नागरिक पत्रकार और खबर

पहले पैराग्राफ में प्रमुख बात आनी चाहिए

नागरिक पत्रकार और ख़बर. पंचू काका बता रहे हैं कि खबर और पत्रकार का संबंध उतना ही गहरा है जितना फूल और सुगंध का, दिया और बाती का।

ख़बर के बारे में बताते हुए वो कहते हैं कि यह सच है कि हर ख़बर कोई न कोई घटना होती है लेकिन हर घटना ख़बर हो यह ज़रूरी नही। रोजमर्रा की छोटी मोटी घटनाएं खबर नही बनती जैसे सास बहू का झगड़ा, भाइयों की आपसी कहा सुनी वगैरह।

कोई घटना ख़बर तब बनती है जब उसमें कुछ विशेषता हो, जब उसका प्रभाव बड़ा हो। सामाजिक सरोकार से जुड़ी घटनाएं हों, ऐसी छोटी सी घटना भी खबर बन जाती है।

ख़बर लिखना एक कला है। खबर लिखते समय ध्यान रहे कि ख़बर संक्षेप में हो और साथ ही उसमें आवश्यक सारी बातों का समावेश हो।

इसलिए कहा जाता है कि ख़बर लिखने में फाइव डब्लू वन एच का ध्यान रखा जाए। यानि व्हाट, व्हेयर, व्हाई, व्हेन, व्हूम, और हाऊ प्रश्नों के उत्तर ख़बर में होने चाहिए।

खबर लिखते समय पहले पैराग्राफ में प्रमुख बात आनी चाहिए जिसे इंट्रोडक्शन कहा जाता है और बाकी के पैराग्राफों में ख़बर का विस्तार होता है।

यह जरूर ध्यान रखना चाहिए कि सुनी सुनाई बातों को खबर का आधार न बनाया जाए बल्कि तथ्यों की पड़ताल करके ही पोस्ट डाली जाए।

यह सही है कि पत्रकारिता विद्यालय लेखन कला आदि की शिक्षा देते हैं पर नागरिक पत्रकार धीरे धीरे यह दक्षता काम करते हुए हासिल कर सकते हैं कहा भी जाता है कि काम काम को सिखाता है।

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