यूपी चुनाव में संघ झोंकेगा अपनी पूरी ताकत, बैठक में विधानसभा चुनावों पर हुई चर्चा

यूपी चुनाव में संघ

बीजेपी की स्थिति को मजबूत बनाने के लिये अब यूपी चुनाव में संघ (RSS In UP Election) ने भी अपनी कोशिश शुरू कर दी है। यह कहना ज्यादा तर्कसंगत होगा कि इस साल होने वाले पांच राज्यों के चुनाव को लेकर बीजेपी की नाव को सहारा देने के लिये अब संघ भी मैदान में उतर चुका है।

हैदराबाद में हो रही तीन दिवसीय समन्वय बैठक के दूसरे दिन राजनीतिक सत्र के दौरान राज्यों के विधानसभा चुनाव पर गंभीर मंथन हुआ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने बैठक में साफ कर दिया है कि इस साल होने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव, खासकर यूपी चुनाव में संघ (RSS In UP Election) अपनी पूरी ताकत झोंकेगा।

इस बैठक के दौरान संघ के कई अनुषांगिक संगठनों (subsidiary organizations) से भी फीडबैक लिए गए। बैठक में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और संगठन महासचिव बीएल संतोष मौजूद थे।

संघ सूत्रों के मुताबिक बैठक में मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव पर चर्चा हुई। यूपी के चुनाव नतीजे को भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानते हुए चुनाव में पूरी ताकत झोंकने का फैसला किया गया है। बता दें कि संघ ने इससे पहले 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में भी तकरीबन अपने सारे subsidiary organizations को चुनावी मोर्चे पर लगाया था।

संघ के एक वरिष्ठ पदाधिकारी के मुताबिक बैठक में एक बार फिर से सभी subsidiary organizations को अपने अपने स्तर पर चुनाव में जुटने का निर्देश दिया गया है।

बैठक में कहा गया कि दो साल बाद संघ की स्थापना का शताब्दी वर्ष है, ऐसे में संघ चाहता है कि भारतीय राजनीति में भाजपा के वर्तमान प्रभाव को पूरी मजबूती के साथ कायम रखा जाये। एक अधिकारी के मुताबिक इस महीने के तीसरे हफ्ते से संघ के विभिन्न subsidiary organizations खासतौर से उत्तर प्रदेश के चुनावी मोर्चे पर डट जाएंगे।

कई मुद्दों पर अपने विचार रखेगा संघ

समन्वय बैठक में शिक्षा पद्घति, सामाजिक सद्भाव, धर्मांतरण, पर्यावरण, स्वास्थ्य सहित कई अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई है। संघ आज इन सभी विषयों पर अपना दृष्टिकोण रखेगा। संघ के प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने बताया कि जिन विषयों पर चर्चा हुई है और जिन विषयों पर चर्चा होनी है, उन सभी विषयों पर हम अपने विचार सार्वजनिक करेंगे।

कई संगठनों से लिया गया फीडबैक

बैठक में भारतीय किसान संघ, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, विश्व हिंदू परिषद सहित कुछ अन्य subsidiary organizations से चुनाव के संदर्भ में फीडबैक लिया गया। इस दौरान चुनौतियों और मुश्किलों पर भी चर्चा हुई।

subsidiary organizations से चुनौतियों से निपटने संबंधी राय भी ली गई। खासतौर से किसान संघ को कृषि कानूनों की वापसी के बाद किसानों के बीच पहुंचने का निर्देश दिया गया है।

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