राजधानी दिल्ली में अब पॉल्यूशन लॉकडाउन ही एकमात्र सॉल्यूशन!

सुप्रीम कोर्ट की लताड़ के बाद दिल्ली सरकार ने एक हफ्ते तक स्कूल, कॉलेज बंद और आफिस में वर्क फ्रॉम होम अपनाने के लिए कहा।

सुप्रीम कोर्ट से शनिवार को मिली जबरदस्त लताड़ के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राजधानी में गंभीर वायु प्रदूषण से निपटने के लिए आपात बैठक बुलाई। बैठक के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राजधानी में एक हफ्ते के लिए स्कूल बंद करने का ऐलान किया। साथ ही कहा कि दिल्ली में निर्माण कार्य 14 से 17 तक पूरी तरह से बंद रहेंगे। इसके अलावा सरकारी दफ्तर भी एक हफ्ता बंद रहेंगे।

मीडिया स्वराज डेस्क

देश में मंत्री और नेतागण तब तक खुद से कोई संज्ञान नहीं लेते, जबतक कि सुप्रीम कोर्ट किसी भी मामले को गंभीरता से न उठाये या उस मुद्दे को लेकर उन्हें जबरदस्त फटकार न लगाये या फिर कोई तीखी टिपण्णी न करे। कुछ ऐसा ही हुआ आज भी, जब शनिवार की सुबह सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र व राज्य सरकारों को राजधानी दिल्ली की जहरीली हवा को सुधारने के लिए कोई जरूरी कदम उठाते हुए नहीं पाया। सुप्रीम कोर्ट ने खुद ही यह सुझाव दिया कि त्वरित कार्रवाई के लिए राजधानी में कुछ दिनों के लिए लॉकडाउन क्यों न लगा दिया जाय! साथ ही, कोर्ट ने राज्य सरकार को इस मामले में फौरन बैठक का आयोजन कर अगले कदम की घोषणा करने और सोमवार तक इस पर रिपोर्ट तैयार कर कोर्ट को सौंपने का निर्देश भी दिया।

राजधानी दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने मामले में तेजी दिखाई और दोपहर तक सरकार ने बैठक कर त्वरित हल निकालने के प्रयास किये।

इसके बाद ​राजधानी दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने मामले में तेजी दिखाई और दोपहर तक सरकार ने बैठक कर त्वरित हल निकालने के प्रयास किये। बैठक के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राजधानी में एक हफ्ते के लिए स्कूल बंद करने का ऐलान किया। साथ ही कहा कि दिल्ली में निर्माण कार्य 14 से 17 तक पूरी तरह से बंद रहेंगे। इसके अलावा सरकारी दफ्तर भी एक हफ्ता बंद रहेंगे। दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण स्तर को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक के बाद सीएम केजरीवाल ने कहा, प्राइवेट सेक्टर में एडवाइजरी जारी की जाएगी कि वहां भी ज्यादा से ज्यादा लोगों को वर्क फ्रॉम दिया जाए।

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि ये निर्णय प्रदूषण के हालात को लेकर आज बुलाई गई बैठक में लिया गया। स्कूलों में अवकाश घोषित करने को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा कि ये निर्णय बच्चों के हित में लिया गया। बच्चे प्रदूषित हवा में सांस ना लें, इसे देखते हुए स्कूलों में अवकाश का निर्णय लिया गया। उन्होंने ये भी साफ किया कि इस अवधि में ऑनलाइन क्लास का संचालन किया जा सकता है। बैठक में डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया, पर्यावरण मंत्री गोपाल राय, स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन और दिल्ली के मुख्य सचिव भी शामिल थे।

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इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण में बढ़ोतरी को ‘आपातकालीन स्थिति’ करार दिया। साथ ही जोर देकर कहा कि महत्वपूर्ण उपाय किए जाने की आवश्यकता है। शीर्ष अदालत ने दिल्ली में स्कूल खोले जाने का भी संज्ञान लिया और अधिकारियों से कहा कि वे तत्काल दिल्ली में वाहनों की संख्या कम करने और लॉकडाउन जैसे उपाय करें। बता दें कि अदालत ने केंद्र और दिल्ली सरकार से प्रदूषण कम करने के लिए तत्काल कदम उठाने और सोमवार को रिपोर्ट देने को कहा है।

शीर्ष अदालत ने दिल्ली में स्कूल खोले जाने का भी संज्ञान लिया और अधिकारियों से कहा कि वे तत्काल दिल्ली में वाहनों की संख्या कम करने और लॉकडाउन जैसे उपाय करें।

IIT दिल्‍ली के सेंटर ऑफ एक्‍सीलेंस फॉर रिसर्च ऑन क्‍लीन एयर (CERCA) ने शुक्रवार को एक स्‍टडी जारी की है। इसके अनुसार, स्‍कूल और कॉलेजों को इनडोर वायु प्रदूषण का ज्‍यादा खतरा है क्‍योंकि उनमें ठीक से वेंटिलेशन नहीं होता। रिपोर्ट में कहा गया है कि स्‍कूल और कॉलेजों में PM10 और PM2.5 कणों का स्‍तर विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (WHO) से कहीं ज्‍यादा है।

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PTI के अनुसार, लोधी रोड, दिल्ली विश्वविद्यालय, आईआईटी दिल्ली, पूसा रोड और दिल्ली हवाई अड्डे पर एक्यूआई क्रमश: 489, 466, 474, 480 और 504 रहा। नोएडा और गुरुग्राम में एक्यूआई क्रमश: 587 और 557 दर्ज किया गया। बता दें कि शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 से 100 के बीच में ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 से 300 तक ‘खराब’, 301 से 400 के बीच में ‘बेहद खराब’ तथा 401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ माना जाता है।

प्राधिकारियों ने शुक्रवार को लोगों को घरों से बाहर जाने से बचने की सलाह दी है। सरकारी और निजी कार्यालयों को राष्ट्रीय राजधानी में गंभीर वायु प्रदूषण के कारण वाहनों के उपयोग को 30 प्रतिशत तक कम करने का निर्देश दिया गया है।

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