भारत की दो बेटियों का कमाल, ढूंढ डाली एक खतरनाक ग्रहिका

 
-पंकज प्रसून
 
भारत की दो स्कूली लड़कियों ने एक ऐसी ग्रहिका यानी ऐस्ट्रायड खोज निकाली है जो फिलहाल तो मंगल ग्रह की कक्षा में है लेकिन दस लाख साल बाद अपना रास्ता बदल कर धरती की ओर आ सकती है. दोनों लड़कियां गुजरात के सूरत की हैं और दसवीं की छात्रा हैं. उन्होंने उस ग्रहिका का नाम HLV2514 रखा है. वे स्कूल में विज्ञान का प्रोजेक्ट कर रही थीं. स्पेस इंडिया और नासा के संयुक्त प्रयास से चलने वाले उस प्रोजेक्ट में अमेरिका के हवाई विश्वविद्यालय में स्थापित पैन स्टार टेलिस्कोप से प्राप्त तस्वीरों को विश्लेषण और अध्ययन के लिये छात्रों को उपलब्ध कराया जाता है.
 
इन दोनों होनहार लड़कियों के नाम हैं राधिका लखानी और वैदेही वीकारिया . वैदेही पंद्रह वर्षों की है. उसने बताया कि जून महीने में उन लोगों ने प्रोजेक्ट शुरू किया था.कुछ सप्ताह पहले अपने निष्कर्षों को नासा के पास भेज दिया था.
 
23 जुलाई को नासा ने सत्यापित किया कि उनकी खोज सही है. प्रोजेक्ट के सुपरवाइजर थे अशोक द्विवेदी जो स्पेस इंडिया के सीनियर एडुकेटर और ऐस्ट्रोनोमर हैं. उन्होंने बताया कि दस लाख साल बाद वह ग्रहिका धरती के नजदीक आ जायेगी.हालांकि धरती और चांद से दस गुना अधिक दूरी पर रहेगी कोरोना संकट के कारण स्कूल में इन बच्चियों की इस उपलब्धि का जश्न नहीं मनाया जा सका . इन दोनों को हमारी ओर से बधाई.
पंकज प्रसून

 

 
वरिष्ठ पत्रकार

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