृंगी ऋषि के बेटे थे. भगवान राम को राजा दशरथ का तथाकथित पुत्र कहा जा सकता है, लेकिन वो उनके वास्तविक बेटे नहीं थे. भगवान राम को उनके माता पिता और अयोध्यावासी भी नहीं समझ सके, लेकिन निषाद राज ने ही भगवान राम की असली शक्ति को पहचाना, जो भगवान को पहचानता है, उसका दर्जा भगवान से भी बड़ा हो जाता है और निषाद राज का भी यही दर्जा है. साथ ही उन्होंने कहा कि उन्हें ये बातें इजरायल की एक लाइब्रेरी से पता चली है.

ओवैसी ने संघ प्रमुख को DNA टेस्ट की दी सलाह

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इस पूरे मामले पर AIMIM चीफ असदुद्दीन आवैसी (Asaduddin Owaisi) ने चुटकी लेते हुए कहा कि संघ प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) तो डीएनए एक्सपर्ट हैं. उनको इस पूरे मामले पर स्पष्टीकरण देना चाहिए. ओवैसी ने कहा कि संजय निषाद ने कहा है कि भगवान राम का जन्म निषाद परिवार में हुआ था. वे राजा दशरथ के पुत्र नहीं हैं. बीजेपी और संघ के बड़े नेताओं को इस मामले में कुछ तो बोलना चाहिए.

अयोध्या के संत हुए आहत

बता दें कि संजय निषाद ने विवादित बयान में ये भी कहा कि भगवान राम और निषाद राज का जन्म मखौड़ा घाट पर हुआ था. साथ ही उन्होंने राम को दशरथ का तथाकथित पुत्र बताते हुए कहा कि खीर खाने से बच्चा नहीं होता.

उनकी इस पंक्ति ने अयोध्या के संतों को आहत किया है. उनका दावा है कि संजय निषाद ने ईशनिंदा टिप्पणी सस्ता प्रचार पाने के लिए की है. उन्होंने भाजपा से निषाद पार्टी के साथ अपना गठबंधन तुरंत समाप्त करने के लिए कहा है.

राम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने निषाद के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘संजय निषाद ने जो बयान दिया है और जिस तरह की भाषा का प्रयोग किया है, वह बेहद आपत्तिजनक है. यह भगवान राम और उनके भक्तों का अपमान है.’

महंत राजू दास ने कहा

हनुमान गढ़ी मंदिर के महंत राजू दास ने कहा, ‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक निषाद को इस तरह की टिप्पणी करनी चाहिए. भगवान राम ने निषादों को पूरा सम्मान दिया जिन्होंने उन्हें नदी पार करने में मदद की, लेकिन आज, यह एक निषाद नेता है जिसने भगवान राम का अपमान किया है. हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं.’

निषाद पार्टी के नेता संजय निषाद ने अपने बयान में ये भी कहा कि राम को उनके माता-पिता और अयोध्यावासियों ने नहीं पहचाना, निषाद राज ने ही उनकी असली शक्ति को पहचाना. जो भगवान को पहचानता है उसका दर्जा बड़ा हो जाता है. निषाद राज का भी यही दर्जा है. ये सभी बातें उन्होंने प्रयागराज में मीडियाकर्मियों से बातें करते हुए कहीं.

धर्मेंद्र प्रधान बोले- निषाद हमारे अच्छे सहयोगी

उत्तर प्रदेश के लिए भाजपा के चुनाव प्रभारी और केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोमवार को इलाहाबाद विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह से इतर, भगवान राम को लेकर निषाद की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर कहा, “निषाद ने मुझे भी बहुत कुछ बोला है. उनकी पार्टी एनडीए (नैशनल डेमोक्रेटिक अलायंस) का हिस्सा है, वह हमारे अच्छे सहयोगी हैं और हम मिलकर चुनाव लड़ेंगे.”

हालांकि उत्तरप्रदेश में भाजपा के साथी दल निषाद पार्टी संजय निषाद द्वारा भगवान राम पर दिये गये बयान पर भाजपा सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि क्या इनकी मां रामजन्म के समय वहां दाई थीं, जो इनको पता है… कि भगवान राम दशरथ के पुत्र थे या नहीं!

संजय निषाद ने पूरे मामले में दी सफाई

बयान पर विवाद उठता देख संजय निषाद ने पूरे मामले में सफाई भी दी है. उन्होंने कहा है कि मैंने कल प्रयागराज में मीडियाकर्मियों से प्रभु श्री राम के गुण और उनकी महानता बताई थी. निषाद समाज कैसे उनसे जुड़ा है, ये बताया था, लेकिन कुछ भाई इस बात को तोड़ मरोड़ कर पेश कर रहे हैं. मैं साफ करना चाहता हूं कि प्रभु श्रीराम हमारे पूज्य हैं, हमेशा रहेंगे. अगर फिर भी किसी को मेरे कहे से आपत्ति है तो मैं प्रभु श्री राम से माफी मांगता हूं और कहता हूं कि सभी को सद्बुद्धि दें.

मंगलवार को फतेहपुर में आए निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल (निषाद पार्टी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. संजय निषाद ने पत्रकार वार्ता में कहा कि भाजपा से उनकी पार्टी का गठबंधन है. यूपी में विधानसभा चुनाव में पार्टी गठबंधन धर्म निभाएगी. अपनी पार्टी के सिंबल पर चुनाव लड़ेगी. गठबंधन में मिलने वाली सीटों में पार्टी दो सीटें फतेहपुर जिले में मांगेगी. फतेहपुर से वह अपने प्रत्याशी उतार कर चुनाव जीतेगी.

21 नवंबर को लखनऊ में बड़ी रैली

संजय निषाद ने कहा कि निषाद पार्टी ने 21 नवंबर को लखनऊ में एक बड़ी रैली रखी है. इस रैली में भारी भीड़ जुटाकर निषाद समाज की ताकत का प्रदर्शन किया जाएगा. संजय निषाद ने बताया कि 21 नवंबर को लखनऊ में होने वाली रैली में गृहमंत्री अमित शाह को मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाया गया है. अमित शाह देश के गृह मंत्री भी हैं. उम्मीद है कि वो इस रैली में आकर निषादों के लिए कोई बड़ा एलान करेंगे. उन्होंने दावा किया कि बीजेपी अगर निषादों को अलग आरक्षण दिए जाने की मांग को पूरा कर देती है तो उसे उम्मीद से ज्यादा सीटें मिलेंगी. उनका कहना है कि अभी तक आरक्षण पर कोई फैसला नहीं होने से लोग तमाम सवाल उठा रहे हैं.

आरक्षण दिए जाने की मांग

संगम नगरी प्रयागराज में मीडिया से बात करते हुए डॉक्टर संजय निषाद ने बताया कि निषादों को अलग आरक्षण दिए जाने की मांग को लेकर उनकी पार्टी 9 नवंबर से समूचे उत्तर प्रदेश में आंदोलन करेगी. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि बीजेपी ने उन्हें एमएलसी बनाते वक्त ये वादा किया था कि आरक्षण की मांग को एक महीने में पूरा कर दिया जाएगा. तकरीबन 2 महीने का वक्त बीतने को है, लेकिन बीजेपी ने अभी तक अपना वादा पूरा नहीं किया. इससे निषाद समाज काफी आक्रोशित है और अब वो अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरने को मजबूर है.

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