कोरोना के साथ अब बर्ड फ्लू से भी लड़ना है…

अभी कोरोना से ठीक से लड़ना भी नही सीखा था कि एक और वायरस H5N1 एवियन इन्फ्लूएंजा अथवा बर्ड फ़्लू ने हडकंप मचा दिया है । राजस्थान , केरल, हरियाणा और मध्य प्रदेश के बाद अब बर्ड फ्लू का की बीमारी हिमाचल प्रदेश में भी देखने को मिली.

पिछले सप्ताह बर्ड फ्लू के मामलों की पुष्टि केवल केरल में दिखी थी ,लेकिन अब यह हिमाचल प्रदेश में भी फ़ैल गया है। राजस्थान, केरल, हरियाणा और मध्य प्रदेश में एक ही वायरस पाए जाने के बाद ऐसा हुआ है जिसके कारण हरियाणा में लाखों मुर्गे मर गए थे।

बर्ड फ्लू के कारण हेडेड गीज़ की मौत

हिमाचल प्रदेश में प्रवासी पक्षियों की मौत हुई है । मध्य प्रदेश में भी पिछले एक सप्ताह में सैकड़ों कौवे मृत पाए गए, जिसके बाद यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि सारे पक्षियों की मृत्यु का कारण एक ही है।

हिमाचल प्रदेश राज्य के पोंग डैम झील में लगभग एक सप्ताह में 1,800 प्रवासी पक्षियों की मौत हो गई और अब अधिकारियों का मानना है कि यह H5N1 एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस के कारण हुआ था जिसके कारण अब एक 10 किलोमीटरके एरिया में अलर्ट ज़ोन घोषित किया गया है, जहाँ अंडे की बिक्री की बन्द कर दी गई है और मुर्गी बाज़ार भी बंद कर दिया गया है।

बर्ड फ्लू से जो पक्षी मरे हैं उनमें से ज्यादातर पक्षी बार हेडेड गीज़ थे। पोंग डैम झील के 1 किलोमीटर के दायरे में पर्यटकों के साथ साथ स्थानीय लोगों का आवागमन पर रोक लगा दिया गया है। इस आदेश में एहतियात के तौर पर झील के 1 किलोमीटर के दायरे में जानवरों के चरने पर भी पाबंदी लगाई गई है ताकि बर्ड फ्लू से उनको बचाया जा सके।

बरवाला में कम से कम 20 पोल्ट्री फार्मों में मौतें हुईं।

मध्य प्रदेश में बर्ड फ्लू के कारण जो कौवे मरे थे उनका सैंपल लिया गया था और अब मृत कौवे पॉजिटिव H5N1 एवियन इन्फ्लूएंजा के लिए सकारात्मक परीक्षण में पाया गया है। इंदौर, मंदसौर, आगर मालवा और खरगोन सहित कई जिलों में कौवों की मौतें हुई हैं।

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पशुपालन विभाग के मनीष इंगोले ने बताया, ” बर्ड फ्लू का पता राज्य प्रयोगशाला में भेजे गए मृत कौवे के चार नमूनों में लगा है।” मंदसौर में 23 दिसंबर से 3 जनवरी के बीच लगभग 100 कौवों की मौत हो गई थी वजह पहले नहीं समझ आय लेकिन जब सैंपल लिया गया तो पता चला की कौवो की मौत बर्ड फ्लू के कारण हुई थी। मेडिकल टीम ने संक्रमित क्षेत्र के 1 किलोमीटर के दायरे में निगरानी करने के लिए आदेश दिया है साथ ही उस इलाके में जाने से मना भी किया है ताकि बर्ड फ्लू को रोका जा सके।

23 दिसंबर से 3 जनवरी के बीच चार जिलों में लगभग 367 कौवे मर गए हैं।

राजस्थान में बर्ड फ्लू का अलर्ट

पक्षियों की मौतें 25 दिसंबर के आसपास शुरू हुई। जब से राज्य में पक्षियों की अधिक से अधिक मौतें हुई हैं, तब से अधिकारियों ने बर्ड फ्लू की चेतावनी दी है। राजस्थान, केरल, हरियाणा और मध्य प्रदेश में ही नही बल्कि झालावाड़, कोटे, बारां, पाली, जोधपुर और जयपुर जिलों से लगभग 250 कौवे मर गए हैं। लोगो से कहा गया है ज्यादा से ज्यादा एहतियात बरतने की आवश्यकता है साथ ही एहतियात के तौर पर झालावाड़ जिले के बालाजी क्षेत्र में 1 किमी के दायरे में धारा 144 लगाई गई थी।

भोपाल में कुछ दिन पहले बहुत सारे बत्तख अचानक से मर गए जिसके कारण जानने के लिए राज्य ने मरे हुए बत्तखों की मौत के नमूने लिए जिसमे से पांच नमूनों में बर्ड फ्लू के लिए सकारात्मक परीक्षण किया गया है। बर्ड फ्लू काफी रफ़्तार से बढ़ रहा है।

बर्ड फ्लू से खतरा इंसानों को भी है

इंसानों में लक्षण – सांस लेने में समस्या, उल्टी होने का एहसास, बुखार, नाक बहना, मांसपेशियों, पेट के निचले हिस्से और सिर में दर्द रहना

बचने के उपाय – “ संक्रमण वाले इलाके में फैला है तो नॉनवेज खरीदते वक्त साफ-सफाई रखें और संक्रमित एरिया में मास्क लगाकर ही जाएं. “

जानकारों का कहना है कि अंडों से दूरी बनाए रखने में ही समझदारी है.

कोरोना के बाद अब बर्ड फ़्लू
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