यूपी नये मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र ने संभाल ली कमान, जानिये क्या कहा…

दुर्गाशंकर ने आईआईटी कानपुर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है और वे मऊ जनपद के रहने वाले हैं. दुर्गाशंकर मिश्र आगरा और सोनभद्र समेत कई जनपदों के जिलाधिकारी भी रह चुके हैं.

  • उत्तर प्रदेश के नए मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र लखनऊ पहुंचे।
  • भारत निर्वाचन आयोग की बैठक में हिस्सा लिया ।

लखनऊ: उत्तरप्रदेश के नये मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र गुरुवार सवेरे लखनऊ पहुंचे और आते ही उन्होंने यहां अपनी कमान सम्भाल ली है। आज 11 बजे से हो रही भारत निर्वाचन आयोग की बैठक में भी मिश्र पहुंचे हुये हैं। उन्होंने चुनाव के दौरान कोविड प्रोटोकॉल के पालन और चुनौतियों से पार पाने का पूरा भरोसा आयोग को दिलाया है।

यूपी के नये मुख्य सचिव की कुर्सी पर बैठकर दुर्गा शंकर मिश्र ने सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम योगी का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि मुझे मेरे ही प्रदेश में कार्य करने का मौका मिला है, यह मेरा सौभाग्य है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि मैं दफ्तर में बैठकर नहीं, फील्ड पर जाकर काम करने वाला व्यक्ति हूं।

दुर्गा शंकर मिश्र ने कहा कि आज यूपी 17 लाख से ज्यादा लोगों को मकान दिए गए हैं। प्रदेश में सभी को मकान देने का बड़ा काम हुआ है। यूपी पहले पीछे हुआ करता था, लेकिन आज आज यूपी देश में विभिन्न पायदान पर आगे बढ़ा है।

नये मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने कहा कि यूपी के 100% शहर ओडीएफ हुए हैं। मैं सभी शहरों को ओडीएफ प्लस करूंगा।

क्या है ओडीएफ

केंद्र सरकार ने देश की जनता को हर तरह की सुविधा प्रदान करने के लिए कई तरह की योजनाओं की शुरुआत की है, जिसके माध्यम से लोगों को ज्यादा से ज्यादा राहत प्राप्त हो सके। इसी तरह सरकार ने एक ओडीएफ योजना की भी शुरुआत की थी। यह एक ऐसी योजना है, जिसमें लोगों को शौच के लिये बाहर जाने पर रोक लगाने के लिए जरूरी सुविधायें प्रदान की गईं, क्योंकि देश में अधिकतर ऐसे लोग थे, जो बाहर खुले में शौच के लिए जाते थे।

चुनाव के दौरान कोविड प्रोटोकॉल का पूरा पालन

दुर्गा शंकर मिश्र ने आगे कहा कि यूपी में चुनाव होने वाले हैं। मैंने इलेक्शन कमीशन को आश्वस्त किया है कि इससे पहले सभी कर्मियों और अफसरों का वैक्सिनेशन कर दिया जायेगा। इसके अलावा यह आश्वासन भी दिया है कि चुनाव के दौरान कोविड प्रोटोकॉल का पूरा पालन किया जायेगा।

दुर्गा शंकर मिश्र ने आगे कहा कि यूपी में चुनाव होने वाले हैं। मैंने इलेक्शन कमीशन को आश्वस्त किया है कि इससे पहले सभी कर्मियों और अफसरों का वैक्सिनेशन कर दिया जायेगा। इसके अलावा यह आश्वासन भी दिया है कि चुनाव के दौरान कोविड प्रोटोकॉल का पूरा पालन किया जायेगा।

मिश्र ने आगे कहा कि यकीनन कोरोना काल की तीसरी लहर के दौरान यूपी के चुनाव कराना स्वास्थ्य को लेकर हमारे लिए चुनौती साबित होगा। इस चुनौती से लड़ते हुये मैं कोरोना वैक्सिनेशन को तेजी से बढ़ाऊंगा। उन्होंने माना कि यूपी में पिछले साढ़े 4 साल में बड़ा परिवर्तन हुआ है। मैं इस दौरान पूरे यूपी का दौरा करूंगा। अफसरों के साथ रिव्यू मीटिंग करूंगा ताकि उनकी समीक्षा खुद भी कर सकूं।

मिश्र को सीधे केंद्र से त्वरित गति के फैसले के बाद खुद नरेंद्र मोदी ने भेजा

बता दें कि मिश्र को सीधे केंद्र से त्वरित गति के फैसले के बाद खुद नरेंद्र मोदी ने भेजा है। यह फैसला उन्होंने कानपुर मेट्रो उद्घाटन के बाद मौसम खराब होने की वजह से सड़क मार्ग से वापस दिल्ली लौटते वक्त लिया।

बता दें कि जाति से ब्राह्मण मिश्र को मोदी के काफी करीब माना जाता है, जबकि योगी आदित्यनाथ के करीबियों में वे शामिल नहीं हैं। इस वक्त यूपी में ब्राह्मण जिस तरह योगी से दूरी की वजह से बीजेपी से भी दूर हो चुके हैं, उन्हें लेकर पार्टी ने एक गुप्त फाइल केंद्र के पास भेजी थी, उसके बाद ही आनन फानन में यह निर्णय लिया गया और आज प्रदेश के नये मुख्य सचिव के रूप में दुर्गा शंकर मिश्र ने पदभार संभाल लिया है।

यकीनन बीजेपी और नरेंद्र मोदी किसी भी कीमत पर नहीं चाहते कि यूपी में वे सत्ता से बाहर हो जायें। यह सब उसी क्रम में की जा रही कोशिशों का नतीजा है।

यकीनन रिटायर्ड आईएएस का यह ट्वीट बहुत कुछ कहता है। मानो कोई कहानी बयां करने की कोशिश कर रहा हो। बीजेपी में अंदरखाने काफी कुछ हो रहा है, जो खुद योगी आदित्यनाथ को भी मालूम नहीं हो पा रहा। अब देखना यह है कि बीजेपी को अपनी इस नई चाल का यूपी चुनावों में कितना फायदा हो पाता है।

रिटायर्ड IAS अफसर सूर्य प्रताप सिंह ने बुधवार को ही अपने ट्वीटर हैंडल पर लिखा, आज लखनऊ की सियासत में बड़ा घटनाक्रम घटित हुआ है। नए चीफ सिक्रेटरी DS मिश्र सीधे केंद्र से लाए गए हैं, योगी जी और उनकी पूरी टीम आज सदमे में है।

बहुतों के दिल के अरमान आज आंसुओं में बह गए हैं।

भाजपा के एक ख़ेमे द्वारा PMO तक पहुँचाई गयी एक ‘गुप्त फाइल’ ने अपना काम कर दिया है।

यकीनन रिटायर्ड आईएएस का यह ट्वीट बहुत कुछ कहता है। मानो कोई कहानी बयां करने की कोशिश कर रहा हो। बीजेपी में अंदरखाने काफी कुछ हो रहा है, जो खुद योगी आदित्यनाथ को भी मालूम नहीं हो पा रहा। अब देखना यह है कि बीजेपी को अपनी इस नई चाल का यूपी चुनावों में कितना फायदा हो पाता है।

कौन हैं 1984 बैच के आईएएस दुर्गाशंकर मिश्र

आगामी विधानसभा चुनाव 2022 से ठीक पहले बुधवार को सीनियर IAS दुर्गाशंकर मिश्र को राज्य का मुख्य सचिव नियुक्त करने का बड़ा फैसला किया है. इसके बाद से ही लोग मिश्र के बारे में जानने को उत्सुक हो रहे हैं. आइए, हम आपको बताते हैं कौन हैं 1984 बैच के आईएएस दुर्गाशंकर मिश्र. अब तक भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार के लिए विभिन्न प्रमुख पदों पर कार्य किया है—

दुर्गाशंकर मिश्र भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) उत्तर प्रदेश कैडर 1984 बैच के अधिकारी हैं. वह भारत के वर्तमान आवास और शहरी मामलों के सचिव हैं. साथ ही, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) के अध्यक्ष भी हैं. दुर्गा शंकर मिश्र का जन्म 4 दिसंबर 1961 को हुआ है.

प्रमुख सचिव (नियुक्ति और कार्मिक), सचिव (कर और पंजीकरण), सचिव (स्वास्थ्य और परिवार कल्याण), उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम (SDCFC) के प्रबंध निदेशक, जिला मजिस्ट्रेट और कलेक्टर आगरा और सोनभद्र जिला, कानपुर विकास प्राधिकरण और नगरपालिका आयुक्त में जिला उपाध्यक्ष, कानपुर में उत्तर प्रदेश सरकार केंद्रीय आवास और शहरी मामलों में सचिव, शहरी विकास मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव, खान मंत्रालय में संयुक्त सचिव, गृह मंत्रालय में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के मुख्य सतर्कता अधिकारी के रूप में भी शामिल रहे हैं.

यूपी के मऊ में जन्मे दुर्गा शंकर मिश्र ने आईआईटी कानपुर से पढ़ाई की है. वे मऊ जनपद के रहने वाले हैं. दुर्गाशंकर मिश्र आगरा और सोनभद्र समेत कई जनपदों के जिलाधिकारी भी रह चुके हैं. 21 जून 2017 को उन्हें शहरी मामलों के सचिव के तौर पर नियुक्त किया गया था. यूपी में मिश्र नियुक्ति एवं कार्मिक, कर एवं पंजीकरण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण में भी सेवा दे चुके हैं.

मिश्रा बीटेक में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग आईआईटी कानपुर से स्नातक हैं. उनके पास एमबीए की डिग्री भी है. दुर्गाशंकर मिश्र पश्चिमी सिडनी विश्वविद्यालय और अंतर्राष्ट्रीय सामाजिक अध्ययन संस्थान में मेंटर की भूमिका निभा चुके हैं.

उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं और सीएम योगी की सरकार की इसमें कड़ी परीक्षा भी हो रही है. विरोधी दल दुर्गाशंकर मिश्र की नियुक्ति पर सियासी टिप्पणी करने लगे हैं.

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