भारत में क्यों बढ़ती जा रही है अमीर-गरीब की खाईं

भारत में क्यों हो रहा है आर्थिक केंद्रीकरण (economic centralization) और बढ़ रही है अमीर गरीब की खाईं.

भारत में क्यों हो रहा है आर्थिक केंद्रीकरण (economic centralization) और बढ़ रही है अमीर गरीब की खाईं. चर्चा में शामिल हैं प्रो आनंद कुमार JNU दिल्ली, लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रो अरविंद मोहन दिल्ली से पंकज कुमार आक्सफैम की ताजा रिपोर्ट देश में आर्थिक तरक्की की विद्ूप तस्वीर पेश कर रही है।

ताजा रिपोर्ट में जो आंकड़े पेश किए गए हैंं वह गंभीर चिंता पैदा कर रहे हैं। कोरोनाकाल में जहां आम इंसान त्रस्त रहा, बीमारियों से जूझता रहा, अस्पताल में बेड और आक्सीजन के लिए संघर्ष करता रहा, अंतिम संस्कार के लिए श्मसान और कब्रिस्तान में कुछ गज जमीन के लिए जूझता रहा वहीं देश में अमीरों की तिजोरी भरती चली गई।

इन हालातों के लिए किसे जिम्मेदार माने? यूपी में चुनाव करीब है और केंद्र का बजट भी आने वाला है ऐसे में यह संवाल बेहद संजीदा है? क्या देश की आर्थिक नीतियां इसके लिए जिम्मेदार नहीं है। एक तरफ पांच ट्रिलियन इकॉनामी का ख्वाब बुना जा रहा है तो दूसरी ओर गरीब और गरीब होता जा रहा है..लेकिन देश की सियासत इन सवालों से मुंह मोड़ती हुई दिख रही है..वे कुछ और सवालों को प्रमुखता से उभार कर सत्ता के सिंहासन तक पहुंचने का रास्ता बनाने की कोशिश में लगे हैं..एक दिलचस्प और अहम चर्चा..

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