व्हाट्सऐप की नीतियों में बदलाव : निशाने पर तीन खरब डॉलर

व्हाट्सऐप WhatsApp की नीतियों में बदलाव को लेकर भारत समेत समूची दुनिया में गहरी आशङ्का है।ये नीतियाँ 9 फ़रवरी से लागू होनी हैं. डा मत्स्येन्द्र प्रभाकर का शोधपूर्ण लेख

सतर्क सञ्चार प्रेमियों के बीच लगभग पखवारे भर से एक हौव्वा (जिसे कहीं-कहीं ‘हाबू’ कहते हैं) फैला हुआ है। यह ‘काल्पनिक भय’ 9 फ़रवरी से लागू होने जा रहीं व्हाट्सऐप की नीतियों में बदलाव को लेकर है। इससे भारत समेत समूची दुनिया में गहरी आशङ्का है। इस क़दम से सर्वाधिक आहत वे लोग हैं जो संलाप (चैटिंग) के अलावा किसी को अपने दस्तावेज़ आदि फ़ौरन और मुफ़्त भेजने, बिना शुल्क वॉइस व वीडियो कॉलिंग और अन्य मक़सद से व्हाट्सऐप का इस्तेमाल बरसों से करते आये हैं।

हालाँकि व्हाट्सऐप WhatsApp ने अख़बारों में बड़े- बड़े विज्ञापन देकर सफ़ाई दी है कि उसकी नीतियों में बदलाव से लोगों की निजता के अधिकार पर फ़र्क़ नहीं पड़ेगा.

आईफ़ोन पर सशुल्क था व्हाट्सऐप…

दरअसल, तत्क्षण सन्देश सुविधा प्रदाता (इन्स्टैण्ट मैसेजिंग ऐप ऑपरेटिंग) कम्पनी WhatsApp व्हाट्सऐप ने अपने उपयोगकर्ताओं (यूजर्स) की निजी जानकारियाँ व्यावसायिक भागीदारों के साथ साझा करने की घोषणा की है। अभीतक व्हाट्सऐप यूजर्स की कोई सूचना शेयर करना तो दूर, उसे ‘सेव’ (जमा) तक नहीं करता था। 13 फ़रवरी 2020 के आँकड़ों के मुताबिक़ दुनियाभर में व्हाट्सऐप के 2 अरब से अधिक ‘यूजर्स’ थे। इसकी लोकप्रियता का अन्दाज़ा इस बात से लगा सकते हैं कि एक दिन में इसके यूजर्स औसतन 23 या, अधिक बार इसे खोलते हैं। यह हालत तब है जबकि दुनिया की आबादी का पाँचवाँ हिस्सा समेटे चीन और संयुक्त अरब अमीरात, ईरान, सीरिया व क्यूबा में व्हाट्सऐप प्रतिबन्धित है। व्हाट्सऐप यूजर्स से कोई शुल्क नहीं लेता लेकिन प्रारम्भ में आईफ़ोन से व्हाट्सऐप चलाने वालों से यह एक डॉलर लेता था। यह सुविधा-शुल्क 2016 में समाप्त कर दिया गया।

‘नासा’ से अधिक है बाज़ार मूल्य

5 जनवरी 2021 को व्हाट्सऐप ने अपनी नीति में परिवर्तन का ऐलान किया तो दुनिया भर में लोग, ख़ासकर सूचना-सन्देश जैसी सञ्चार सेवाओं का उपयोग करने वाले हड़कम्प में आ गये। उनकी निजता (प्राइवेसी) को लेकर बहस छिड़ गयी। चूँकि ‘साइबर क्राइम’ (सञ्चार सेवाओं के ज़रिये अपराध) पूरी दुनिया में नित-नये स्वरूप में विकसित हो रहा है इसलिए यूजर्स का निजता को लेकर सशङ्कित होना लाज़िमी है; लेकिन नयी पॉलिसी के पीछे बहुत बड़ा व्यापारिक लक्ष्य है।

इसकी वज़ह WhatsApp व्हाट्सऐप और इसकी मालिक कम्पनी ‘फ़ेसबुक इंक’ की दुनिया में सर्वाधिक लोगों तक सीधी पहुँच है। उल्लेख आवश्यक है कि विश्व में हर तीसरा आदमी फ़ेसबुक चलाता है। इसके यूजर्स 24 घण्टे में 60 अरब सन्देश भेजते हैं। यह आँकड़ा भी पिछले वर्ष फ़रवरी का है। तब दुनिया में कुल 2 अरब, 41 करोड़ से अधिक लोग फ़ेसबुक इस्तेमाल कर रहे थे। इनमें 200 करोड़ लोग व्हाट्सऐप चला रहे थे। व्हाट्सऐप की ‘मार्किट वैल्यू’ 19 जुलाई 2020 को कुछ देशों की जीडीपी से कहीं अधिक 50.7 बिलियन डॉलर थी। इस मामले में विश्व की प्रमुख अन्तरिक्ष कम्पनी ‘नासा’ तक व्हाट्सऐप से पीछे है।

दो बिजिनेस प्लेटफ़ॉर्म पहले से…

=व्हाट्सऐप
व्हाट्सऐप

व्हाट्सऐप की शुरुआत 2009 में हुई। इसके पहले एप्पल का एक आईफ़ोन सेट खरीदने वाले जेन कूम ने पश्चिमी सैन ज़ोश शहर में अपने रूसी मूल के मित्र एलेक्स फिशमैन के घर इस ऐप को विकसित करने पर कई दौर में विचार किया था। कालान्तर में कूम ने एक और मित्र अमेरिका के ब्रायन एक्टन की मदद से अपने विचार को अंज़ाम दिया। कुछ समय बाद ‘वेञ्चर कैपिटलिस्ट’ जिम गोएट्ज भी इसमें शामिल हो गये। 19 फ़रवरी, 2014 को फ़ेसबुक ने 19 अरब डॉलर में व्हाट्सऐप को खरीद लिया। 2015 में व्हाट्सऐप परिवर्द्धित रूप में भारत आया। आज यहाँ इसके लगभग 45 करोड़ नियमित उपयोगकर्ता हैं। अलबत्ता, व्हाट्सऐप अपने ब्राण्ड के प्रचार पर कोई ख़र्च नहीं करता। इसके विपरीत, इसने 2015 में दो ‘बिजिनेस प्लेटफ़ॉर्म’ बना लिये। इनमें छोटी बिजिनेस कम्पनियों के लिए “व्हाट्सऐप बिजिनेस” जबकि बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के लिए “व्हाट्सऐप बिजिनेस एपीआई” है।

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310 अरब डॉलर व्यापार का लक्ष्य

2 अगस्त, 2019 की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में 116.1 करोड़ लोग मोबाइल फ़ोन उपयोग कर रहे थे। इनमें क़रीब 10 करोड़ लोग ऐसे थे जिनके पास 2 या अधिक मोबाइल थे। देश में कुल इण्टरनेट इस्तेमाल करने वालों की संख्या 63.67 करोड़ थी। इनमें शहरी क्षेत्र में 40.97 करोड़ और ग्रामीण क्षेत्र में 22.70 करोड़ लोग इण्टरनेट चला रहे थे। इसके बाद ‘जियो’ लोकप्रिय हुआ और अनुमान है कि अब इण्टरनेट प्रयोग करने वालों की संख्या 70 करोड़ पार कर गयी है। भारत समेत दुनिया के 2 अरब लोग और इनके ज़रिये अनुमानित 3.1 ख़रब डॉलर का व्यापार बढ़ाने का मोबाइल निर्माता तथा सञ्चार कम्पनियों का लक्ष्य है। इसकी पुष्टि एक जानकार और प्रमुख मोबाइल निर्माता कम्पनी के वरिष्ठ अधिकारी ने अपनी बातचीत में की है।

विश्वास को बनाया निवेश असेट

नि:सन्देह व्हाट्सऐप WhatsApp ने फ़ेसबुक के बाद दुनिया को एक-दूसरे से जोड़ने में सर्वाधिक मदद की है।
सूचनाओं/तस्वीरों के प्रवाह में यह दुनिया का सबसे तीव्रतर और सशक्त माध्यम साबित हुआ है। इसकी विश्वसनीयता और तीव्रता से ही विश्वभर में 2 हज़ार मिलियन से ज़ियादा लोग व्हाट्सऐप का इस्तेमाल करते हैं। व्हाट्सऐप के अधिकारी इसे निवेश बताते हैं। इसके मद्देनज़र व्हाट्सऐप
की मालिक कम्पनी (फ़ेसबुक इंक) ने अपने ‘अथाह संसाधन’ (उपयोगकर्ताओं) का व्यावसायिक लाभ उगाहने की योजना बनायी है। इसी ख़ातिर कम्पनी व्हाट्सऐप नीतियों में बदलाव ने नीति बदलते हुए यूजर्स की निजी जानकारियाँ परोक्षत: बाज़ार में उतारने की मंशा पाली है। हालाँकि भारत में इस प्रकरण को ‘कैट’ ने गम्भीरता से लेते हुए भारत में व्हाट्सऐप बन्द करने तक की चेतावनी दी है। दूसरी तरफ़ निजता के पैरोकारों का मानना है कि भारत सहित दुनिया के व्हाट्सऐप यूजरों को निजता बचाने को यह ऐप छोड़ देना चाहिए।

विकल्प अपनाने लगे यूजर्स

व्हाट्सऐप के ज़रिये अपनी निजता भङ्ग होने से बचाने के लिए इसके यूजर्स दूसरे ऐप्स अपनाने की ओर उन्मुख होने लगे हैं। व्हाट्सऐप नीति बदलने के ऐलान के बाद रोज़ाना बड़ी तादाद में लोग इसको छोड़ते हुए सिग्नल (Signal) या, टेलीग्राम (Telegram) की तरफ़ बढ़ रहे हैं। 13 जनवरी की सुबह 9 बजे तक बीते 72 घण्टों में 25 मिलियन यूजर्स ने टेलीग्राम डाउनलोड किया। टेलीग्राम के संस्थापक पावेल दुरोव बताते हैं कि ‘टेलीग्राम’ के मासिक सक्रिय उपयोगकर्ताओं की संख्या 50 करोड़ (500 मिलियन) से ज्यादा हो गयी है।

ये होती हैं निजी जानकारियाँ

व्हाट्सऐप WhatsApp की ‘प्राइवेसी पॉलिसी’ बदलने से इसका उपयोग करने वालों की निजता ‘बाज़ारू माल’ की तरह हो जाएगी जिसे कोई पैसे वाला अथवा, तकनीक का माहिर आदमी पा सकता है। नयी पॉलिसी के अन्तर्गत व्हाट्सऐप अपने यूजर्स का डाटा फ़ेसबुक समेत सभी ‘थर्ड पार्टी’ ऐप्स के साथ साझा करेगा। इसमें यूजर्स के स्थान की जानकारी, आईपी एड्रेस, टाइम जोन, फ़ोन मॉडल, ऑपरेटिंग सिस्टम, बैटरी लेवल, सिग्नल स्ट्रेन्थ, ब्राउजर, मोबाइल नेटवर्क, आईएसपी, भाषा, टाइम जोन, आईएमईआई (IMEI) नम्बर के साथ उपयोगकर्ता कितने सन्देश (मैसेज) या कॉल कर रहा है, उसकी प्रोफाइल फोटो, लास्ट सीन, स्टेटस, ग्रुप काउण्ट जैसे डाटा शामिल हैं। अपनी नीति घोषित के तहत व्हाट्सऐप यूजर्स का जो डाटा लेगा उसमें फोन नम्बर, चैटिंग, फोटो और वीडियो तो होंगे ही, फ़ोन से होने वाली सभी भुगतान की जानकारी भी होगी। यह बड़ा ख़तरा है। व्हाट्सऐप ने ख़ुद स्पष्ट किया है कि अपने किसी उपयोगकर्ता सम्बन्धी जानकारी वह फ़ेसबुक
और इन्स्टाग्राम के साथ साझा करेगा। अगर यूजर्स ने इस पॉलिसी को सहमति नहीं दी तो उनका एकाउण्ट ‘डिलीट’ कर दिया जाएगा।

निजी जानकारियों से कमाने की नीति

=बिजिनेस टार्गेट’
बिजिनेस टार्गेट’

व्हाट्सऐप WhatsApp नीतियों में बदलाव का यह कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि वह भागीदारों के साथ अपनी साझेदारी बढ़ाना चाहता है। इसके पीछे ‘बिजिनेस टार्गेट’ है। फ़ेसबुक ने पहले ही अपने वॉल तथा तमाम ‘एप्लीकेशन्स’ में विज्ञापनों की भरमार कर दी है। अब यह व्हाट्सऐप को सीधे फ़ायदे के लिए इस्तेमाल करना चाहता है। यूजर्स अपनी जो तमाम जानकारियाँ फ़ेसबुक पर खाता बनाते या, व्हाट्सऐप का इस्तेमाल करते हुए दर्ज़ करते हैं, उनका उपयोग व्हाट्सऐप का बिजिनेस बढ़ाने में सहायक होगा। इसी निमित्त व्हाट्सऐप पिछले कुछ दिनों से अपने यूजर्स को नयी ‘प्राइवेसी पॉलिसी’ स्वीकार करने की बाबत सन्देश भेज रहा है। कहा जा रहा है कि यदि यूजर्स ने नयी शर्तों को सहमति नहीं दी तो उनका एकाउण्ट 8 फ़रवरी के बाद मिटा दिया जाएगा। हालाँकि व्हाट्सऐप एकाउण्ट डिलीट होने पर भी उपयोगकर्ताओं का डाटा इस ऐप के सर्वर में ही रह जाएगा।

निजता को इस तरह बचाएँ...

अनेक लोगों को लगता है कि WhatsApp व्हाट्सऐप (व्हाट्सऐप की नीतियों) स्थापना को निरस्त यानी ‘अन-इन्स्टॉल’ करने से ही उनका एकाउण्ट डिलीट (हट/मिट/कट या रद) हो जाएगा। हक़ीकत में ऐसा नहीं होगा। इसके लिए उपयोगकर्ताओं को खुद अपना डाटा हटाना होगा। व्हाट्सऐप को फोन से डिलीट करने के लिए यूजर को कुछ तरीक़े अपनाने होंगे। इससे एकाउण्ट का सारा डाटा तो डिलीट होगा ही, व्हाट्सऐप डाटा भी हमेशा के लिए डिलीट कर सकते हैं।

कृपया इसे भी देखें : https://mediaswaraj.com/ram_mandir_versus_babri_mosque_dispute/

इसके लिए निम्नलिखित प्रक्रिया अपनानी होगी :-

  • सबसे पहले अपने फ़ोन में व्हाट्सऐप ऐप खोलना होगा। अगर एण्ड्रॉएड फ़ोन है तो उसमें ऊपर की तरफ दायीं ओर जो तीन डॉट्स होते हैं, उस पर टैप करना होगा ।
  • फिर कुछ विकल्प मिलेंगे। इनमें से एकाउण्ट विकल्प (ऑप्शन) पर क्लिक करना होगा।
  • फ़िर “डिलीट माय एकाउण्ट” विकल्प को दबाना होगा।
  • इसके बाद सामने एक नया पेज खुलेगा। इसमें फ़िर से “डिलीट माय एकाउण्ट” पर टैप करना होगा।
  • फिर डिलीट बटन दबाने से पहले इसका कारण बताना होगा।
  • इसके बाद फिर से एक बार डिलीट माय एकाउण्ट को टैप करना होगा।
  • इसके बाद उपयोगकर्ता अपने डाटा की सुरक्षा को लेकर आश्वस्त हो सकते हैं।

डा मत्स्येन्द्र प्रभाकर

=Dr. Matsyendra Prabhakar
Dr. Matsyendra Prabhakar
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